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प्रसूता की सांसें थमीं, आईसीयू में नवजात
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 05 May 2016 12:47 AM IST
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पुरामुफ्ती मनौरी बाजार की रहने वाली प्रसूता की बुधवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार की रात परिजन प्रसव पीड़ा होने पर उसे पीएचसी ले गए। अस्पताल कर्मियों ने उसे कहीं और ले जाने के लिए कह दिया। एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद विवाहिता की मौत हो गई। जबकि नवजात आईसीयू में जीवन और मौत के बीच जूझ रहा है। परिजनों का आरोप है कि समय रहते पीएचसी में इलाज हो जाता तो शायद उसकी जान बच जाती।
पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार की रहने वाली खुर्शीदा बेगम (28) पत्नी मकसूद अहमद को मंगलवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। इस पर घर वाले उसे पीएचसी ले गए। जहां एएनएम और चिकित्सकाें ने उसे कहीं और ले जाने को कहा। परिजन खुर्शीदा को भर्ती कर इलाज के लिए अस्पताल कर्मियों से विनती करते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। आनन-फानन में प्रसूता को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां बच्चे को जन्म देने के बाद विवाहिता की सांसें थम गईं। वहीं नवजात आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि पीएचसी के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते विवाहिता की मौत हुई है। विवाहिता की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
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पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार की रहने वाली खुर्शीदा बेगम (28) पत्नी मकसूद अहमद को मंगलवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। इस पर घर वाले उसे पीएचसी ले गए। जहां एएनएम और चिकित्सकाें ने उसे कहीं और ले जाने को कहा। परिजन खुर्शीदा को भर्ती कर इलाज के लिए अस्पताल कर्मियों से विनती करते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। आनन-फानन में प्रसूता को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां बच्चे को जन्म देने के बाद विवाहिता की सांसें थम गईं। वहीं नवजात आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि पीएचसी के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते विवाहिता की मौत हुई है। विवाहिता की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
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