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हाथरस की बेटी के गुनहगारों को फांसी दिए जाने की मांग
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congress workers demonstrated against hathras gangrape kand
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। हाथरस में शर्मसार कर देने वाले मामले को लेकर दोआबा में भी सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। बुधवार को कांग्रेस कार्यकार्यताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एएसपी को सौंपा। इसमें पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा व दरिंदों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की गई। कांग्रेस जिलाउपाध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव की अगुवाई में बुधवार की दोपहर में पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे।
यहां प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक धरना भी दिया। देवेश ने कहा कि हाथरस कि इस वारदात ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। अनुसूचित जाति की बेटी का सामूहिक बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई और योगी सरकार की पुलिस आठ दिन तक एफआईआर नहीं दर्ज कर सकी। पीड़ित लड़की को छह दिनों तक सामान्य वार्ड में रखने और तत्काल एयर एम्बुलेंस से दिल्ली इलाज के लिए नहीं भेजने का आरोप भी कांग्रेसजनों ने लगाया। बिटिया के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा दोषियों को फांसी नहीं होने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर पीसीसी सदस्य राजेंद्र त्रिपाठी, कौशलेश द्विवेदी, शशिप्रताप त्रिपाठी, नकुल दिवाकर, राजकुमार गौतम, आबिदा बेगम, भारत गौतम आदि मौजूद रहे।
हाथरस की बेटी को मिले इंसाफ, सोशल मीडिया में छिड़ी रार
मंझनपुर। हाथरस जिले में बिटिया के साथ हुई दरिंदगी वारदात को लेकर सोशल साइट्स पर लोग अपना विरोध जता रहे हैं। इसके अलावा सपा व कांग्रेस केंद्र व प्रदेश सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। हाथरस से जुड़ी किसी भी पोस्ट पर देखते ही देखते फालोवर्स की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि, सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसके बाद भी लोग निर्भया कांड की तर्ज पर जस्टिस फॉर बिटिया का नारा बुलंद कर रहे हैं।
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हाथरस जिले में 14 सितंबर को हैवानियत की शिकार हुई 19 साल की बिटिया ने मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे देश भर के लोगों में खासा गुस्सा पनप उठा है। राजनीतिक दल के लोग वारदात के विरोध में प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मंगलवार शाम दरिंदगी की शिकार हुई बिटिया की मौत होने की खबर आई तो सोशल साइट्स पर लोगों के गुस्सा फूट पड़ा। फेसबुक. व्हाट्सएप में लोग दरिंदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।
मंझनपुर कस्बे के सैफ रिजवी ने बिटिया की चिता की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि यह हाथरस की बेटी का शव नहीं, भारत जलता है। भारतीयता जल रही है, मानवता जल रही है। फेसबुक यूजर अजय कुमार सिंह अपनी पोस्ट में लिखते हैं कि कंगना को वाई श्रेणी की सुरक्षा, हाथरस की बिटिया को क्या मिला। पूछता है हिंदुस्तान। इसी तरह राजू गौतम, प्रशांत सिंह ने भी पोस्ट किया। सारा दिन फेसबुक पर हाथरस कांड को लेकर ही लोगों के कमेंट व पोस्ट होते रहे। हालांकि इस बीच प्रदेश सरकार के हवाले से कहा गया कि मामले की जांच एसआईटी से कराई जाएगी। इसके बाद भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है।
जिले की चर्चित घटनाएं
केस वन-21 सितंबर 2019 को सरायअकिल कोतवाली इलाके के एक गांव में एक अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। आरोपियों ने वारदात का वीडियो भी सोशल मीडिया में शेयर किया। इस मामले में पीड़िता के घरवालों ने आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की जिसके बाद पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 दिन में चार्जशीट व एक माह में कोर्ट से सजा दिलाने का निर्देश तत्कालीन एडीजी प्रेम प्रकाश ने दिया था। इसके बाद भी 139 दिन बाद आरोपियों को सिर्फ आजीवन कारावास की सजा ही दिलाई जा सकी।
