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Kaushambi News: युवती के जबड़े का सफल ऑपरेशन कर निकाली 5.5 सेमी की रसौली
Wed, 07 Jan 2026 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 07 Jan 2026 02:30 AM IST
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सपना के उपरी जबड़े में बनी रसौली। स्रोत: विभाग
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की डेंटल ओपीडी में चिकित्सकों की टीम ने जबड़े की गंभीर बीमारी से पीड़ित युवती का सफल ऑपरेशन कर उसे बड़ी राहत दी है। मंझनपुर के नेता नगर निवासी 19 वर्षीय सपना गुप्ता के ऊपरी जबड़े में बनी रसौली को डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है।
डेंटल विभाग के मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सपना पिछले करीब एक वर्ष से जबड़े में तेज दर्द और सूजन से परेशान थी। स्थिति यह थी कि उसकी नाक की एक नली जाम होने के कारण सांस लेने में परेशानी होती थी और भोजन करना भी मुश्किल हो रहा था। धीरे-धीरे जबड़े में असामान्य सूजन बढ़ती जा रही थी जिससे उसे काफी तकलीफ हो रही थी।
परिजनों ने उसका इलाज प्रयागराज समेत कई अन्य स्थानों पर कराया लेकिन कहीं संतोषजनक इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद सपना के पिता प्रमेश गुप्ता उसे 22 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में लेकर पहुंचे। यहां ओपीडी में आने के बाद डॉक्टरों ने पूरी गंभीरता से जांच प्रक्रिया शुरू की।
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डॉक्टरों के अनुसार, सबसे पहले मरीज की ब्लड जांच कराई गई, इसके बाद सीटी स्कैन समेत अन्य जरूरी जांचें की गईं। जांच रिपोर्ट में जबड़े में असामान्य वृद्धि का पता चला। इसके बाद बायोप्सी कराई गई जिसमें यह पुष्टि हुई कि जबड़े में रसौली बनी हुई है। रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
डॉ. अरुण पांडेय के नेतृत्व में डॉ. हेमलता द्विवेदी, डॉ. रिचा डोकानिया और हाईजिनिस्ट शृंखला वर्मा की टीम ने 23 दिसंबर को सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज को निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। परिजनों ने चिकित्सकों का आभार जताया है। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचा लिया गया।
मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की तरफ से जबड़े की रसौली का सफल ऑपरेशन किया जाना चिकित्सकीय टीम की दक्षता और आधुनिक सुविधाओं का प्रमाण है। समय पर जांच, सही निदान और विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वय से मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचाया गया।
डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य
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डेंटल विभाग के मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सपना पिछले करीब एक वर्ष से जबड़े में तेज दर्द और सूजन से परेशान थी। स्थिति यह थी कि उसकी नाक की एक नली जाम होने के कारण सांस लेने में परेशानी होती थी और भोजन करना भी मुश्किल हो रहा था। धीरे-धीरे जबड़े में असामान्य सूजन बढ़ती जा रही थी जिससे उसे काफी तकलीफ हो रही थी।
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परिजनों ने उसका इलाज प्रयागराज समेत कई अन्य स्थानों पर कराया लेकिन कहीं संतोषजनक इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद सपना के पिता प्रमेश गुप्ता उसे 22 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में लेकर पहुंचे। यहां ओपीडी में आने के बाद डॉक्टरों ने पूरी गंभीरता से जांच प्रक्रिया शुरू की।
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डॉक्टरों के अनुसार, सबसे पहले मरीज की ब्लड जांच कराई गई, इसके बाद सीटी स्कैन समेत अन्य जरूरी जांचें की गईं। जांच रिपोर्ट में जबड़े में असामान्य वृद्धि का पता चला। इसके बाद बायोप्सी कराई गई जिसमें यह पुष्टि हुई कि जबड़े में रसौली बनी हुई है। रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
डॉ. अरुण पांडेय के नेतृत्व में डॉ. हेमलता द्विवेदी, डॉ. रिचा डोकानिया और हाईजिनिस्ट शृंखला वर्मा की टीम ने 23 दिसंबर को सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज को निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। परिजनों ने चिकित्सकों का आभार जताया है। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचा लिया गया।
मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की तरफ से जबड़े की रसौली का सफल ऑपरेशन किया जाना चिकित्सकीय टीम की दक्षता और आधुनिक सुविधाओं का प्रमाण है। समय पर जांच, सही निदान और विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वय से मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचाया गया।
डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य

सपना के उपरी जबड़े में बनी रसौली। स्रोत: विभाग