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गड्ढेभरी सड़क बनी है जानलेवा

Mon, 22 Jan 2018 08:12 PM IST
Updated Mon, 22 Jan 2018 08:12 PM IST
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गड्ढेभरी सड़क बनी है जानलेवा
गड्ढेभरी सड़क बनी है जानलेवा
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बरसों से क्षतिग्रस्त पड़ा है उदिहिन-बंबूपुर मार्ग
शिकायत के बाद भी अफसर बने बेफिक्र, राहगीरो में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
उदिहिन(कौशाम्बी)।
उदिहिन से बंबूपुर गांव तक जाने वाली सड़क कई साल से क्षतिग्रस्त पड़ी है। मरम्मत नहीं होने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर तो सड़क का नामोनिशां मिट गया है। पानी, गड्ढे से भरी सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराए जाने से ग्रामीणों के साथ राहगीरों में गुस्सा है।
सिराथू तहसील के धाता मुख्यमार्ग से बंबूपुर गांव को जाने से लिए करीब 20 साल पहले सड़क बनाई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग से बनाई गई 5 किलोमीटर सड़क के बनने के बाद एक बार भी मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों में बस्ती के आसपास हमेशा पानी भरा रहता है। वहीं बारिश के दिनों में तो सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। क्षेत्र के रहने वाले गुलाबचंद्र, रघुनंदन, राजेश यादव, इन्द्रभवन, राम प्रसाद आदि का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी रास्ते को दुरूस्त नहीं कराया जा रहा है। जबकि इसी सड़क से रोजाना थोन, पाठककापुरवा, सायनगर, बालेपुर, पतीकापुरवा, मैदहाई आदि गांवों के लोगों का आना-जाना है। उधर, रास्ते के क्षतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा दिक्कत रात में साइकिल से आने-जाने वालों को होती है। अक्सर लोग गिरकर घायल होते रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार तहसील दिवस में भी प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है। इसके अलावा एसडीएम, सीडीओ और एक्सईएन से शिकायत की गई। फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों और राहगीरों में जबरदस्त गुस्सा है।
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संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका
मंझनपुर(ब्यूरो)। सिराथू ब्लाक के बरीपुर गांव में सफाईकर्मी की मनमानी से जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। साथ ही कचरे से भरी नालियां भी चोक हैं। इससे लोगों के घराें से निकलने वाला पानी नालियों में जमा रहता है। गांव के रामकिशोर, पप्पू, सुनील कुमार आदि ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत प्रधान के साथ ही खंड विकास अधिकारी से भी की गई। इसके बाद भी सफाई कर्मियों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। इससे लोगों में गुस्सा है। साथ ही ग्रामीण गर्मी के दिनों में संक्रामक बीमारी फैलने की भी आशंका से भयभीत हैं।
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