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अफजलपुर वारी के लोगों ने घेरा कलेक्ट्रेट
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 10 Jan 2015 12:07 AM IST
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अपात्रों का लोहिया आवास आवंटन मामले में रिकवरी नहीं होने से शुक्रवार को अफजलपुर वारी के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने प्रधान पर आवास आवंटन के साथ ही मनरेगा, समाजवादी पेंशन आदि में भी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
सिराथू तहसील के अफजलपुर वारी गांव के रहने वाले बसंत सोनी, नूर मोहम्मद, असलम, राम भवन, नरेशचंद्र, जावेद हुसैन, अखिलेश कुमार, मोहम्मद इलियास, ननकू, गुलाबचंद्र, प्रदीप कुमार आदि ने बताया कि उनके गांव में 97 लोगों का चयन लोहिया आवास के लिए किया गया था। आरोप है कि इनमें से 37 अपात्र व्यक्तियों को आवास दे दिया गया है। शिकायत करने पर जिलास्तरीय अफसरों ने गांव आकर सत्यापन किया था। ग्रामीणों ने बताया कि सत्यापन में 14 लोगों को अफसरों ने अपात्र पाया था। इन्हें रिकवरी की नोटिस भी करीब एक महीने पहले जारी की गई थी। आरोप है कि अब तक किसी भी अपात्र व्यक्ति से रिकवरी अथवा अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं ग्रामीणों ने फर्जी मास्टर रोल से मनरेगा योजना की दिहाड़ी में गोलमाल करने, अपात्रों को समाजवादी पेंशन का आवंटन किए जाने का भी आरोप प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर लगाया है। गांववालों की मानें तो लोहिया आवास के कई लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन के लिए भी चयनित कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत अफसरों से की गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर कार्रवाई की मांग की। अनदेखी पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
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सिराथू तहसील के अफजलपुर वारी गांव के रहने वाले बसंत सोनी, नूर मोहम्मद, असलम, राम भवन, नरेशचंद्र, जावेद हुसैन, अखिलेश कुमार, मोहम्मद इलियास, ननकू, गुलाबचंद्र, प्रदीप कुमार आदि ने बताया कि उनके गांव में 97 लोगों का चयन लोहिया आवास के लिए किया गया था। आरोप है कि इनमें से 37 अपात्र व्यक्तियों को आवास दे दिया गया है। शिकायत करने पर जिलास्तरीय अफसरों ने गांव आकर सत्यापन किया था। ग्रामीणों ने बताया कि सत्यापन में 14 लोगों को अफसरों ने अपात्र पाया था। इन्हें रिकवरी की नोटिस भी करीब एक महीने पहले जारी की गई थी। आरोप है कि अब तक किसी भी अपात्र व्यक्ति से रिकवरी अथवा अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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वहीं ग्रामीणों ने फर्जी मास्टर रोल से मनरेगा योजना की दिहाड़ी में गोलमाल करने, अपात्रों को समाजवादी पेंशन का आवंटन किए जाने का भी आरोप प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर लगाया है। गांववालों की मानें तो लोहिया आवास के कई लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन के लिए भी चयनित कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत अफसरों से की गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर कार्रवाई की मांग की। अनदेखी पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
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