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Kaushambi News: सात साल में जर्जर हो गया चरवा अस्पताल, हादसे की आशंका

Sun, 10 Aug 2025 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sun, 10 Aug 2025 12:48 AM IST
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Charwa hospital has become dilapidated in seven years, fear of accident
चरवा पीएचसी में कुछ इस तरह अस्त-व्यस्त ​स्थित में रखे सामान।   संवाद
मंझनपुर/चरवा। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में डॉक्टरों के कक्ष और अस्पताल परिसर में बने डॉक्टर और कर्मियों के आवास इतने जर्जर हो चुके हैं कि यहां की छतों से प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। ऐसे में यहां पर रहने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारियों के साथ ही इलाज कराने आए मरीजों को हादसे का डर सताता रहता है।
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चरवा उत्तर थोक निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार को वह अस्पताल में बेटे का इलाज कराने आए थे। ओपीडी के बाहर मरीजों की काफी भीड़ रही। वहीं हाल में बेटा बैठा रहा। उसी दौरान छत से प्लास्टर गिर गया। इसे देख वहां पर मौजूद सभी लोग डर गए। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारी ने बताया कि सात साल पहले अस्पताल के भवन का निर्माण हुआ था लेकिन कुछ ही दिनों के बाद भवन जर्जर हो गया। अस्पताल के सभी कमरों की छत से हमेशा प्लास्टर गिरता रहता है।
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इसको लेकर कर्मचारियों में हादसे का डर बना रहता है। बता दें कि मई महीने में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल की बाउंड्री और आवास की मरम्मत को लेकर सीएमओ को निर्देश दिया लेकिन इस ओर जिम्मेदारों ने अभी तक ध्यान नहीं दिया। यहां पर रोजाना 100 से अधिक मरीज आते हैं। वहीं महिला अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच प्रसव होते हैं। अस्पताल की दुर्दशा देख मरीज भी दहशत में रहते हैं।
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जर्जर भवन भी बना है मुसीबत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कक्ष और आवासीय भवन जर्जर हो गया हैं। अस्पताल परिसर में बने डॉक्टर और कर्मियों के आवास इतने जर्जर हो चुके हैं कि यहां रहने में लोग डरते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि प्लास्टर हमेशा टूटकर गिरता रहता है।
खतरे में 50 से अधिक मरीज व कर्मचारियों की जान
- पीएचसी व राजकीय महिला चिकित्सालय दोनों में करीब 10 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती है। यहां रोजाना करीब 100 से अधिक मरीज उपचार कराने आते हैं। यहां पर प्रसव की सुविधा भी है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं व स्वास्थ्य कर्मियों की जान हर समय खतरे में रहती है।

अस्पताल का भवन जर्जर है, इस कारण समस्याएं होती है। दो महीने पहले उच्च अधिकारियों को भवन मरम्मत के लिए पत्राचार किया गया है लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया। - डॉ. वीके मिश्रा, चिकित्सा प्रभारी

चरवा पीएचसी में कुछ इस तरह अस्त-व्यस्त स्थित में रखे सामान।   संवाद

चरवा पीएचसी में कुछ इस तरह अस्त-व्यस्त स्थित में रखे सामान।   संवाद

चरवा पीएचसी में कुछ इस तरह अस्त-व्यस्त स्थित में रखे सामान।   संवाद

चरवा पीएचसी में कुछ इस तरह अस्त-व्यस्त स्थित में रखे सामान।   संवाद

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