फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Clouds of crisis for children, roofs of 531 out of 941 government schools are dilapidated

Kaushambi News: बच्चों पर संकट के बादल, 941 सरकारी स्कूलों में से 531 की छतें जर्जर

Fri, 15 Aug 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 15 Aug 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
Clouds of crisis for children, roofs of 531 out of 941 government schools are dilapidated
चायल में जर्जर छत के नीचे बैठकर पढ़ाई करते विद्यार्थी। फाइल फोटो
जिले में सरकारी विद्यालयों की स्थिति पर प्रशासन की जांच रिपोर्ट ने चिंताजनक तस्वीर पेश की है। यहां आठ ब्लॉकों के कुल 941 सरकारी विद्यालयों में से 531 की छत जर्जर हैं, बरसात में पानी टपकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन

बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी के निर्देश पर विद्यालयों की जांच कराई गई। इनमें सबसे अधिक प्रभावित विद्यालय सिराथू ब्लॉक में मिले। यहां 158 में से 93 विद्यालयों की छत से पानी टपकता है। चायल ब्लॉक में 155 में से 93, मंझनपुर में 151 में से 63, करारी में 177 में से 69, कौशाम्बी में 139 में से 64, पश्चिमशरीरा में 99 में से 84, सैनी में 126 में से 81 और कड़ा ब्लॉक में 136 में से 84 विद्यालय छत की समस्या से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन

57 विद्यालयों में फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि 112 विद्यालय ऐसे हैं जिनके भवन अत्यधिक जर्जर हो चुके हैं। यहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है। 177 विद्यालयों में रंगाई-पोताई व मरम्मत का कार्य आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि शिक्षकों से हर साल विद्यालय खुलने के बाद रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं होते। इन समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना चाहिए जिससे बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित माहौल में हो सके।

सत्यापन का निर्देश दिया गया था। तीन दिन पहले रिपोर्ट मिली है। इसमें 531 विद्यालयों की छत जर्जर है। इनके निर्माण व मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्माण ग्राम निधि व स्कूलोंं के कंपोजिट ग्रांट से होंगे। - विनोद राम त्रिपाठी, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed