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Kaushambi News: 1.80 करोड़ की लागत से कौशाम्बी में बनेगा फलों का उत्कृष्टता केंद्र
Sat, 23 May 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 23 May 2026 11:48 PM IST
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कोखराज स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस। स्रोत: विभाग
फल उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने के लिए कोखराज क्षेत्र में फलों का उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किया जाएगा। करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र में अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उद्यान विभाग की ओर से परियोजना को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्र के निर्माण के बाद यहां उच्च तकनीक वाली नर्सरी स्थापित की जाएगी, जहां उन्नत और रोगमुक्त पौध तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक रूप से हवादार पॉलीहाउस बनाए जाएंगे, जिनमें नियंत्रित वातावरण में पौध उत्पादन और फल फसलों की खेती की जा सकेगी।
परियोजना के तहत शेड नेट हाउस और कीट नेट हाउस भी विकसित किए जाएंगे। इन संरचनाओं के माध्यम से पौधों को अत्यधिक गर्मी, बारिश और कीटों से सुरक्षा मिलेगी।
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केंद्र में किसानों को फल उत्पादन, पौध संरक्षण, आधुनिक सिंचाई तकनीक और जैविक बागवानी से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे जिले में अमरूद, आम, आंवला समेत अन्य फल फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उत्कृष्टता केंद्र बनने से किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार होंगे और जिले में फल उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। -प्रमोद कुमार सिंह, उद्यान निरीक्षक
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उद्यान विभाग की ओर से परियोजना को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्र के निर्माण के बाद यहां उच्च तकनीक वाली नर्सरी स्थापित की जाएगी, जहां उन्नत और रोगमुक्त पौध तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक रूप से हवादार पॉलीहाउस बनाए जाएंगे, जिनमें नियंत्रित वातावरण में पौध उत्पादन और फल फसलों की खेती की जा सकेगी।
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परियोजना के तहत शेड नेट हाउस और कीट नेट हाउस भी विकसित किए जाएंगे। इन संरचनाओं के माध्यम से पौधों को अत्यधिक गर्मी, बारिश और कीटों से सुरक्षा मिलेगी।
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केंद्र में किसानों को फल उत्पादन, पौध संरक्षण, आधुनिक सिंचाई तकनीक और जैविक बागवानी से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे जिले में अमरूद, आम, आंवला समेत अन्य फल फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उत्कृष्टता केंद्र बनने से किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार होंगे और जिले में फल उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। -प्रमोद कुमार सिंह, उद्यान निरीक्षक