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पेंशन के लिए फूटा महिलाओं का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Wed, 04 Feb 2015 12:05 AM IST
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गरीब होने के बाद भी समाजवादी पेंशन नहीं मिलने से मंगलवार को टेंवा गांव की गरीब महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। अपात्रों को पेंशन दिए जाने का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने मंझनपुर आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने सीडीओ को जांच कराने का निर्देश दिया है।
मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के टेंवा गांव की रहने वाली रामा देवी, अनीता देवी, प्रीति देवी, मीना देवी, सविता देवी, अंजलि देवी, सुनीता देवी, सुनैना देवी, सुशीला देवी, लालती, कल्पना देवी, तेजनी, ज्ञानमति, लक्ष्मी देवी, गुजरतिया, नथिया देवी, शिवरतिया, बिट्टन आदि करीब 250 महिलाओं ने मंगलवार को मंझनपुर आकर हुंकार भरी। इन महिलाओं का आरोप है कि वे भूमिहीन, गरीब महिलाएं हैं। पहले उन्हें महामाया पेंशन योजना का लाभ भी मिलता था। बाद में उनके खाते में पेंशन आनी बंद हो गई। महिलाओं ने बताया कि 19 दिसंबर 2014 को उन लोगों ने सीडीओ और समाज कल्याण अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर इसकी शिकायत भी की गई।
तब बताया गया था कि समाजवादी पेंशन के आवेदकों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके बाद लाभार्थियों की सूची जारी की जाएगी। आरोप है कि सूची में गरीब महिलाओं का नाम हटाकर उनके स्थान पर अपात्रों का नाम शामिल कर लिया गया है। पेंशन नहीं मिलने से गुस्साई महिलाओं ने जिलाधिकारी का घेराव किया। डीएम से शिकायत करके पेंशन दिलवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने सीडीओ को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के टेंवा गांव की रहने वाली रामा देवी, अनीता देवी, प्रीति देवी, मीना देवी, सविता देवी, अंजलि देवी, सुनीता देवी, सुनैना देवी, सुशीला देवी, लालती, कल्पना देवी, तेजनी, ज्ञानमति, लक्ष्मी देवी, गुजरतिया, नथिया देवी, शिवरतिया, बिट्टन आदि करीब 250 महिलाओं ने मंगलवार को मंझनपुर आकर हुंकार भरी। इन महिलाओं का आरोप है कि वे भूमिहीन, गरीब महिलाएं हैं। पहले उन्हें महामाया पेंशन योजना का लाभ भी मिलता था। बाद में उनके खाते में पेंशन आनी बंद हो गई। महिलाओं ने बताया कि 19 दिसंबर 2014 को उन लोगों ने सीडीओ और समाज कल्याण अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर इसकी शिकायत भी की गई।
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तब बताया गया था कि समाजवादी पेंशन के आवेदकों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके बाद लाभार्थियों की सूची जारी की जाएगी। आरोप है कि सूची में गरीब महिलाओं का नाम हटाकर उनके स्थान पर अपात्रों का नाम शामिल कर लिया गया है। पेंशन नहीं मिलने से गुस्साई महिलाओं ने जिलाधिकारी का घेराव किया। डीएम से शिकायत करके पेंशन दिलवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने सीडीओ को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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