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बीटीसी पेपर लीक प्रकरण: मोहरों से आगे नहीं बढ़ पा रही पुलिस
kaushambi
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:05 AM IST
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मंझनपुर। बीटीसी पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच सिर्फ मोहरों के इर्द-गिर्द घूम रही है। पुलिस ने अब तक दो दर्जन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया लेकिन मास्टर माइंड का पता नहीं चल सका। फिलहाल पुलिस को यह जानकारी मिली है कि कौशाम्बी और फतेहपुर जिले में खूब पेपर वायरल हुआ है।
बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक हो गया था। यह पेपर कौशाम्बी में वायरल हुआ तो डीआईओएस ने मामले की जांच के बाद सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसे लेकर पूरे प्रदेश में भूचाल आ गया। पेपर लीक करने वालों के खिलाफ एसटीएफ को भी लगाया गया। एसटीएफ ने इलाहाबाद स्थित दीप्ती इंटरप्राइजेज के मालिक आशीष अग्रवाल और भार्गव प्रेस के मालिक अरविंग भार्गव को गिरफ्तार कर जेल भेजा। एसटीएफ का मामला था कि दोनों प्रेस से किसी कर्मचारी के जरिए पेपर लीक हुआ है।
इसकी जांच क्राइम ब्रांच कौशाम्बी को सौंपी गई। जांच में पता चला कि यह पेपर कौशाम्बी और फतेहपुर में खूब वायरल हु्आ था। इन्ही जनपदों से पेपर अन्य जगह पहुंचा था। हलांकि यहां के डीआईओएस का दावा था कि जिले से पेपर लीक नहीं हुआ। इसे लेकर पुलिस मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पा रही है। सर्विलांस और पेपर वाले करीब दो दर्जन लोगों का बयान लिया जा चुका है। इसके बाद भी सिर्फ मोहरे हाथ लग रहे हैं। मास्टर माइंड का कहीं पता नहीं चल पा रहा है।
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बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक हो गया था। यह पेपर कौशाम्बी में वायरल हुआ तो डीआईओएस ने मामले की जांच के बाद सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसे लेकर पूरे प्रदेश में भूचाल आ गया। पेपर लीक करने वालों के खिलाफ एसटीएफ को भी लगाया गया। एसटीएफ ने इलाहाबाद स्थित दीप्ती इंटरप्राइजेज के मालिक आशीष अग्रवाल और भार्गव प्रेस के मालिक अरविंग भार्गव को गिरफ्तार कर जेल भेजा। एसटीएफ का मामला था कि दोनों प्रेस से किसी कर्मचारी के जरिए पेपर लीक हुआ है।
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इसकी जांच क्राइम ब्रांच कौशाम्बी को सौंपी गई। जांच में पता चला कि यह पेपर कौशाम्बी और फतेहपुर में खूब वायरल हु्आ था। इन्ही जनपदों से पेपर अन्य जगह पहुंचा था। हलांकि यहां के डीआईओएस का दावा था कि जिले से पेपर लीक नहीं हुआ। इसे लेकर पुलिस मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पा रही है। सर्विलांस और पेपर वाले करीब दो दर्जन लोगों का बयान लिया जा चुका है। इसके बाद भी सिर्फ मोहरे हाथ लग रहे हैं। मास्टर माइंड का कहीं पता नहीं चल पा रहा है।
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