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महिला की हत्या में पिता-पुत्र को दस साल की सजा
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:29 AM IST
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मंझनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-2) की अदालत ने गुरुवार को हत्या के एक मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी पिता-पुत्र को दस साल की सजा सुनाने के साथ ही 21 हजार का अर्थदंड लगाया। अदालती फैसले के बाद आरोपियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
पइंसा कोतवाली के मोंगरी कड़ा निवासी मूलचंद्र का जमीन के बटवारे को लेकर बड़े भाई भइयालाल से विवाद था। 31 जनवरी 2014 को भइयालाल विवादित भूमि पर मिट्टी की पटाई कर रहा था। मूलचंद्र की पत्नी कलावती के विरोध करने पर भइयालाल ने अपने बेटे गजराज के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। सिर पर लाठी के प्रहार से मौके पर ही कलावती की मौत हो गई थी।
मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-2) अरविंद मिश्र की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने कुल छह गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत गवाहों एवं पत्रावलली मे मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया।
पइंसा कोतवाली के मोंगरी कड़ा निवासी मूलचंद्र का जमीन के बटवारे को लेकर बड़े भाई भइयालाल से विवाद था। 31 जनवरी 2014 को भइयालाल विवादित भूमि पर मिट्टी की पटाई कर रहा था। मूलचंद्र की पत्नी कलावती के विरोध करने पर भइयालाल ने अपने बेटे गजराज के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। सिर पर लाठी के प्रहार से मौके पर ही कलावती की मौत हो गई थी।
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मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-2) अरविंद मिश्र की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने कुल छह गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत गवाहों एवं पत्रावलली मे मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया।
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