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Kaushambi News: सिविल जज का व्हाट्सएप हैक कर बाबू व महिला क्लर्क से की 40 हजार की ठगी
Sun, 01 Feb 2026 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:12 AM IST
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सिविल जज (जूनियर डिवीजन) का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने अदालत में तैनात बाबू और महिला क्लर्क से 40 हजार रुपये की ठगी की। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ठगी की रकम जाने वाले बैंक खाते को तत्काल फ्रीज कर दिया है।
एफआईआर के अनुसार, शुक्रवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक आया, जिसे क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने जज के व्हाट्सएप नंबर से उनके बाबू, महिला क्लर्क और अन्य परिचितों को मैसेज भेजकर यूपीआई सेवा बंद होने का बहाना बनाया और तत्काल 20-20 हजार रुपये भेजने की मांग की।
सिविल जज का मैसेज देखकर अदालत में तैनात बाबू और सदर कोतवाली क्षेत्र के कलेक्ट्रेट कॉलोनी निवासी महिला क्लर्क अभिलाषा द्विवेदी को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने इसे न्यायाधीश की आवश्यकता समझते हुए बताए गए यूपीआई खाते में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद महिला क्लर्क ने भुगतान का स्क्रीनशॉट सिविल जज को भेज दिया।
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स्क्रीनशॉट देखने के बाद जब सिविल जज ने अभिलाषा द्विवेदी से संपर्क किया, तब साइबर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाना पहुंचकर अज्ञात ठगों के खिलाफ तहरीर दी।
सीओ सदर शिवांक सिंह ने बताया कि मामले में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ठगी की रकम जिस खाते में भेजी गई थी, उसे तत्काल फ्रीज करा दिया गया है। साइबर ठगों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
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एफआईआर के अनुसार, शुक्रवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक आया, जिसे क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने जज के व्हाट्सएप नंबर से उनके बाबू, महिला क्लर्क और अन्य परिचितों को मैसेज भेजकर यूपीआई सेवा बंद होने का बहाना बनाया और तत्काल 20-20 हजार रुपये भेजने की मांग की।
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सिविल जज का मैसेज देखकर अदालत में तैनात बाबू और सदर कोतवाली क्षेत्र के कलेक्ट्रेट कॉलोनी निवासी महिला क्लर्क अभिलाषा द्विवेदी को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने इसे न्यायाधीश की आवश्यकता समझते हुए बताए गए यूपीआई खाते में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद महिला क्लर्क ने भुगतान का स्क्रीनशॉट सिविल जज को भेज दिया।
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स्क्रीनशॉट देखने के बाद जब सिविल जज ने अभिलाषा द्विवेदी से संपर्क किया, तब साइबर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाना पहुंचकर अज्ञात ठगों के खिलाफ तहरीर दी।
सीओ सदर शिवांक सिंह ने बताया कि मामले में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ठगी की रकम जिस खाते में भेजी गई थी, उसे तत्काल फ्रीज करा दिया गया है। साइबर ठगों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।