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आफत की बारिश: पांच दर्जन घर ढहे, तीन जख्मी
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:30 AM IST
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मंझनपुर। तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश गरीबों के लिए आफत बनकर्र आई। बीते 24 घंटे के दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में करीब पांच दर्जन से अधिक कच्चे घर भरभरा कर ढह गए। मलबे में दबने से एक ही परिवार के तीन लोग जख्मी हो गए। गरीबों की लाखों रुपये की गृहस्थी का समान दबकर नष्ट हो गए। आशियाना ढहने से तमाम लोग बेघर हो गए हैं। पीड़ित परिवारों के सामने बरसात में सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।
सिराथू तहसील के घटैयापर मजरा बम्हरौली गांव का रोशन लाल पुत्र सत्यनारायण शुक्रवार की रात अपने परिवार के साथ खाना खाने के बाद सो गया था। इसी बीच उसका मकान गिर गया। घर के मलबे में रोशन व उसकी पत्नी कलादेवी (35) तथा बेटा रामकरन (12) दब गए । चीख पुकार सुन जुटे ग्रामीणों ने सभी को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर हल्का लेखपाल मुमताज ने घटनास्थल का मुआयना किया। इसके अलावा इसी गांव में भैयालाल तथा कल्लू का मकान भी बारिश में जमींदोज हो गया। बम्हरौली के अवधेश कश्यप पुत्र बच्चूलाल का मकान भी बारिश के चलते धराशाई हो गया। मकान गिर जाने के कारण अवधेश दूसरे के घर में शरण लिए हुए हैं।
चरवा में बेघर हो गया दिव्यांग
चरवा। बलीपुर टाटा निवासी कल्लू पुत्र हैदर दिव्यांग है। शुक्रवार की रात बारिश में कल्लू का कच्चा घर पूरी तरह से धराशाई हो गया। उसकी रोजमर्रा की गृहस्थी भी दबकर नष्ट हो गई। ऐसे में अब दिव्यांग खुले आसमान के नीचे आ गया है। इसी गांव के पप्पू पुत्र मिठाई लाल पासी का भी घर जमींदोज हो गया। गनीमत रही की शनिवार की सुबह छह बजे घटना के वक्त सभी शौच के लिए बाहर चले गए थे।
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पूरबशरीरा में गिरा मजदूर का घर
पश्चिमशरीरा। बरसात में पूरबशरीरा निवासी दर्शन प्रसाद सरोज पुत्र सियम्बर का कच्चा मकान धराशाई हो गया। हादसे के वक्त परिवार के लोग छप्पर के नीचे सो रहे थे। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। हालांकि घर के मलबे में दबने से हजारों रुपये की गृहस्थी जरूर नष्ट हो गई।
चायल में गिरे दो दर्जन गरीबों के आशियाने
चायल। तहसील क्षेत्र में शुक्त्रस्वार की शाम से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कच्चे मकानों में काफी सीलन पैदा हो गई। इसके चलते क्षेत्र के बनवारी लाल पुत्र भुलई प्रसाद निवासी मुरादपुर, पुत्तीलाल पुत्र सूरजदीन, कंचन लाल पुत्र लखन, बुधिया पत्नी मक्खन लाल, श्री पुत्र सहदेव, शीतली पत्नी बाबूलाल, निवासीगण कस्बा चायल, अरविंद कुमार पुत्र गेंदालाल निवासी रामपुर,सरवन कुमार निवासी सहावपुर, केवली देवी पत्नी संतलाल, मुंशीलाल पुत्र संतलाल और हरिओम पुत्र बसंतलाल निवासीगण कसेंदा,चौरा देवी पत्नी राजाराम निवासी नोहरी का पूरा गांव के मकान धराशाई हो गए। हलका लेखपालों ने गांव जाकर उनके नुकसान का आकलन किया।
कौशाम्बी ब्लॉक में भरभरा गए दर्जन भर कच्चे घर
बारा। सदर तहसील के मुस्तफाबाद मजरा इंदारापर निवासी संतोष तिवारी, श्यामा देवी, गोविंद विश्वकर्मा, गिरीश चंद्र मौर्य, लक्ष्मनापुर निवासी लवलेश कुमार, भैयालाल, प्रेमशंकर, कोसम खिराज गांव के रजऊ सरोज, कामता प्रसाद सरोज तथा बिजिया चौराहा में नफीस अहमद व मो. हारून आदि के घर ढह गए। कोसम इनाम स्थित कंबोडिया मंदिर की चहारदीवारी भरभराकर गिर गई। भैरवां निवासी राजेंद्र कुमार, भखंदा के महेंद्र कुमार का भी घर ढह गया। चक अहमदीपुर में लल्लू, रामबहाल, राम कुआरे, नौबस्ता में रामचंद्र पाल, अनिल जायसवाल, अर्का फतेहपुर में पारसनाथ, बंधुरी रसूलीपुर में जगन्नाथ पुत्र सरयू प्रसाद, रामबली, सचवारा में धीरज कुमार के कच्चे मकान भरभराकर ढह गए। ये सभी लोग अब बेघर हो गए हैं।
