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हाईटेंशन करंट की चपेट में आई ताजिया, सात झुलसे
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:03 AM IST
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करंट की चपेट में आया ताजिया, सात झुलसे
-भगदड़ मचने से कई लोग हुए चुटहिल
-झुलसे लोगों की हालत गंभीर, इलाहाबाद रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दसवीं के जुलूस में रविवार को रामपुर मडूकी में एक बड़ा हादसा हो गया। 11 हजार वोल्टेज करंट की चपेट में ताजिया के आने से सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसा होते ही गांव में भगदड़ मच गई। इससे कई लोग चुटहिल हो गए। झुलसे लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस न उपलब्ध होने पर झुलसे लोगों को लोडर से ले जाया गया।
मुहर्रम की दसवीं का जुलूस रामपुर मडूकी गांव से रविवार दोपहर करीब दो बजे कर्बला के लिए निकला। ताजिया लगभग 12 फिट का था। ताजिया लोगों ने उठा रखा था। इससे उसकी ऊंचाई 17 फिट के आसपास पहुंच गई। जैसे ही ताजिया गांव के बाहर आया वह 11 हजार वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। इससे ताजिया उठाने वाले ताज पुत्र घूरे, कैसर, दिलवर, असगर, वैस, सलीम और जुबैर गंभीर रूप से झुलस गए। शोर मचते ही जुलूस में शामिल लोगों के बीच भगदड़ मच गई। इससे कई लोग चुटहिल हो गए। ताजिया छोड़कर लोगों ने झुलसे हुए लोगों को आनन-फानन वाहन में लादकर जिला अस्पताल आए। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। हालत गंभीर होने पर झुलसे लोगों को इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस न उपलब्ध कराने पर लोगों में आक्रोश था। ताजियादारों को एक मिनी लोडर से इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल ग्रामीण लेकर गए। हादसे की जानकारी होते ही गांव में सदर कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम सिराथू शिवनारायण सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी गई।
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डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
रामपुर मडूकी में ताजिया के करंट की चपेट में आने के बाद झुलसे हुए लोगों को लेकर आए ग्रामीणों ने जिला अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। गांव के घूरे आदि का कहना था कि जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। इमरजेंसी वार्ड का स्टाप इलाज कर रहा था। हालत गंभीर होने पर उनको रेफर किया गया। यदि डॉक्टर होते तो अस्पताल में ही इलाज होता। रेफर करने के बाद उनको एंबुलेंस नहीं मुहैया कराई गई। इसके बाद वह जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल युवकों को लेकर पहुंचे, लेकिन हालत नाजुक होने पर उनकोे भर्ती नहीं किया गया।
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ताजिया दफन करवाने में परेशान रहे अधिकारी
रामपुर मडूकी में हुए हादसे के बाद ग्रामीण ताजिया को रास्ते में छोड़कर जिला अस्पताल चले आए थे। हादसे की जानकारी होने पर एसडीएम वहां पहुंचे तो वह ताजिया को दफन कराने के लिए परेशान रहे। सभी ताजियादार झुलसे हुए लोगों की तीमारदारी में परेशान थे। गांव में इक्का-दुक्का लोग थे। इसे ताजिया कर्बला तक नहीं पहुंच सकी थी। देर शाम तक अधिकारी ताजिया को दफन करवाने के लिए परेशान रहे।
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झड़प के बाद रोका गया ताजिया
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)।
गढ़ी व मिरदहन का पुरवा गांव का ताजिया एक साथ निकलता है। इसके बाद मिरदहन का पुरवा में स्थित कर्बला में ताजिया दफन होते हैं। रविवार को गढ़ी गांव से ताजिया अंधावा होते हुए मिरदहन का पुरवा गांव पहुंच गया। मिरदहन का पुरवा के ताजियादार ताजिया उठाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान गढ़ी गांव के लोग अपना ताजिया लेकर आगे बढ़ गए। मिरदहन का पुरवा गांव के लोगों ने इसका जोरदार विरोध किया। उनका आरोप था कि उन्होंने परंपरा तोड़ी है। इसको लेकर दोनाें पक्षों में जमकर झड़प हुई। नौबत मारपीट की बन आई थी। जानकारी होने पर पश्चिमशरीरा एसओ राकेश सरोज मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी भी पहुंच गए। देर शाम तक इसको लेकर तनातनी की स्थिति बनी रही।
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कशिया में केबल काटने को लेकर हंगामा
-भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
मूरतगंज। कोखराज के कशिया पूर्व व मूरतगंज में ताजिया के लिए केबिल काट दिया गया। इसका जोरदार विरोध भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। इसको लेकर तनाव फैल गया। जानकारी होते ही डीएम फोर्स के साथ पहुंचे। ताजिया निकलने के बाद केबिल जोड़ा गया।
नवमी के जुलूस के लिए शनिवार रात कशिया पूर्व के लोगों का विद्युत केबल काट दिया गया था। सुबह जानकारी होने पर लोगों ने एतराज किया था। दसवीं के जुलूस के लिए दोबारा केबल काटने की तैयारी हो रही थी। जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध कर दिया। इससे धन्नी सकाढ़ा, कशिया पूर्व आदि गांवों का ताजिया रोकना पड़ गया। हंगामा होने लगा तो पुलिस फोर्स बुलाई गई। जानकारी होने पर डीएम भी पहुंचे। किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर ताजिया निकलवाया गया। इसके बाद लोगों का केबल जोड़ा गया।
