kaushambi : उज्जैन जा रहे साधुओं के जत्थे पर हमला, पुलिस ने बचाई जान
बुधवार सुबह करीब नौ बजे चारों संत कोड़र पूरब गांव पहुंचे ही थे तभी ग्रामीण बच्चा चोर की अफवाह फैलाकर उन्हें पीटने लगे। गनीमत रही कि किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पाकर इंस्पेक्टर विनोद सिंह फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और संतो को ग्रामीणों से मुक्त कराया।
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सदर कोतवाली के कोड़र पूरब गांव में बुधवार सुबह पैदल उज्जैन जा रहे साधुओं पर ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर हमला कर दिया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह संतो को सकुशल कोतवाली पहुंचाया। जांच-पड़ताल के बाद सभी को पुलिस सुरक्षा में गंतव्य के लिए रवाना किया गया। मथुरा के गोवर्धन आश्रम के चार संत 11 जून से 12 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकले हैं। संतों के पीछे उनके खाने-पीने का सामान एक कार में लदा था। यात्रा में शामिल संतों ने बताया कि 26 जून को गोमुख से जल लेने के बाद वह उज्जैन जा रहे थे।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे चारों संत कोड़र पूरब गांव पहुंचे ही थे तभी ग्रामीण बच्चा चोर की अफवाह फैलाकर उन्हें पीटने लगे। गनीमत रही कि किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पाकर इंस्पेक्टर विनोद सिंह फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और संतो को ग्रामीणों से मुक्त कराया। इसके बाद इंस्पेक्टर ने माइक से गांव में घोषणा कराई कि लोग इस तरह की अफवाहों से बचें। किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि होने पर पुलिस को सूचना दें। कोतवाली में संतों से पूछताछ के बाद पुलिस सुरक्षा में सभी गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
संतों ने बताया कि वह लोग उज्जैन जा रहे हैं। इससे पहले उन लोगों ने जहां-जहां प्रवास किया वहां के लोगों ने उनका स्वागत किया। संत कई जनपदों मे अपने स्वागत की अखबारों में छपी खबर भी दिखा रहे थे।
गूगल मैप के सहारे उज्जैन जा रहे थे संत
सदर कोतवाली के कोड़र गांव के समीप हमले का शिकार हुए संतों ने बताया, वह लोग रास्ते से अनजान थे। गूगल मैप के सहारे वह उज्जैन जा रहे थे। जहां हमला हुआ (कोड़र) वहां नेटवर्क की दिक्कत के कारण वह लोग कुछ देर के लिए रुके। तभी, अचानक ग्रामीण बच्चा चोर का हल्ला मचाते हुए जुटकर पीटने लगे।