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नौ केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:30 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल पर डिबार किए गए केंद्रों व्यवस्थापकों के खिलाफ सैनी कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट लिखकर सैनी पुलिस जांच में जुटी है। वहीं मुकदमा लिखे जाने से केंद्र व्यवस्थापकों के होश उड़े हैं।
हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल होने पर अब तक नौ स्कूलों को डिबार किया गया है। इनमें सैनी क्षेत्र के सैयदकारी सिद्दीक इंटर कालेज चूहापीरन, मानसिंह इंटर कालेज अलीपुरजीता, संत नागा निरंकारी इंटर कालेज साढ़ो, ज्योतिबाराव फुले इंटर कालेज जहानपुर, शिवपति देवी उच्चतर माध्यमिक स्कूल थुलगुला, केएस इंटर कालेज कानेमई, दयानंद सरस्वती इंटर कालेज अजुहा, जय मां दुर्गे इंटर कालेज अमिरतापुर, कमला देवी इंटर कालेज अजुहा आदि परीक्षा केंद्र शामिल हैं। डीआईओएस राकेश कुमार श्रीवास्तव ने सैनी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर सैनी दिनेश सिंह ने बताया कि पुलिस विवेचना में जुटी है। बता दें कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए कौशाम्बी का सिराथू इलाका नकलमंडी के रूप में कुख्यात है। पैसे लेकर नकल कराने के लिए क्षेत्र के ज्यादातर परीक्षा केंद्र बदनाम हैं। यही वजह है कि यहां दूसरे जिले और राज्यों से भी छात्र-छात्राएं आते हैं। बोर्ड परीक्षा में नकल के नाम पर यहां के शिक्षा माफिया हर साल करोड़ों रुपये की कमाई भी करते हैं। हालांकि पिछले दो साल से नकल पर नकेल कसने की स्थानीय प्रशासन के स्तर पर कोशिश की जा रही है। इस बार भी डीएम अखंड प्रताप सिंह ने बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने का प्रयास किया है।
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हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल होने पर अब तक नौ स्कूलों को डिबार किया गया है। इनमें सैनी क्षेत्र के सैयदकारी सिद्दीक इंटर कालेज चूहापीरन, मानसिंह इंटर कालेज अलीपुरजीता, संत नागा निरंकारी इंटर कालेज साढ़ो, ज्योतिबाराव फुले इंटर कालेज जहानपुर, शिवपति देवी उच्चतर माध्यमिक स्कूल थुलगुला, केएस इंटर कालेज कानेमई, दयानंद सरस्वती इंटर कालेज अजुहा, जय मां दुर्गे इंटर कालेज अमिरतापुर, कमला देवी इंटर कालेज अजुहा आदि परीक्षा केंद्र शामिल हैं। डीआईओएस राकेश कुमार श्रीवास्तव ने सैनी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इंस्पेक्टर सैनी दिनेश सिंह ने बताया कि पुलिस विवेचना में जुटी है। बता दें कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए कौशाम्बी का सिराथू इलाका नकलमंडी के रूप में कुख्यात है। पैसे लेकर नकल कराने के लिए क्षेत्र के ज्यादातर परीक्षा केंद्र बदनाम हैं। यही वजह है कि यहां दूसरे जिले और राज्यों से भी छात्र-छात्राएं आते हैं। बोर्ड परीक्षा में नकल के नाम पर यहां के शिक्षा माफिया हर साल करोड़ों रुपये की कमाई भी करते हैं। हालांकि पिछले दो साल से नकल पर नकेल कसने की स्थानीय प्रशासन के स्तर पर कोशिश की जा रही है। इस बार भी डीएम अखंड प्रताप सिंह ने बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने का प्रयास किया है।
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