फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Arif had hidden the dead body for 10 hours in Mirzapur's residence, had killed him for not accepting Islam

खुलासा : मिर्जापुर के आवास में 10 घंटे आरिफ ने छिपाए रखा था शव, इस्लाम न कुबूलने पर की थी हत्या

Thu, 16 Feb 2023 08:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Feb 2023 08:23 PM IST
सार

प्रेमिका चंदा के इस्लाम धर्म नहीं कुबूल करने पर आरिफ ने सोमवार को ही मिर्जापुर स्थित आवास में उसी के दुपट्टे से गला घोटने के बाद हत्या की थी। शव ठिकाने लगाने को लेकर हत्यारोपी 10 घंटे तक मंथन करता रहा।

विज्ञापन
Arif had hidden the dead body for 10 hours in Mirzapur's residence, had killed him for not accepting Islam
Kaushambi : चंदा सिंह। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रेमिका चंदा के इस्लाम धर्म नहीं कुबूल करने पर आरिफ ने सोमवार को ही मिर्जापुर स्थित आवास में उसी के दुपट्टे से गला घोटने के बाद हत्या की थी। शव ठिकाने लगाने को लेकर हत्यारोपी 10 घंटे तक मंथन करता रहा। कोई रास्ता नहीं सूझता देख देर रात वह शव लेकर अषाढ़ा पहुंचा। यहां शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता, लेकिन मृतका की बेटियों ने अपने ननिहाल में खबर कर दी। ननिहाल वालों की सूचना पर यूपी 112 पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकला।

विज्ञापन


मिरदहन का पूरा गांव निवासी मो. आरिफ मऊ जिले के जोगापुर पीएचसी में 108 एंबुलेंस का चालक था। उस दौरान आरिफ की मुलाकात दिवंगत फौजी दुर्गेश सिंह की पत्नी चंदा से हुई। चंदा को पति के फंड का भी पैसा मिला था। आरिफ ने चंदा को हिंदू बनकर प्रेमजाल में फंसाया और उसे कौशाम्बी में व्यापार करने का झांसा दिया। चंदा वर्ष 2016 में आरिफ के साथ बेटियों सहित कौशाम्बी आ गई।

विज्ञापन

चंदा और आरिफ के बीच हमेशा होता था विवाद

आरिफ ने उसे अषाढ़ा में मौलाना मेराज के घर को किराए का कमरा लेकर रखा। करीब डेढ़ साल पहले आरिफ का ट्रांसफर मिर्जापुर जिले में हो गया। उसकी तैनाती गुरसंडी पीएचसी में थी। इस दौरान आरिफ ने अषाढ़ा में चंदा के पैसे से जमीन खरीदी और उस पर भवन निर्माण कराना शुरू कर दिया। आरिफ जमीन अपने नाम खरीदना चाहता था, लेकिन चंदा राजी नहीं हुई।

इसे लेकर अक्सर चंदा व आरिफ के बीच विवाद होता था। अषाढ़ा में चंदा के पड़ोसियों का कहना है आठ फरवरी को आरिफ उसे इलाज कराने अपने साथ मिर्जापुर ले गया। 13 फरवरी के दिन सुबह चंदा ने बेटी सृष्टि व वर्षा से फोन पर करीब तीन घंटे बात की। इसके बाद शाम छह बजे जब सृष्टि ने मां को फोन लगाया तो दूसरी तरफ से सिर्फ चंदा ने .. हैलो कहा। इसके बाद बात नहीं हो सकी। करीब 8.30 बजे आरिफ ने सृष्टि को फोन पर चंदा के मौत हो जाने की जानकारी दी। रात दो बजे वह प्राइवेट एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचा था।

पुलिस सूत्रों की मानें तो चंदा की मिर्जापुर में ही आरिफ ने हत्या कर दी थी। इसके बाद करीब 10 घंटे तक उसने लाश कमरे में छिपाए रखी। रात को उसने प्राइवेट एंबुलेंस बुक किया और शव लेकर अषाढ़ा पहुंचा। आरिफ शव ठिकाने लगाने को लेकर मंथन करता रहा। बाद में उसे कौशाम्बी में अंतिम संस्कार करना ही मुनासिब लगा। वजह यह थी कि अगर मिर्जापुर में ज्यादा देर तक शव रखा जाता तो पड़ोसियों (बदबू से) को भनक लग सकती है। अषाढ़ा में सिर्फ चंदा की नाबालिग बेटियां थी। इसी वजह से उसने यहां लाकर अंतिम संस्कार करना चाहा।

