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दस लाख लेकर भाग निकला

Thu, 23 Mar 2017 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Thu, 23 Mar 2017 12:37 AM IST
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crime in bara
Rupee Shimla
बैंक आफ बड़ौदा की शाखा विजिया चौराहा के बीसी (व्यापारी प्रतिनिधि) ने उपभोक्ताओं को धोखा देते हुए उनका करीब दस लाख लेकर भाग निकला है। बीसी सेंटर में ताला लगाकर संचालक कई दिनों से गायब है। बुधवार को रुपया निकालने आए ग्राहकों को जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। गुस्साए ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। साथ ही मामले में मैनेजर की ही भूमिका पर सवाल उठाए। मैनेजर ने बीसी संचालक के खिलाफ कौशाम्बी थाने में तहरीर दी है।
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   बैंक आफ बड़ौदा की शाखा विजिया चौराहा के बैंक मैनेजर तन्मय चटर्जी ने बेरौंचा निवासी बसंत द्विवेदी को बीसी (व्यापार प्रतिनिधि) सेंटर दिया था। व्यापार प्रतिनिधि बैंक का सारा काम देखता है। एक दिन में एक ग्राहक से 20 हजार रुपया जमा कराने अथवा 20 हजार रुपये का भुगतान करने का अधिकार रखता है। बसंत द्विवेदी व्यापार प्रतिनिधि के रूप में करीब तीन साल से बैंक के बगल में ही आफिस खोलकर काम कर रहा था। तीन दिन पहले संचालक बसंत द्विवेदी आफिस में ताला लगाकर गायब हो गया। बुधवार को कोरांव खास की दिव्या देवी, जोगापुर की मीना देवी, नरगीपर निवासी रामसूरत, मुस्तफाबाद की शांति देवी समेत करीब सौ से अधिक उपभोक्ता पहुंचे तो आफिस बंद देखकर पूछताछ की। पता चला कि वह गायब है। इस पर उन्होंने बैंक जाकर पूछताछ की और अपने खाते चेक कराए तो पता चला कि उन्होंने जो रकम जमा की थी, वह उनके खाते में जमा ही नहीं हुई। इस पर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। किसी तरह बैंक मैनेजर तन्मय चटर्जी ने शांत कराया। इसके बाद बीसी संचालक बसंत द्विवेदी के खिलाफ कौशाम्बी थाने में तहरीर दी। प्रभारी एसओ राजेश सिंह चौहान ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बसंत द्विवेदी अपने घर में भी नहीं है।
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पूर्व प्रधान (मोहिद्दीनपुर कोरांव) शशिकांतका कहना है कि बीसी संचालक व बैंक मैनेजर की मिलीभगत से ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हुई है। गांव के एक व्यक्ति का उन्होंने प्रस्ताव दिया था, लेकिन मैनेजर तन्मय चटर्जी ने उस प्रस्ताव को खारिज किया था। इस मामले में बैंक मैनेजर की भी जांच होनी चाहिए। कोटेदार (जाठी)आनन्द का कहना है िक 20 हजार की लिमिट से ज्यादा का जब कारोबार हो रहा था तो बैंक मैनेजर को आपत्ति लगानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे साफ है कि इस खिलवाड़ में बैंक की मौन स्वीकृति रही। इस मामले में बैंक मैनेजर की जांच होनी चाहिए। एलडीएम दिनेश मिश्र ने कहा कि प्रकरण बहुत गंभीर है। बैंक मैनेजर ने तहरीर दी है। पुलिस के साथ ही बैंक के कर्मी भी इसकी जांच करेंगे। आरोप साबित होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। बैंक मैनेजर पर लगे आरोपों की भी जांच कराई जाएगी।
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