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पांच बच्चों की मौत के बाद जागा प्रशासन, दवा-पानी का किया इंतजाम
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भरवारी स्थित गौशाला में लगे हैंडपंप में पानी का सैम्पल लेती स्वास्थ्य टीम
- फोटो : KAUSHAMBI
। नगर पालिका भरवारी के गोशाला पर मोहल्ले में पांच बच्चों की मौत के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. केसी राय व नगर पालिका प्रशासन के जिम्मेदार मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने बस्ती में बीमार मिले 25 लोगों को दवाएं दीं। वहीं नगर पालिका की तरफ से आरओ वाले पानी का टैंकर भिजवाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बुखार, उल्टी, दस्त का कारण दूषित पानी है।
गोशाला मोहल्ले में 25 घरों की बस्ती है। यहां रहने वाले लोग मेहनत मजदूरी करते हैं। बस्ती में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कई साल पहले नगर पालिका की तरफ से एक हैंडपंप लगाया गया था। इस हैंडपंप के पास गंदगी का अंबार लगा है। मजबूरी में लोग इसी हैंडपंप का पानी पीते हैं। इस कारण पिछले एक पखवाड़े से यहां बीमारी ने घर कर लिया।
उल्टी-दस्त और बुखार की चपेट में आकर बस्ती के पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। यहां रहने वाले गरीब परिवारों के पास घर नहीं हैं। लोग झोपड़ी बनाकर रहते हैं। पांच बच्चों की मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को जब सीएमओ डॉ. केसी राय व नगर पालिका के प्रशासक दीपेंद्र यादव टीम के साथ पहुंचे तो लोगों का दर्द छलक पड़ा। लोगों ने बताया कि 12 दिन से बुखार, उल्टी और दस्त की वजह से बच्चे मर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा। नतीजतन झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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इन बच्चों का किया गया इलाज
गोशाला पर मोहल्ले में निरहुआ, सूरज, नितिन, शिवचरण, लक्ष्मण, निशा, नेहा, शनि आदि बीमार मिले। चिकित्सकों ने उनका उपचार कर दवाएं दीं। इसके अलावा लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई। सीएमओ ने कहा अगर किसी बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ती है तो परिवार के लोग उसे सरकारी अस्पताल ले जाएं। झोलाछाप चिकित्सक के चक्कर में फंसने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी डॉ. नागेंद्र सिंह की टीम मौके पर कैंप कर रही है। डॉ. नागेंद्र ने बताया गंदगी के कारण बीमारी फैली है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई का ख्याल रखने के साथ ही बासी खाना नहीं खाने को कहा।
गोशाला में पहुंचा पानी का टैंकर, सफाई में जुटे कर्मी
गोशाला पर मोहल्ले में सफाई कर्मियों ने बस्ती को साफ करने के अलावा चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। इसके अलावा लोगों को पेयजल के लिए आरओ वाला पानी का टैंकर भेजा गया। बस्ती के हैंडपंप को रीबोर कराने का भी प्रशासक दीपेंद्र यादव ने निर्देश दिया। कहा कि जब तक हैंडपंप सही नहीं हो जाता तब तक पानी का टैंकर बराबर आता रहेगा।
पानी का लिया सैम्पल, दवा की दुकानों की हुई जांच
सीएमओ डॉ. केसी राय की मौजूदगी में पहुंची चिकित्सकों की टीम ने बस्ती में लगे हैंडपंप के पानी का सैंपल लिया। इसके अलावा आसपास के मेडिकल स्टोरों से पता किया गया कि बीमार बच्चों के घरवाले किस चिकित्सक के लिखे पर्चे पर दवा खरीदकर ले गए थे। दवाओं की गुणवत्ता भी परखी गई। स्टोर संचालकों को निर्देश दिया कि झोलाछाप के लिखे पर्चे पर दवा ना दें। सिर्फ चिकित्सक के पर्चे पर ही लिखी दवा दी जाए।
बस्ती में रहने वाले ज्यादातर परिवार बेहद गरीब
