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परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को तीन माह बाद भी नहीं मिली किताबें

Tue, 26 Jul 2022 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 12:48 AM IST
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Children of primary schools did not get books even after three months
चायल स्थित शंकुल विद्यालय में बिना किताब के मायूस बैठे बच्चे - फोटो : KAUSHAMBI
परिषदीय विद्यालय भले ही खुल गए हों, लेकिन पठन-पाठन अभी पटरी पर नहीं आ सका है। नए शिक्षण सत्र के तीन माह बाद भी परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को नई किताबें नहीं दी र्गइं। नई किताबों को लेकर विभागीय अफसर डिमांड भेजने की बात कह रहे हैं।
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चायल विकास क्षेत्र में 54 प्राथमिक, 14 उच्च प्राथमिक और चार कंपोजिट विद्यालय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब 13 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया है। अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। गर्मी की छुट्टियों के बाद 13 जून से विद्यालय लगातार चल रहे हैं। लेकिन अभी तक बच्चों को नई सत्र की किताबें नहीं मिल सकी हैं। बच्चे फटी-पुरानी किताबों को लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। खंड शिक्षा खंड शिक्षा अधिकारी चायल ज्योति शुक्ला का कहना है कि विद्यालयों में अभी तक प्रवेश का कार्य चल रहा था। अब पंजीकृत छात्र संख्या के आधार पर डिमांड भेजी गई है। जल्द ही किताबें आने की संभावना है।
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कसेंदा में अधिकतर बच्चों के पास किताबें ही नहीं
परिषदीय विद्यालय कसेंदा में 325 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चे पुरानी और फटी किताबों को लेकर विद्यालय आ रहे हैं। नया प्रवेश लेकर विद्यालय आने वाले अधिकांश बच्चों के पास किताबें ही नहीं हैं। प्रधानाध्यापिका रेहाना परवीन ने बताया कि किताबें नहीं मिलने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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किताबों के अभाव नहीं हो रही पढ़ाई
बीआरसी चायल परिसर में संचालित संकुल विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 1100 बच्चे किताबें नहीं मिलने से मायूस हैं। कक्षा छह की प्रिया, संदीप कुमार, कक्षा सात की अनुराधा, किशन आदि बच्चों ने बताया कि किताब के अभाव में पढ़ाई नहीं हो पा रही है। शिक्षक भी क्लास में कम ही आते हैं।

कसेंदा में दिव्यांग बच्चों की नहीं होती देखभाल
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों की निगरानी के लिए अलग से शिक्षक तैनात किए गए हैं। चायल बीआरसी क्षेत्र के विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों के लिए तीन शिक्षक हैं। यहां शिक्षिका इंदू बाला पिछले कई महीने से विद्यालय नहीं आ रही हैं। एबीएसए ज्योति शुक्ला का कहना है कि औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
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