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एसडीएम पर प्रताड़ना का आरोप लगाने वाला लेखपाल निलंबित
Updated Wed, 07 Nov 2018 05:08 PM IST
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एसडीएम पर प्रताड़ना का आरोप लगाने वाला लेखपाल निलंबित
पीड़ित लेखपाल ने दलित होने की वजह से प्रताड़ित किए जाने का लगाया आरोप
चायल तहसील क्षेत्र के रसूलाबाद कोइलहा गांव में तैनात है लेखपाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले रसूलाबाद कोइलहा गांव के लेखपाल को एसडीएम चायल ने निलंबित कर दिया है। पीड़ित ने दलित होने की वजह से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। कार्रवाई के बाद से लेखपाल संघ खफा है। त्योहार बाद संगठन आंदोलन करने की योजना बना रहा है।
रसूलाबाद कोइलहा गांव में तैनात रहे लेखपाल धर्मराज ने बताया कि दलित होना उसके लिए अभिशाप बन गया है। उपजिलाधिकारी हीन भावना से देखते हैं। प्रताड़ित भी करते हैं। पीड़ित के मुताबिक शुक्रवार को रात आठ बजे तक अपने दफ्तर बुलाकर एसडीएम ने उससे काम कराया। इस दौरान अपशब्दों का प्रयोग भी किया। बताया कि दिनदहाड़े मौत के घाट उतारे गए चायल के पूर्व ब्लॉक रामसरन के परिजनों को जमीन का पट्टा दिया जाना है। प्रमुख के दलित होने के कारण एसडीएम पट्टा नहीं करने के लिए झूठी रिपोर्ट बनाने का दबाव बना रहे हैं। लेखपाल ने शनिवार को इसकी शिकायत एएसपी व सोमवार को जिलाधिकारी से की थी। आरोप है कि इससे भन्नाए एसडीएम ने मंगलवार को लेखपाल को निलंबित कर दिया। उसे कारण बताओ नोटिस भी नहीं दी गई। उधर, कार्रवाई की भनक लगते ही लेखपाल संगठन सक्रिय हो गया है। संगठन के नेता दीपावली बाद आंदोलन कर सकते हैं।
--
इनका कहना है
लेखपाल ने एक किसान से धोखाधड़ी करके एक लाख रुपया ले लिया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत की थी। जांच के बाद कार्रवाई की गई है। लेखपाल सारे आरोप फर्जी लगा रहा है।
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अनिल चतुर्वेदी, एसडीएम चायल
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पीड़ित लेखपाल ने दलित होने की वजह से प्रताड़ित किए जाने का लगाया आरोप
चायल तहसील क्षेत्र के रसूलाबाद कोइलहा गांव में तैनात है लेखपाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले रसूलाबाद कोइलहा गांव के लेखपाल को एसडीएम चायल ने निलंबित कर दिया है। पीड़ित ने दलित होने की वजह से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। कार्रवाई के बाद से लेखपाल संघ खफा है। त्योहार बाद संगठन आंदोलन करने की योजना बना रहा है।
रसूलाबाद कोइलहा गांव में तैनात रहे लेखपाल धर्मराज ने बताया कि दलित होना उसके लिए अभिशाप बन गया है। उपजिलाधिकारी हीन भावना से देखते हैं। प्रताड़ित भी करते हैं। पीड़ित के मुताबिक शुक्रवार को रात आठ बजे तक अपने दफ्तर बुलाकर एसडीएम ने उससे काम कराया। इस दौरान अपशब्दों का प्रयोग भी किया। बताया कि दिनदहाड़े मौत के घाट उतारे गए चायल के पूर्व ब्लॉक रामसरन के परिजनों को जमीन का पट्टा दिया जाना है। प्रमुख के दलित होने के कारण एसडीएम पट्टा नहीं करने के लिए झूठी रिपोर्ट बनाने का दबाव बना रहे हैं। लेखपाल ने शनिवार को इसकी शिकायत एएसपी व सोमवार को जिलाधिकारी से की थी। आरोप है कि इससे भन्नाए एसडीएम ने मंगलवार को लेखपाल को निलंबित कर दिया। उसे कारण बताओ नोटिस भी नहीं दी गई। उधर, कार्रवाई की भनक लगते ही लेखपाल संगठन सक्रिय हो गया है। संगठन के नेता दीपावली बाद आंदोलन कर सकते हैं।
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इनका कहना है
लेखपाल ने एक किसान से धोखाधड़ी करके एक लाख रुपया ले लिया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत की थी। जांच के बाद कार्रवाई की गई है। लेखपाल सारे आरोप फर्जी लगा रहा है।
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अनिल चतुर्वेदी, एसडीएम चायल