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लेखपाल की रिपोर्ट में मृत व्यक्ति भी जिंदा
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Tue, 16 Dec 2014 12:14 AM IST
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मंझनपुर। समाजवादी पेंशन के लिए लेखपाल पर गलत आय प्रमाणपत्र बनाने का आरोप लगाते हुए अंबावा गांव के लोगों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर लेखपाल की मनमानी की जांच कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने एसडीएम को जांच का निर्देश दिया है।
मंझनपुर ब्लाक के अंबावा गांव निवासी देवी दयाल, रीता देवी, मीरा देवी, सीता देवी, श्यामकली, चांदकली, राजकली, कांति देवी, बिट्टी देवी, रनिया देवी, शंकुतला देवी आदि ने बताया कि वे लोग भूमिहीन गरीब हैं। समाजवादी पेंशन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आय प्रमाणपत्र में लेखपाल ने मनमानी रिपोर्ट लगा दी है।
गांव के रहने वाली श्यामकली ने बताया कि उसके पति रघुराज की कई साल पहले मौत हो चुकी है। पर, लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में न सिर्फ उन्हें जिंदा दर्शाया है। बल्कि उन्हें सरकारी नौकरी करना भी लिख दिया गया है। इसी तरह से रीता देवी, मीरा देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन हैं। मजदूरी करके परिवार का पेट पालती हैं, लेकिन लेखपाल ने उनके नाम खेत और बाइक होना लिखा है। लेखपाल की इस मनमानी के कारण गरीबों को समाजवादी पेंशन के लिए अपात्र बता दिया गया। जबकि जिनके पास कई-कई बीघा खेत, पक्का मकान वाहन हैं, उन्हें गरीब दिखाकर समाजवादी पेंशन का लाभार्थी बनाया गया है। इस मनमानी से भड़के गांववालों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर लेखपाल द्वा0रा लगाई गई रिपोर्ट की जांच करवाने की मांग की। डीएम ने एसडीएम को प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है।
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मंझनपुर ब्लाक के अंबावा गांव निवासी देवी दयाल, रीता देवी, मीरा देवी, सीता देवी, श्यामकली, चांदकली, राजकली, कांति देवी, बिट्टी देवी, रनिया देवी, शंकुतला देवी आदि ने बताया कि वे लोग भूमिहीन गरीब हैं। समाजवादी पेंशन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आय प्रमाणपत्र में लेखपाल ने मनमानी रिपोर्ट लगा दी है।
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गांव के रहने वाली श्यामकली ने बताया कि उसके पति रघुराज की कई साल पहले मौत हो चुकी है। पर, लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में न सिर्फ उन्हें जिंदा दर्शाया है। बल्कि उन्हें सरकारी नौकरी करना भी लिख दिया गया है। इसी तरह से रीता देवी, मीरा देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन हैं। मजदूरी करके परिवार का पेट पालती हैं, लेकिन लेखपाल ने उनके नाम खेत और बाइक होना लिखा है। लेखपाल की इस मनमानी के कारण गरीबों को समाजवादी पेंशन के लिए अपात्र बता दिया गया। जबकि जिनके पास कई-कई बीघा खेत, पक्का मकान वाहन हैं, उन्हें गरीब दिखाकर समाजवादी पेंशन का लाभार्थी बनाया गया है। इस मनमानी से भड़के गांववालों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर लेखपाल द्वा0रा लगाई गई रिपोर्ट की जांच करवाने की मांग की। डीएम ने एसडीएम को प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है।
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