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पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं साफ कर पा रही सर्पदंश की तस्वीर

Mon, 26 Nov 2018 12:13 AM IST
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:13 AM IST
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं साफ कर पा रही सर्पदंश की तस्वीर
मंझनपुर। प्रदेश सरकार ने सर्पदंश से होने वाली मौतों को भले ही दैवीय आपदा में शामिल कर लिया हो। लेकिन जिले में सर्प दंश से हुई मौतों की तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। नतीजतन सर्पदंश से होने वाली मौत के बाद पीड़ित परिवार को सरकारी इमदाद नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि अब तक दर्जन भर से ज्यादा आवेदन के बाद भी महज दो परिवारों को दैवीय आपदा का चेक मुहैया कराया जा सका है।
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प्रदेश सरकार ने अगस्त माह में सर्पदंश से होने वाली मौत को दैवीय आपदा में शामिल किया है। इसके तहत किसी व्यक्ति की मौत अगर सर्पदंश से होती है तो सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का चेक दिया जाता है। मानक यह है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम हो और चिकित्सक अपनी रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ठ तौर पर सर्पदंश लिखे। इसे लेकर जिले में अजीब हाल है। अब तक सर्पदंश से कथित तौर पर हुई पांच मौत का मामला प्रशासन के सामने आया है। दो लोगों की मौत चिकित्सकों ने सर्पदंश से होना बताया। जिस पर सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को मुआवजा मुहैया करा दिया गया। जबकि तीन लोगों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
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चिकित्सकों ने कारण साफ नहीं होने की वजह से बिसरा प्रिजर्व कर लिया है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय केसरवानी की मानें तो सर्पदंश से लोगों की मौत कम होती है। ज्यादातर मामलों में लोग सर्पदंश की जानकारी होने पर हार्टअटैक से मर जाते हैं। इस वजह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात साफ नहीं हो पाती है। वहीं दूसरी तरफ सरकार की गाइड लाइन यह है कि दो पंचर (सर्प दंश का निशान) होने पर ही सरकारी मुआवजा नहीं दिया जा सकता। तहसील से बाकायदा रिपोर्ट आती है। मरने वाले व्यक्ति का पोस्टमार्टम होना चाहिए और चिकित्सक स्पष्ट लिखे की मौत का कारण सर्पदंश है। तभी सरकारी लाभ दिया जा सकता है।
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दर्जन भर से ज्यादा मामले लंबित
मंझनपुर। जिले के लोगों में सर्पदंश को लेकर जागरूकता की कमी है। लोगों को मालूम नहीं है कि सर्पदंश को दैवीय आपदा में शामिल किया गया है। मौत के बाद लोग शवों का अंतिम संस्कार कर देते हैं। इसके बाद किसी से जानकारी होने पर दैवीय आपदा के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में तहसील से रिपोर्ट नहीं लग पाती है। नतीजतन पीड़ित परिवार को सरकारी लाभ नहीं मिल पाता है।


शासन का निर्देश है कि सर्पदंश से होने वाली मौत को दैवीय आपदा के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। अब तक पांच लोगों ने पोस्टमार्टम कराया है जिस पर दो की मौत सर्पदंश से स्पष्ट हो चुकी है। तीन लोग लोगों की मौत का कारण साफ नहीं होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद उनके परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा।
राकेश श्रीवास्तव, एडीएम
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