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कलेक्ट्रेट में गरजे अफजलपुर के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:21 AM IST
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मंझनपुर। लोहिया आवास के गरीब लाभार्थियों को ही रिकबरी की नोटिस जारी होने से अफजलपुर वारी के ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। ब्लाक के अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। डीएम को शिकायतीपत्र देकर लोहिया आवास के लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन जिलास्तरीय अफसरों से कराने और अपात्रों से रिकबरी की मांग की है। अनदेखी पर गांववालों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।
बता दें कि सिराथू तहसील के अफजलपुर वारी गांव में अपात्रों को लोहिया आवास आवंटन और जांच के बाद 14 लोगों को रिकबरी की नोटिस का मामला तूल पकड़ने लगा है। गांव के रहने वाले श्रीराम, जयचंद्र, मैना देवी, सुनीता देवी, रामरति, समीना, किरन देवी, सविता देवी, मिश्रीलाल सोनकर, आशा देवी, कलावती, कलुई, आदि ने बताया कि ब्लाक के अफसरों ने अपात्रों को रिकबरी की नोटिस जारी करने में मनमानी की है। उन लोगों को नोटिस भेजी गई है, जो भूमिहीन गरीब मजदूर हैं। जबकि कई-कई बीघा खेत के मालिक, पक्के मकान वाले और दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले अपात्रों को पात्र दिखाकर उन्हें लोहिया आवास दे दिया गया है।
ब्लाक के अफसरों की इस मनमानी से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को भाजपा नेता जीतेंद्र सोनकर के साथ कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर इस मनमानी की जांच जिलास्तरीय टीम से कराने, गरीबों को जारी की गई रिकबरी की नोटिस निरस्त करने और अपात्रों को आवंटित लोहिया आवास रद्द करके उनसे रिकबरी किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया कि उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट में पूरे परिवार के साथ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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मूरतगंज ब्लाक के चकमाह पांडेयमऊ गांव में भी अपात्रों को लोहिया आवास का लाभ दिया गया है। गांव के रहने वाले बच्चूलाल पुत्र शिवराज ने सोमवार को डीएम से इसकी शिकायत की। उसका आरोप है कि गांव के कई ऐसे लोगों को लोहिया आवास आवंटित कर दिया गया है, जिनके परिवार को पूर्व में इंदिरा आवास का भी लाभ मिल चुका है। जिलाधिकारी ने बीडीओ को जांच करके तीन दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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बता दें कि सिराथू तहसील के अफजलपुर वारी गांव में अपात्रों को लोहिया आवास आवंटन और जांच के बाद 14 लोगों को रिकबरी की नोटिस का मामला तूल पकड़ने लगा है। गांव के रहने वाले श्रीराम, जयचंद्र, मैना देवी, सुनीता देवी, रामरति, समीना, किरन देवी, सविता देवी, मिश्रीलाल सोनकर, आशा देवी, कलावती, कलुई, आदि ने बताया कि ब्लाक के अफसरों ने अपात्रों को रिकबरी की नोटिस जारी करने में मनमानी की है। उन लोगों को नोटिस भेजी गई है, जो भूमिहीन गरीब मजदूर हैं। जबकि कई-कई बीघा खेत के मालिक, पक्के मकान वाले और दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले अपात्रों को पात्र दिखाकर उन्हें लोहिया आवास दे दिया गया है।
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ब्लाक के अफसरों की इस मनमानी से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को भाजपा नेता जीतेंद्र सोनकर के साथ कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर इस मनमानी की जांच जिलास्तरीय टीम से कराने, गरीबों को जारी की गई रिकबरी की नोटिस निरस्त करने और अपात्रों को आवंटित लोहिया आवास रद्द करके उनसे रिकबरी किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया कि उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट में पूरे परिवार के साथ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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मूरतगंज ब्लाक के चकमाह पांडेयमऊ गांव में भी अपात्रों को लोहिया आवास का लाभ दिया गया है। गांव के रहने वाले बच्चूलाल पुत्र शिवराज ने सोमवार को डीएम से इसकी शिकायत की। उसका आरोप है कि गांव के कई ऐसे लोगों को लोहिया आवास आवंटित कर दिया गया है, जिनके परिवार को पूर्व में इंदिरा आवास का भी लाभ मिल चुका है। जिलाधिकारी ने बीडीओ को जांच करके तीन दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।