चंदा की जायदाद पर थी आरिफ की नजर

चंदा की हत्या के बाद अषाढ़ा गांव के लोग हतप्रभ हैं। चंदा आरिफ से बेहद प्यार करती थी। लेकिन वह आरिफ से कोई बच्चा नहीं चाहती थी। दूसरी तरफ आरिफ की नजर चंदा की जायदाद पर भी थी। चंदा को पहले पति से दो बेटियां थी। वह यह नहीं चाहती थी कि उसके पति की जायदाद में किसी तरह का बंटवारा हो। दूसरी तरफ आरिफ अपनी प्रेमिका चंदा की जायदाद पर नजर रखे था। इस वजह से वह चंदा से एक बेटा होने की उम्मीद पाले था।

लेकिन चंदा इसके लिए हरगिज राजी नहीं थी। वह चंदा पर इस्लाम धर्म कुबूल करने को लेकर दबाव भी बनाता था। मकसद था कि अगर चंदा ने इस्लाम कुबूल कर लिया तो वह अपनी पहली पत्नी को साथ ले आ सकेगा। पहली पत्नी से आरिफ के दो बेटे हैं। मौजूदा वक्त आरिफ की पत्नी अपने मायके फतेहपुर जिले के खंथवां में रह रही है।

प्रेमिका की हत्या के बाद पत्नी से फोन पर की बात

चंदा सिंह को प्रेम जाल में फंसाकर कौशाम्बी लाने के बाद आरिफ के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उसने अपनी पत्नी से समाज को दिखाने के लिए नाता तोड़ा। पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मायके चली गई। मिरदहन का पूरा स्थित गांव में भी आरिफ अपने घर नहीं जाता था, लेकिन पैतृक संपत्ति पर उसकी बराबर निगरानी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरिफ लगातार अपनी पत्नी से फोन पर संपर्क में था। जिस दिन उसने चंदा की हत्या की, उस दिन भी आरिफ ने पत्नी से फोन पर बात की।

विज्ञापन

एक महीने से ड्यूटी पर नहीं जा रहा था आरिफ
आरिफ की तैनाती इन दिनों मिर्जापुर जिले के गोरसंडी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में थी। वह वहां 108 एंबुलेंस चलाता था। एंबुलेंस के प्रभारी आकाश तिवारी की मानें तो आरिफ करीब एक महीने से अवकाश पर था। उसने बताया था कि पत्नी को ब्लड कैंसर हुआ है। वह उसका इलाज कराने जा रहा है। इस वजह से आरिफ जो एंबुलेंस चलाता था, उसे दूसरे चालक के हवाले कर दिया गया था। अमर उजाला से फोन पर बातचीत के दौरान आकाश तिवारी इसके अलावा कुछ नहीं बता सके।

संदीपन घाट में मां का अंतिम संस्कार कर ननिहाल गई बेटियां

बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद चंदा का उसके मायके वालों ने संदीपन घाट में अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद चंदा के मायके उसकी दोनों बेटियां सृष्टि व वर्षा को अपने साथ लेकर बलिया रवाना हो गए हैं। मृतका के अषाढ़ा स्थित निर्माणाधीन भवन व किराए वाले घर में ताला बंद है। चंदा ने जो घर बनवाया था, उसमें चार कमरे बने हैं। चंदा ने वहां अपना काफी समान भी पहुंचा दिया था। वह जल्द ही गृह प्रवेश करना चाहती थी, लेकिन इससे पहले वह काल के गाल में समा गई।

पढ़ने में होशियार हैं चंदा की बेटियां
मृतका चंदा अपनी बेटी सृष्टि व वर्षा को बेहतर शिक्षा दिलाकर उनका भविष्य संवारना चाहती थी। उसकी दोनों बेटियों का दाखिला बीआरएस इंग्लिश मीडियम स्कूल एंड कॉलेज वैशकांटी में है। स्कूल के प्रिंसिपल कंचन सिंह का कहना है चंदा की बड़ी बेटी सृष्टि आठवीं व वर्षा छठीं कक्षा की छात्रा हैं। दोनों बच्चियां पढ़ने में बहुत होशियार हैं। अक्सर फीस नहीं दे पाने के कारण किचकिच होती थी। आरिफ ही आकर फीस जमा करता था। बच्चों के अभिलेख में कुछ तकनीकी दिक्कतों को सुधरवाने के लिए चंदा व आरिफ से कहा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed