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हिनौता कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
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aggitation against quota shopkeeper
- फोटो : KAUSHAMBI
हिनौता कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सरसवां विकास खंड के हिनौता से आए ग्रामीणों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर कोटेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कोटेदार पर गंभीर आरोप लगाया। उप जिला मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हिनौता गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्ञान सिंह की अगुवाई में आए ग्रामीणों का आरोप था कि कोटेदार राजेंद्र सिंह के पास 30 साल से सस्ते गल्ले की दुकान है। कोटेदार दो-तीन महीने के बाद ही मिट्टी के तेल का वितरण करता है। पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों से महीने की सात व आठ तारीख को ही मशीन में अंगूठा लगवा लिया जाता है लेकिन राशन का वितरण एक महीने के अंतराल पर किया जाता है। राशन की दर भी ज्यादा वसूल की जाती है। राशन में घटतौली किया जाता है। विरोध करने पर ग्रामीणों को कार्ड निरस्त कराने की धमकी दिया जाता है। बीडीसी सहित उसके साथ आए गांव के लोगों ने मामले की जांच कराकर कोटे की दुकान किसी ईमानदार व्यक्ति को दिए जाने की मांग की।
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सरसवां विकास खंड के हिनौता से आए ग्रामीणों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर कोटेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कोटेदार पर गंभीर आरोप लगाया। उप जिला मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हिनौता गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्ञान सिंह की अगुवाई में आए ग्रामीणों का आरोप था कि कोटेदार राजेंद्र सिंह के पास 30 साल से सस्ते गल्ले की दुकान है। कोटेदार दो-तीन महीने के बाद ही मिट्टी के तेल का वितरण करता है। पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों से महीने की सात व आठ तारीख को ही मशीन में अंगूठा लगवा लिया जाता है लेकिन राशन का वितरण एक महीने के अंतराल पर किया जाता है। राशन की दर भी ज्यादा वसूल की जाती है। राशन में घटतौली किया जाता है। विरोध करने पर ग्रामीणों को कार्ड निरस्त कराने की धमकी दिया जाता है। बीडीसी सहित उसके साथ आए गांव के लोगों ने मामले की जांच कराकर कोटे की दुकान किसी ईमानदार व्यक्ति को दिए जाने की मांग की।
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