शुक्रवार को बस्ती पहुंचे अफसरों के सामने तीरथ, धोनी, पीतांबर आदि ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए उन लोगों ने काफी पहले आवेदन किए हैं। इसके बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिला। इस पर प्रशासक ने बताया 3800 लोगों की सूची तैयार की गई है। जल्द ही लोगों को आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
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गोशाला मोहल्ले में 25 घरों की बस्ती है। यहां रहने वाले लोग मेहनत मजदूरी करते हैं। बस्ती में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कई साल पहले नगर पालिका की तरफ से एक हैंडपंप लगाया गया था। इस हैंडपंप के पास गंदगी का अंबार लगा है। मजबूरी में लोग इसी हैंडपंप का पानी पीते हैं। इस कारण पिछले एक पखवाड़े से यहां बीमारी ने घर कर लिया।
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उल्टी-दस्त और बुखार की चपेट में आकर बस्ती के पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। यहां रहने वाले गरीब परिवारों के पास घर नहीं हैं। लोग झोपड़ी बनाकर रहते हैं। पांच बच्चों की मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को जब सीएमओ डॉ. केसी राय व नगर पालिका के प्रशासक दीपेंद्र यादव टीम के साथ पहुंचे तो लोगों का दर्द छलक पड़ा। लोगों ने बताया कि 12 दिन से बुखार, उल्टी और दस्त की वजह से बच्चे मर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा। नतीजतन झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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इन बच्चों का किया गया इलाज
गोशाला पर मोहल्ले में निरहुआ, सूरज, नितिन, शिवचरण, लक्ष्मण, निशा, नेहा, शनि आदि बीमार मिले। चिकित्सकों ने उनका उपचार कर दवाएं दीं। इसके अलावा लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई। सीएमओ ने कहा अगर किसी बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ती है तो परिवार के लोग उसे सरकारी अस्पताल ले जाएं। झोलाछाप चिकित्सक के चक्कर में फंसने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी डॉ. नागेंद्र सिंह की टीम मौके पर कैंप कर रही है। डॉ. नागेंद्र ने बताया गंदगी के कारण बीमारी फैली है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई का ख्याल रखने के साथ ही बासी खाना नहीं खाने को कहा।
गोशाला में पहुंचा पानी का टैंकर, सफाई में जुटे कर्मी
गोशाला पर मोहल्ले में सफाई कर्मियों ने बस्ती को साफ करने के अलावा चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। इसके अलावा लोगों को पेयजल के लिए आरओ वाला पानी का टैंकर भेजा गया। बस्ती के हैंडपंप को रीबोर कराने का भी प्रशासक दीपेंद्र यादव ने निर्देश दिया। कहा कि जब तक हैंडपंप सही नहीं हो जाता तब तक पानी का टैंकर बराबर आता रहेगा।
पानी का लिया सैम्पल, दवा की दुकानों की हुई जांच
सीएमओ डॉ. केसी राय की मौजूदगी में पहुंची चिकित्सकों की टीम ने बस्ती में लगे हैंडपंप के पानी का सैंपल लिया। इसके अलावा आसपास के मेडिकल स्टोरों से पता किया गया कि बीमार बच्चों के घरवाले किस चिकित्सक के लिखे पर्चे पर दवा खरीदकर ले गए थे। दवाओं की गुणवत्ता भी परखी गई। स्टोर संचालकों को निर्देश दिया कि झोलाछाप के लिखे पर्चे पर दवा ना दें। सिर्फ चिकित्सक के पर्चे पर ही लिखी दवा दी जाए।
बस्ती में रहने वाले ज्यादातर परिवार बेहद गरीब
शुक्रवार को बस्ती पहुंचे अफसरों के सामने तीरथ, धोनी, पीतांबर आदि ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए उन लोगों ने काफी पहले आवेदन किए हैं। इसके बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिला। इस पर प्रशासक ने बताया 3800 लोगों की सूची तैयार की गई है। जल्द ही लोगों को आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।