फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   congress party kaushambi unit

गठबंधन हुआ तो चायल पर दावा ठोकेगी कांग्रेस

Wed, 18 Jan 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Wed, 18 Jan 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
गठबंधन की सुगबुगाहट से कांग्रेसियों की चाल तेज हो गई है। कांग्रेसियों ने गठबंधन के तहत चायल सीट की मांग भी कर ली है। 1996 में बसपा से हुए गठबंधन पर कांग्रेस यह सीट जीत चुकी है। इसी का हवाला देकर कांग्रेसी सीट पर अपना मजबूत दावा जता रहे हैं। इसकी संभावना को देखते हुए भाजपा व बसपा में चिंता की लकीरें भी दिखने लगी हैं।
विज्ञापन


   सपा व कांग्रेस में गठबंधन होने पर जिले की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। सपा व कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि गठबंधन हो जाएगा। ऐसी स्थिति में अर्से से अपनी खोई हुई जमीन तलाश रही कांग्रेस को नया जीवन मिल सकता है। कांग्रेस चायल सीट की मांग कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कांग्रेस इस सीट पर 1996 में बसपा से हुए गठबंधन के तहत जीत हासिल कर चुकी है। वर्ष 1996 में विजय प्रकाश ने विजय हासिल की थी। विजय प्रकाश ने सपा के दिनेश सोनकर को हराया था। कांग्रेस को 39763 मत मिले थे, जबकि सपा को 34455 वोट मिले थे।
विज्ञापन


पिछले रिकार्ड को देखते हुए कांग्रेसी मान रहे हैं कि गठबंधन के तहत चायल सीट उनको मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो चायल सीट से सपा प्रत्याशी चंद्रबली पटेल को पीछे हटना भी पड़ सकता है। इसकी संभावना को देखते हुए चायल विधानसभा क्षेत्र के सपाई सकते में हैं। प्रत्याशी के साथ ही उनके समर्थक भी चिंतित हैं। सपाइयों का मानना है कि पिछले रिकार्ड को देखते हुए सपा इस सीट को नहीं छोड़ेगी। वर्ष 2012 के चुनाव में सपा को इस सीट पर मामूली अंतर से हार मिली थी। पिछली बार सपा प्रत्याशी को 1290 वोट से हार मिली थी। पिछले रिकार्ड को देखते हुए ही चायल में सपाइयों के बीच खासा उत्साह चुनाव को लेकर बना था। अब गठबंधन की चर्चा ने सियासी रुख बदल दिया है। सपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मानना है कि बुधवार को इसका फैसला हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


गठबंधन को लेकर बसपा, भाजपा भी सतर्क
सपा-कांग्रेस के होने वाले गठबंधन को लेकर बसपा व भाजपाई भी चौकन्ने हो गए हैं। इस गठबंधन के जरिए होने वाले नफा-नुकसान का आंकलन दोनों दलों ने शुरू कर दिया है। पिछले चुनाव में सपा ने चायल और मंझनपुर सीट पर कांटे की टक्कर दी थी। अब ऐसी स्थिति में कांग्रेस का साथ उसे और मजबूती दे सकता है। इस गठबंधन से किसको नुकसान होगा और किसको फायदा इसको लेकर तमाम तरह के कयास राजनीतिक लगा रहे हैं।
 
गठबंधन होने पर कांग्रेस जिले की एक सीट पर अपना दावा ठोंकेगी। चायल सीट पर गठबंधन के तहत जीत मिल चुकी है, इसलिए चायल सीट की ही मांग की जाएगी।
तलत अजीम, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed