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खुलासा : ऑनलाइन सट्टे में लगी लाखों की लगी चपत तो बैंक कैशियर ने कर डाला 41 लाख का गबन

Thu, 22 Dec 2022 08:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 22 Dec 2022 08:04 PM IST
सार

सरायअकिल कस्बे के फकीराबाद स्थित बड़ौदा उप्र. ग्रामीण बैंक के मैनेजर कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव का कहना था कि उनके यहां पिपरी कोतवाली के रसूलपुर निवासी अमित पांडेय कैशियर थे। सोमवार को कैश काउंटर बंद कराने के दौरान आहरण का 30 लाख रुपये आया था।

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Bank cashier embezzled 41 lakhs when he lost lakhs in online betting
बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक कौशांबी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक फकीराबाद की शाखा में तैनात कैशियर को ऑनलाइन सट्टा खेलने की बुरी लत ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सट्टे में लाखों रुपया उसने ग्राहकों का भी धोखे से दांव पर लगा दिया था। ग्राहकों की रकम की भरपाई के लिए उसने बैंक की जमापूंजी में फ्राड किया और मामले की जानकारी होने के बाद उसे जेल की हवा खानी पड़ी।

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सरायअकिल कस्बे के फकीराबाद स्थित बड़ौदा उप्र. ग्रामीण बैंक के मैनेजर कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव का कहना था कि उनके यहां पिपरी कोतवाली के रसूलपुर निवासी अमित पांडेय कैशियर थे। सोमवार को कैश काउंटर बंद कराने के दौरान आहरण का 30 लाख रुपये आया था। इसके अलावा बैंक में पहले से भी पैसा था। रकम ज्यादा होने के कारण उन्होंने मुख्यालय में मैसेज कर कैश वैन भेजकर पैसा उठाने को कहा। मंगलवार को वह नेवादा इलाके में ऋण बकायेदारी के निरीक्षण पर निकले थे।
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इस दौरान कैश वैन पहुंची तो उन्होंने कैशियर को पैसा देने को कहा। कैशियर ने बताया कि बैंक में पैसा ही नहीं है। फोन पर मिली सूचना के बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को दी और वह खुद बैंक पहुंचे। बैंक में कैश का मिलान करने पर पता चला कि 41 लाख 22 हजार 845 रुपये कम हैं। 
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कैशियर से पूछताछ करने पर पहले तो वह गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने खुद ही रकम को गबन करने की बात कुबूल की। इस बाबत मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जेल भेज दिया। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है जांच के दौरान पता चला कि कैशियर रकम ऑनलाइन सट्टा में हार गया था। यह रकम ग्राहकों के खाते से निकाली गई थी। फिलहाल मामले की कई अन्य बिंदुओं से जांच की जा रही है।

मुंबइया अंदाज में टोपी फिराने के तर्ज कर खेलता था सट्टा कैशियर अमित

बड़ौदा उप्र. ग्रामीण बैंक फकीराबाद में नियुक्त कैशियर अमित पांडेय मुंबई के सटोरियों की तर्ज पर सट्टा खेलता था। बैंक के बड़े ग्राहकों को विश्वास में लेने के बाद वह उनके खाते में पैसा डलवाता था और उसी पैसे को निकालकर सट्टा खेल लेता था। किस्मत से अगर जीता तो ग्राहक के खाते में पैसा जमा कर दिया जाता था, लेकिन अगर हार गया तो दूसरे ग्राहक से पैसा जमाकर पहले वाले के खाते में डाला जाता था। पुलिस की माने तो मुंबई में सट्टे के इस खेल को टोपी फिराने कहते हैं।

गबन के मामले में जेल गए बड़ौदा उप्र. ग्रामीण बैंक के कैशियर अमित पांडेय के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पता चला कि वह सट्टा खेलने में बैंक के ग्राहकों की रकम ही हार-जीत में लगाया करता है। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो बैंकों में खासकर बड़े कारोबारियों का अच्छा-खासा लेनदेन होता है। कारोबारियों को सीसी लिमिट की भी जरुरत होती है। बड़े कारोबारियों की मदद के लिए बैंक आगे आते हैं।

इसके पीछे मकसद होता हैं कि बैंकिंग बढ़िया हो। सूत्रों की मानें तो बैंक के जिम्मेदार अपने यहां बराबर लेनदेन करने वाले बड़े कारोबारियों को कभी-कभार उनकी जमापूंजी में से महज चेक लेकर भी पैसा निकाल देते हैं। चाहे उस वक्त बैंक भले ही क्यों न बंद हो। इसके अलावा अगर बैंक को जरुरत होती है तो वह अपने यहां के बड़े कारोबारियों से उनके खुद के खाते में पैसा डालने को कहता था। 

बस, इसी बात का फायदा कैशियर उठा रहा था। वह अक्सर बैंक के बड़े उपभोक्ताओं को उनके खुद के खाते में पैसा जमा करने को कहता और कुछ दिन बाद वापस करने को कहता था। इस तरह से उसने कई-कई ऐसा किया। इस बार वह काफी रकम हार गया और तीन उपभोक्ताओं के खाते में पैसा वापस नहीं जमा कर सका। सूत्रों की मानें तो इसकी शिकायत बैंक के अफसरों से हुई तो उन्होंने कैश का मिलान कराया। यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ। 

इनका कहना है
बैंक कैशियर ऑनलाइन सट्टे में लाखों रुपया हार गया था। पहले वह ग्राहकों का पैसा एक-दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर अपनी बुरी लत को पूरा कर लेता था। इस बार ऐसा नहीं हो सका। काफी रकम सट्टे में हारने के बाद उसने उसकी भरपाई बैंक की जमापूंजी की और पकड़ा गया। -बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी


 

जानें क्या है पूरा मामला

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