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सिराथू तहसील के घटैयापर मजरा बम्हरौली गांव का रोशन लाल पुत्र सत्यनारायण शुक्रवार की रात अपने परिवार के साथ खाना खाने के बाद सो गया था। इसी बीच उसका मकान गिर गया। घर के मलबे में रोशन व उसकी पत्नी कलादेवी (35) तथा बेटा रामकरन (12) दब गए । चीख पुकार सुन जुटे ग्रामीणों ने सभी को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर हल्का लेखपाल मुमताज ने घटनास्थल का मुआयना किया। इसके अलावा इसी गांव में भैयालाल तथा कल्लू का मकान भी बारिश में जमींदोज हो गया। बम्हरौली के अवधेश कश्यप पुत्र बच्चूलाल का मकान भी बारिश के चलते धराशाई हो गया। मकान गिर जाने के कारण अवधेश दूसरे के घर में शरण लिए हुए हैं।
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चरवा में बेघर हो गया दिव्यांग
चरवा। बलीपुर टाटा निवासी कल्लू पुत्र हैदर दिव्यांग है। शुक्रवार की रात बारिश में कल्लू का कच्चा घर पूरी तरह से धराशाई हो गया। उसकी रोजमर्रा की गृहस्थी भी दबकर नष्ट हो गई। ऐसे में अब दिव्यांग खुले आसमान के नीचे आ गया है। इसी गांव के पप्पू पुत्र मिठाई लाल पासी का भी घर जमींदोज हो गया। गनीमत रही की शनिवार की सुबह छह बजे घटना के वक्त सभी शौच के लिए बाहर चले गए थे।
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पूरबशरीरा में गिरा मजदूर का घर
पश्चिमशरीरा। बरसात में पूरबशरीरा निवासी दर्शन प्रसाद सरोज पुत्र सियम्बर का कच्चा मकान धराशाई हो गया। हादसे के वक्त परिवार के लोग छप्पर के नीचे सो रहे थे। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। हालांकि घर के मलबे में दबने से हजारों रुपये की गृहस्थी जरूर नष्ट हो गई।
चायल में गिरे दो दर्जन गरीबों के आशियाने
चायल। तहसील क्षेत्र में शुक्त्रस्वार की शाम से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कच्चे मकानों में काफी सीलन पैदा हो गई। इसके चलते क्षेत्र के बनवारी लाल पुत्र भुलई प्रसाद निवासी मुरादपुर, पुत्तीलाल पुत्र सूरजदीन, कंचन लाल पुत्र लखन, बुधिया पत्नी मक्खन लाल, श्री पुत्र सहदेव, शीतली पत्नी बाबूलाल, निवासीगण कस्बा चायल, अरविंद कुमार पुत्र गेंदालाल निवासी रामपुर,सरवन कुमार निवासी सहावपुर, केवली देवी पत्नी संतलाल, मुंशीलाल पुत्र संतलाल और हरिओम पुत्र बसंतलाल निवासीगण कसेंदा,चौरा देवी पत्नी राजाराम निवासी नोहरी का पूरा गांव के मकान धराशाई हो गए। हलका लेखपालों ने गांव जाकर उनके नुकसान का आकलन किया।
कौशाम्बी ब्लॉक में भरभरा गए दर्जन भर कच्चे घर
बारा। सदर तहसील के मुस्तफाबाद मजरा इंदारापर निवासी संतोष तिवारी, श्यामा देवी, गोविंद विश्वकर्मा, गिरीश चंद्र मौर्य, लक्ष्मनापुर निवासी लवलेश कुमार, भैयालाल, प्रेमशंकर, कोसम खिराज गांव के रजऊ सरोज, कामता प्रसाद सरोज तथा बिजिया चौराहा में नफीस अहमद व मो. हारून आदि के घर ढह गए। कोसम इनाम स्थित कंबोडिया मंदिर की चहारदीवारी भरभराकर गिर गई। भैरवां निवासी राजेंद्र कुमार, भखंदा के महेंद्र कुमार का भी घर ढह गया। चक अहमदीपुर में लल्लू, रामबहाल, राम कुआरे, नौबस्ता में रामचंद्र पाल, अनिल जायसवाल, अर्का फतेहपुर में पारसनाथ, बंधुरी रसूलीपुर में जगन्नाथ पुत्र सरयू प्रसाद, रामबली, सचवारा में धीरज कुमार के कच्चे मकान भरभराकर ढह गए। ये सभी लोग अब बेघर हो गए हैं।