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-भगदड़ मचने से कई लोग हुए चुटहिल
-झुलसे लोगों की हालत गंभीर, इलाहाबाद रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दसवीं के जुलूस में रविवार को रामपुर मडूकी में एक बड़ा हादसा हो गया। 11 हजार वोल्टेज करंट की चपेट में ताजिया के आने से सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसा होते ही गांव में भगदड़ मच गई। इससे कई लोग चुटहिल हो गए। झुलसे लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस न उपलब्ध होने पर झुलसे लोगों को लोडर से ले जाया गया।
मुहर्रम की दसवीं का जुलूस रामपुर मडूकी गांव से रविवार दोपहर करीब दो बजे कर्बला के लिए निकला। ताजिया लगभग 12 फिट का था। ताजिया लोगों ने उठा रखा था। इससे उसकी ऊंचाई 17 फिट के आसपास पहुंच गई। जैसे ही ताजिया गांव के बाहर आया वह 11 हजार वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। इससे ताजिया उठाने वाले ताज पुत्र घूरे, कैसर, दिलवर, असगर, वैस, सलीम और जुबैर गंभीर रूप से झुलस गए। शोर मचते ही जुलूस में शामिल लोगों के बीच भगदड़ मच गई। इससे कई लोग चुटहिल हो गए। ताजिया छोड़कर लोगों ने झुलसे हुए लोगों को आनन-फानन वाहन में लादकर जिला अस्पताल आए। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। हालत गंभीर होने पर झुलसे लोगों को इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस न उपलब्ध कराने पर लोगों में आक्रोश था। ताजियादारों को एक मिनी लोडर से इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल ग्रामीण लेकर गए। हादसे की जानकारी होते ही गांव में सदर कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम सिराथू शिवनारायण सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी गई।
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डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
रामपुर मडूकी में ताजिया के करंट की चपेट में आने के बाद झुलसे हुए लोगों को लेकर आए ग्रामीणों ने जिला अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। गांव के घूरे आदि का कहना था कि जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। इमरजेंसी वार्ड का स्टाप इलाज कर रहा था। हालत गंभीर होने पर उनको रेफर किया गया। यदि डॉक्टर होते तो अस्पताल में ही इलाज होता। रेफर करने के बाद उनको एंबुलेंस नहीं मुहैया कराई गई। इसके बाद वह जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल युवकों को लेकर पहुंचे, लेकिन हालत नाजुक होने पर उनकोे भर्ती नहीं किया गया।
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ताजिया दफन करवाने में परेशान रहे अधिकारी
रामपुर मडूकी में हुए हादसे के बाद ग्रामीण ताजिया को रास्ते में छोड़कर जिला अस्पताल चले आए थे। हादसे की जानकारी होने पर एसडीएम वहां पहुंचे तो वह ताजिया को दफन कराने के लिए परेशान रहे। सभी ताजियादार झुलसे हुए लोगों की तीमारदारी में परेशान थे। गांव में इक्का-दुक्का लोग थे। इसे ताजिया कर्बला तक नहीं पहुंच सकी थी। देर शाम तक अधिकारी ताजिया को दफन करवाने के लिए परेशान रहे।
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झड़प के बाद रोका गया ताजिया
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)।
गढ़ी व मिरदहन का पुरवा गांव का ताजिया एक साथ निकलता है। इसके बाद मिरदहन का पुरवा में स्थित कर्बला में ताजिया दफन होते हैं। रविवार को गढ़ी गांव से ताजिया अंधावा होते हुए मिरदहन का पुरवा गांव पहुंच गया। मिरदहन का पुरवा के ताजियादार ताजिया उठाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान गढ़ी गांव के लोग अपना ताजिया लेकर आगे बढ़ गए। मिरदहन का पुरवा गांव के लोगों ने इसका जोरदार विरोध किया। उनका आरोप था कि उन्होंने परंपरा तोड़ी है। इसको लेकर दोनाें पक्षों में जमकर झड़प हुई। नौबत मारपीट की बन आई थी। जानकारी होने पर पश्चिमशरीरा एसओ राकेश सरोज मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी भी पहुंच गए। देर शाम तक इसको लेकर तनातनी की स्थिति बनी रही।
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कशिया में केबल काटने को लेकर हंगामा
-भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
मूरतगंज। कोखराज के कशिया पूर्व व मूरतगंज में ताजिया के लिए केबिल काट दिया गया। इसका जोरदार विरोध भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। इसको लेकर तनाव फैल गया। जानकारी होते ही डीएम फोर्स के साथ पहुंचे। ताजिया निकलने के बाद केबिल जोड़ा गया।
नवमी के जुलूस के लिए शनिवार रात कशिया पूर्व के लोगों का विद्युत केबल काट दिया गया था। सुबह जानकारी होने पर लोगों ने एतराज किया था। दसवीं के जुलूस के लिए दोबारा केबल काटने की तैयारी हो रही थी। जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध कर दिया। इससे धन्नी सकाढ़ा, कशिया पूर्व आदि गांवों का ताजिया रोकना पड़ गया। हंगामा होने लगा तो पुलिस फोर्स बुलाई गई। जानकारी होने पर डीएम भी पहुंचे। किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर ताजिया निकलवाया गया। इसके बाद लोगों का केबल जोड़ा गया।