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ठंड की चपेट में आने से दो और मरे
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:31 AM IST
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दोआबा में पखवारे भर से कातिल ठंड का सितम जारी है। पछुआ हवा के साथ कोहरे की घनी चादर के कारण शीतलहर कहर बरपा रही है। इसके चलते मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात भी जिले के अलग-अलग हिस्सों से वृद्धा समेत दो महिलाओं की मौत हो गई। रविवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के बाद से पीड़ित परिजनों में कोहराम है।
सिराथू तहसील क्षेत्र के कमालपुर गांव की रामरती (95) पत्नी राम भरोसे शनिवार रात परिजनों के साथ खाना खाने के बाद बिस्तर पर सोने के लिए चली गई। आधी रात अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। महिला को बिस्तर पर कांपता देख घर वालों ने आग जलाने के बाद घरेलू उपचार शुरू किया। उपचार के बाद घर वाले जब तक उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते महिला की सांसें थम चुकी थीं। रविवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी तरह चायल क्षेत्र के मलाक मोहीउद्दीनपुर गांव निवासी बच्चू लाल की पत्नी ननकी (65) को ठंड लग गई।
परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते कि इससे पहले उसकी सांसें थम गईं। बताते चलें की बीते सात दिनों से गलन भरी ठंड ने विकराल रूप धारण कर रखा है। कातिल बनी ठंड की चपेट में आने से लोग काल के गाल में समा रहे हैं। पखवारे भर में ठंड के कारण दोदर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दो दिन से दोपहर धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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सिराथू तहसील क्षेत्र के कमालपुर गांव की रामरती (95) पत्नी राम भरोसे शनिवार रात परिजनों के साथ खाना खाने के बाद बिस्तर पर सोने के लिए चली गई। आधी रात अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। महिला को बिस्तर पर कांपता देख घर वालों ने आग जलाने के बाद घरेलू उपचार शुरू किया। उपचार के बाद घर वाले जब तक उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते महिला की सांसें थम चुकी थीं। रविवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी तरह चायल क्षेत्र के मलाक मोहीउद्दीनपुर गांव निवासी बच्चू लाल की पत्नी ननकी (65) को ठंड लग गई।
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परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते कि इससे पहले उसकी सांसें थम गईं। बताते चलें की बीते सात दिनों से गलन भरी ठंड ने विकराल रूप धारण कर रखा है। कातिल बनी ठंड की चपेट में आने से लोग काल के गाल में समा रहे हैं। पखवारे भर में ठंड के कारण दोदर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दो दिन से दोपहर धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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