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सचिव ने खुलवाईं आलमारियां तो खुली पोल

Fri, 27 Sep 2013 05:36 AM IST
Kaushambi
Kaushambi Updated Fri, 27 Sep 2013 05:36 AM IST
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मंझनपुर/पश्चिमशरीरा। कौशाम्बी में विकास कार्य और योजनाओं में जमकर खेल हो रहा है। इसका खुलासा औद्योगिक विकास विभाग के सचिव की जांच में हुआ। खामियाें पर बिफरे सचिव ने जिलाधिकारी को योजनाओं के अभिलेखों को दुरुस्त कराने का आदेश दिया। वहीं सचिव को पीएचसी सरसवां और लोहिया गांव बिछौरा में भी खामियां मिलीं। पीएसची से गायब दो संविदा चिकित्सकों की संविदा समाप्त कर दी। समाज कल्याण विभाग की आलमारियों का ताला खोलवाया। इनमें पारिवारिक लाभ, शादी-बीमारी, छात्रवृत्ति आदि के करीब छह-छह माह पुराने चेक और आवेदन पत्र मिल गए।
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औद्यौगिक विकास विभाग के सचिव धीरज साहू को शासन ने कौशाम्बी जिला नोडल अधिकारी बनाया है। जांच के लिए दो दिनों के लिए बुधवार को कौशाम्बी आए। पहले दिन उन्होंने विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। विकास कार्यों की समीक्षा की थी। बृहस्पतिवार को सुबह करीब 9.30 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र सरसवां गए। स्टोर में दवाइयां जमीन और कुर्सी पर बिखरी थीं। वार्ड के बेड क्षतिग्रस्त थे। डिलेवरी रूम में गंदगी फैली थी। बताया जाता है कि अस्पताल से दो चिकित्सक गैरहाजिर थे। केंद्र की बदहाली पर सीएमओ को फटकार लगाई। सचिव ने डॉ. मीना सिंह और डॉ. पुष्पेंद्र सिंह की संविदा समाप्त कर दी है। इसके बाद सचिव ने समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय की जांच की। विभाग में पारिवारिक लाभ, शादी-बीमारी, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति आदि योजनाओं में गड़बड़ी मिली। अभिलेख अधूरे थे। चायल की रहने वाली उत्तरा देवी को स्वीकृति के बाद भी अभी तक पारिवारिक लाभ योजना की रकम भेजी नहीं गई थी। अभिलेखों के अधूरा और योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं मिलने से नाराज सचिव ने समाज कल्याण अधिकारी को फटकार लगाई। डीएम को अभिलेख ठीक कराने का आदेश दिया। सचिव ने बताया कि वे जांच रिपोर्ट शासन को देंगे। इस मौके पर डीएम सत्येन्द्र सिंह, सीडीओ हरिशंकर उपाध्याय, एडीएम बाबूराम, एसडीएम आरडीराम आदि मौजूद रहे। वहीं सचिव ने पारिवारिक लाभ, शादी-बीमारी, छात्रवृत्ति आदि के करीब छह-छह माह पुराने चेक और आवेदन पत्र मिलने पर समाज कल्याण अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। समाज कल्याण अधिकारी ने स्टाफ की कमी का रोना रोया। सचिव और जिलाधिकारी ने कहा कि यह गंभीर मामला है। समाज कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में सामने आया कि विभाग के खाते में 48 लाख रुपये भी डंप है। यह जानकारी होते ही सचिव बिफर गए। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार गुप्ता को फटकार लगाते हुए सप्ताहभर के भीतर लंबित आवेदनपत्रों को निस्तारित करके पात्रों के खाते में रकम भेजने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी को तत्काल इस पटल पर एक अतिरिक्त बाबू की तैनाती का निर्देश दिया है।
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सिराथू के लोहिया गांव बिछौरा में चौपाल लगाकर जनसमस्याएं सुनीं। इसमें ग्रामीणों ने बिजली, आवास का पैसा नहीं मिलने, बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने, हैंडपंपों के खराब होने से होने वाली दिक्कतों से रूबरू कराया। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को सप्ताहभर के भीतर समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश दिया। सचिवने ग्रामीणों को अस्पताल और पेयजल टंकी दिलाने का आश्वासन दिया है। दस हैंडपंप और लगाए जाने का आश्वासन दिया है।
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