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आर्य समाज के यूपी प्रधान को धमकी
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:55 AM IST
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सैनी इलाके का एक झोलाछाप चिकित्सक एसपी विजलेंस बन आर्य समाज के यूपी प्रधान (संरक्षक गुरूकुल महाविद्यालय)को धमकी देते हुए गुरुकुल महाविद्यालय के अहम दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। मोबाइल नंबर खंगालने के बाद प्रधान नेे मामले की जानकारी कॉलेज प्रशासक के साथ एसपी कौशाम्बी से की। चर्चा है कि जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिसे लेकर आर्य समाज के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
इलाहाबाद निवासी डॉ धीरज सिंह गुरूकुल महाविद्यालय सैनी के संरक्षक के साथ आर्य समाज के यूपी प्रधान है। बताया कि 14 मई 2017 को एक व्यक्ति ने फोन करते हुए खुद को विजलेंस का एसपी बताते हुए कॉलेज के जांच की बात कही। इसके बाद धमकी देते गुरुकुल महाविद्यालय के अहम दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। शक होने पर मोबाइल नंबर की जांच कराई तो वह सैनी इलाके के एक एक झोलाछाप चिकित्सक का निकला।
उच्चाधिकारियों के साथ मामले की जानकारी प्रशासक अजय श्रीवास्तव को दी। कार्रवाई नहीं होता देख दो दिन बाद शिकायत पुलिस कप्तान से की गई। आरोप है कि जांच पड़ताल के बाद अजुहा चौकी पुलिस ने कार्रवाई के बजाए सुलह-समझौते का दबाव बनाया। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से आर्य समाज के लोगों के साथ स्कूल प्रशासन में भी जबरदस्त गुस्सा है। चेताया कि सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो लखनऊ में डीजीपी का घेराव किया जाएगा। मामले में सैनी एसओ योगेन्द्र प्रताप सिंह ने ऐसी किसी भी जानकारी को सिरे से खारिज किया है।
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इलाहाबाद निवासी डॉ धीरज सिंह गुरूकुल महाविद्यालय सैनी के संरक्षक के साथ आर्य समाज के यूपी प्रधान है। बताया कि 14 मई 2017 को एक व्यक्ति ने फोन करते हुए खुद को विजलेंस का एसपी बताते हुए कॉलेज के जांच की बात कही। इसके बाद धमकी देते गुरुकुल महाविद्यालय के अहम दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। शक होने पर मोबाइल नंबर की जांच कराई तो वह सैनी इलाके के एक एक झोलाछाप चिकित्सक का निकला।
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उच्चाधिकारियों के साथ मामले की जानकारी प्रशासक अजय श्रीवास्तव को दी। कार्रवाई नहीं होता देख दो दिन बाद शिकायत पुलिस कप्तान से की गई। आरोप है कि जांच पड़ताल के बाद अजुहा चौकी पुलिस ने कार्रवाई के बजाए सुलह-समझौते का दबाव बनाया। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से आर्य समाज के लोगों के साथ स्कूल प्रशासन में भी जबरदस्त गुस्सा है। चेताया कि सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो लखनऊ में डीजीपी का घेराव किया जाएगा। मामले में सैनी एसओ योगेन्द्र प्रताप सिंह ने ऐसी किसी भी जानकारी को सिरे से खारिज किया है।
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