केस टू- करीब पांच साल पहले पइंसा इलाके में एक एक गांव में रहने वाले चाचा ने अपनी पांच वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। कोर्ट से जमानत के बाद वह फरार है। मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। पुलिस आरोपी को अब तक खोज नहीं सकी सिर्फ उसकी गिरफ्तारी के लिए ईनाम की धनराशि बढ़ाई जा रही है।
केस तीन- कोखराज कोतवाली इलाके में छह महीने पहले एक किशोरी के साथ छेड़खानी की गई थी। इस मामले में भी पुलिस लीपापोती कर रही थी। नतीजतन किशोरी ने खुद को आग के हवाले कर लिया। पखवाड़े भर तक प्रयागराज के अस्पताल में चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने गलती का एहसास कर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की।
केस चार- चरवा इलाके में पखवाड़े भर पहले एक युवती का शव बोरे में भरा मिला था। इस शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। प्राशासनिक लापरवाही के कारण लाश पोस्टमार्टम हाउस में सड़ गई। बताया गया कि वहां का ड्रीप फ्रीजर खराब है। लाश सड़ने की वजह से उसकी मौत के कारण या दरिंदगी की पुष्टि नहीं हो सकी।
हाथरस कांड को लेकर सरकार गंभीर है। किसी दरिंदे को बख्शा नहीं जाएगा। खुद मुख्यमंत्री मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी से जांच करा रहे हैं।
अनीता त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष भाजपा
हाथरस कांड की कड़ी निंदा की जा रही है। सरकार से अपील है कि दरिंदों को बीच चौराहे पर फांसी दे दिया जाए। ताकि, आने वाले वक्त में इस तरह की कोई घटना नहीं कर सके। -प्रतिभा कुशवाहा, जिला मंत्री भाजपा
मानवता को शर्मशार करने वाली हाथरस की घटना ने प्रदेश के कानून व्यवस्था की कलई खोल कर रख दी है। बिटिया को इंसाफ दिलाने के लिए कांग्रेस किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।
अमिता सिंह- जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी
सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाना चाहिए। पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के साथ ही उचित मुआवजा दिया जाए। सपा पीड़ित परिवार के साथ है। संगठन की तरफ से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। -शिल्पा द्विवेदी, जिलाध्यक्ष, सपा महिला मोर्चा
द ग्रेट पासी सेना ने की घटना की निंदा
मंझनपुर। हाथरस कांड को लेकर द ग्रेट पासी सेना मिशन के लोगों ने बुधवार को मुख्यालय में बैठक कर वारदात की निंदा की। कार्यकर्ताओं ने इस बाबत राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा। बैठक के दौरान मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पासी, जिलाध्यक्ष राम करन सरोज सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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यहां प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक धरना भी दिया। देवेश ने कहा कि हाथरस कि इस वारदात ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। अनुसूचित जाति की बेटी का सामूहिक बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई और योगी सरकार की पुलिस आठ दिन तक एफआईआर नहीं दर्ज कर सकी। पीड़ित लड़की को छह दिनों तक सामान्य वार्ड में रखने और तत्काल एयर एम्बुलेंस से दिल्ली इलाज के लिए नहीं भेजने का आरोप भी कांग्रेसजनों ने लगाया। बिटिया के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा दोषियों को फांसी नहीं होने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर पीसीसी सदस्य राजेंद्र त्रिपाठी, कौशलेश द्विवेदी, शशिप्रताप त्रिपाठी, नकुल दिवाकर, राजकुमार गौतम, आबिदा बेगम, भारत गौतम आदि मौजूद रहे।
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हाथरस की बेटी को मिले इंसाफ, सोशल मीडिया में छिड़ी रार
मंझनपुर। हाथरस जिले में बिटिया के साथ हुई दरिंदगी वारदात को लेकर सोशल साइट्स पर लोग अपना विरोध जता रहे हैं। इसके अलावा सपा व कांग्रेस केंद्र व प्रदेश सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। हाथरस से जुड़ी किसी भी पोस्ट पर देखते ही देखते फालोवर्स की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि, सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसके बाद भी लोग निर्भया कांड की तर्ज पर जस्टिस फॉर बिटिया का नारा बुलंद कर रहे हैं।
