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बाप ने ही बेटी को उतारा था मौत के घाट
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 26 Apr 2015 12:09 AM IST
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कौशाम्बी के बैगवां फतेहपुर गांव की किशोरी विजमा की हत्या उसके पिता ने ही अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर की थी। 20 फरवरी की रात हुए इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पिता और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के बैगवां फतेहपुर गांव के रहने वाले रामलखन की बेटी विजमा (14) की 20 फरवरी की रात खेत में हत्या कर दी गई थी। शाम करीब 6 बजे वह शौच के लिए खेत की ओर गई थी। देर तक उसके घर नहीं लौटने पर परिवार के लोग उसकी खोजबीन में निकले। रात करीब 10 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर खेत में उसकी अर्धनग्न लाश मिली थी। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। किशोरी की हत्या की खबर लगते ही मौके पर पहुंचे एसपी रतनकांत पांडेय ने एसओ को जल्द से जल्द घटना का खुलासा करते हुए हत्यारे की गिरफ्तारी का निर्देश दिया था। पर, दो महीने तक पुलिस किशोरी की हत्या का खुलासा करने में असफल रही। इससे खफा एसपी ने कौशाम्बी एसओ को लाइन हाजिर कर दिया था।
उनकी जगह आरबी कुशवाहा को एसएचओ बनाकर भेजा। कोतवाल ने किशोरी हत्याकांड की नए सिरे से छानबीन शुरू की। कोतवाल ने बताया कि तफ्तीश में घरवालों की ही भूमिका संदिग्ध लगी। बारीकी से छानबीन करने के बाद उन्होंने पिता रामलखन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बताया कि कर्रा करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर ली। बकौल कोतवाल रामलखन ने बताया कि उसकी बेटी का चाल चलन ठीक नहीं था। घटना की शाम भी जब वह खेत की ओर गई, तो उसे शक हुआ। वह भी चचेरे भाई के साथ पीछे-पीछे गया, तो एक युवक के साथ उसने उसे आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। यह देखते ही उसका खून खौल उठा। आहट पाकर युवक तो भाग निकला। पर, गुस्से में उसने बेटी को दबोचकर गला घोंट दिया। सांसें थम जाने के बाद उसे खेत में फेंक दिया था।
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कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के बैगवां फतेहपुर गांव के रहने वाले रामलखन की बेटी विजमा (14) की 20 फरवरी की रात खेत में हत्या कर दी गई थी। शाम करीब 6 बजे वह शौच के लिए खेत की ओर गई थी। देर तक उसके घर नहीं लौटने पर परिवार के लोग उसकी खोजबीन में निकले। रात करीब 10 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर खेत में उसकी अर्धनग्न लाश मिली थी। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। किशोरी की हत्या की खबर लगते ही मौके पर पहुंचे एसपी रतनकांत पांडेय ने एसओ को जल्द से जल्द घटना का खुलासा करते हुए हत्यारे की गिरफ्तारी का निर्देश दिया था। पर, दो महीने तक पुलिस किशोरी की हत्या का खुलासा करने में असफल रही। इससे खफा एसपी ने कौशाम्बी एसओ को लाइन हाजिर कर दिया था।
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उनकी जगह आरबी कुशवाहा को एसएचओ बनाकर भेजा। कोतवाल ने किशोरी हत्याकांड की नए सिरे से छानबीन शुरू की। कोतवाल ने बताया कि तफ्तीश में घरवालों की ही भूमिका संदिग्ध लगी। बारीकी से छानबीन करने के बाद उन्होंने पिता रामलखन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बताया कि कर्रा करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर ली। बकौल कोतवाल रामलखन ने बताया कि उसकी बेटी का चाल चलन ठीक नहीं था। घटना की शाम भी जब वह खेत की ओर गई, तो उसे शक हुआ। वह भी चचेरे भाई के साथ पीछे-पीछे गया, तो एक युवक के साथ उसने उसे आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। यह देखते ही उसका खून खौल उठा। आहट पाकर युवक तो भाग निकला। पर, गुस्से में उसने बेटी को दबोचकर गला घोंट दिया। सांसें थम जाने के बाद उसे खेत में फेंक दिया था।
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