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हाथरस जिले में 14 सितंबर को हैवानियत की शिकार हुई 19 साल की बिटिया ने मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे देश भर के लोगों में खासा गुस्सा पनप उठा है। राजनीतिक दल के लोग वारदात के विरोध में प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मंगलवार शाम दरिंदगी की शिकार हुई बिटिया की मौत होने की खबर आई तो सोशल साइट्स पर लोगों के गुस्सा फूट पड़ा। फेसबुक. व्हाट्सएप में लोग दरिंदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।
मंझनपुर कस्बे के सैफ रिजवी ने बिटिया की चिता की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि यह हाथरस की बेटी का शव नहीं, भारत जलता है। भारतीयता जल रही है, मानवता जल रही है। फेसबुक यूजर अजय कुमार सिंह अपनी पोस्ट में लिखते हैं कि कंगना को वाई श्रेणी की सुरक्षा, हाथरस की बिटिया को क्या मिला। पूछता है हिंदुस्तान। इसी तरह राजू गौतम, प्रशांत सिंह ने भी पोस्ट किया। सारा दिन फेसबुक पर हाथरस कांड को लेकर ही लोगों के कमेंट व पोस्ट होते रहे। हालांकि इस बीच प्रदेश सरकार के हवाले से कहा गया कि मामले की जांच एसआईटी से कराई जाएगी। इसके बाद भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है।
जिले की चर्चित घटनाएं
केस वन-21 सितंबर 2019 को सरायअकिल कोतवाली इलाके के एक गांव में एक अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। आरोपियों ने वारदात का वीडियो भी सोशल मीडिया में शेयर किया। इस मामले में पीड़िता के घरवालों ने आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की जिसके बाद पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 दिन में चार्जशीट व एक माह में कोर्ट से सजा दिलाने का निर्देश तत्कालीन एडीजी प्रेम प्रकाश ने दिया था। इसके बाद भी 139 दिन बाद आरोपियों को सिर्फ आजीवन कारावास की सजा ही दिलाई जा सकी।
केस टू- करीब पांच साल पहले पइंसा इलाके में एक एक गांव में रहने वाले चाचा ने अपनी पांच वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। कोर्ट से जमानत के बाद वह फरार है। मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। पुलिस आरोपी को अब तक खोज नहीं सकी सिर्फ उसकी गिरफ्तारी के लिए ईनाम की धनराशि बढ़ाई जा रही है।
केस तीन- कोखराज कोतवाली इलाके में छह महीने पहले एक किशोरी के साथ छेड़खानी की गई थी। इस मामले में भी पुलिस लीपापोती कर रही थी। नतीजतन किशोरी ने खुद को आग के हवाले कर लिया। पखवाड़े भर तक प्रयागराज के अस्पताल में चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने गलती का एहसास कर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की।
केस चार- चरवा इलाके में पखवाड़े भर पहले एक युवती का शव बोरे में भरा मिला था। इस शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। प्राशासनिक लापरवाही के कारण लाश पोस्टमार्टम हाउस में सड़ गई। बताया गया कि वहां का ड्रीप फ्रीजर खराब है। लाश सड़ने की वजह से उसकी मौत के कारण या दरिंदगी की पुष्टि नहीं हो सकी।
हाथरस कांड को लेकर सरकार गंभीर है। किसी दरिंदे को बख्शा नहीं जाएगा। खुद मुख्यमंत्री मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी से जांच करा रहे हैं।
अनीता त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष भाजपा
हाथरस कांड की कड़ी निंदा की जा रही है। सरकार से अपील है कि दरिंदों को बीच चौराहे पर फांसी दे दिया जाए। ताकि, आने वाले वक्त में इस तरह की कोई घटना नहीं कर सके। -प्रतिभा कुशवाहा, जिला मंत्री भाजपा
मानवता को शर्मशार करने वाली हाथरस की घटना ने प्रदेश के कानून व्यवस्था की कलई खोल कर रख दी है। बिटिया को इंसाफ दिलाने के लिए कांग्रेस किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।
अमिता सिंह- जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी
सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाना चाहिए। पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के साथ ही उचित मुआवजा दिया जाए। सपा पीड़ित परिवार के साथ है। संगठन की तरफ से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। -शिल्पा द्विवेदी, जिलाध्यक्ष, सपा महिला मोर्चा
द ग्रेट पासी सेना ने की घटना की निंदा
मंझनपुर। हाथरस कांड को लेकर द ग्रेट पासी सेना मिशन के लोगों ने बुधवार को मुख्यालय में बैठक कर वारदात की निंदा की। कार्यकर्ताओं ने इस बाबत राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा। बैठक के दौरान मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पासी, जिलाध्यक्ष राम करन सरोज सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।