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कर्मचारी कर रहे खाद की कालाबाजारी
Kaushambi
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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पइंसा (कौशाम्बी)। खाद नहीं मिलने से किसान फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। कृषकों का आरोप है कि समितियों में खाद होने के बाद भी वितरण नहीं किया जा रहा है। इससे परेशानी बढ़ती जा रही है।
बताया जाता है कि रबी की प्रमुख फसल की बुवाई का आदर्श समय पहली नवंबर से 21 नवंबर तक का माना जाता है, लेकिन सूखी नहरें, बिजली की अंधाधुंध कटौती और डीएपी खाद नहीं मिलने से जिले के ज्यादातर किसान अभी तक गेहूं की बुवाई नहीं कर सके हैं। सिराथू तहसील की साधन सहकारी समिति से जुड़े किसानों की मानें तो माहभर से वे खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। खाद नहीं होने का बहाना बनाकर समिति के सचिव किसानों को लौटा देते हैं। इलाके के राम लौटन, गिरधारी लाल, केशव प्रसाद, मुकुंदीलाल, राधेश्याम, रामलखन आदि का आरोप है कि समिति में आई खाद कर्मचारी बाजारों में बेच डालते हैं। किसानों ने एआर कोआपरेटिव और जिलाधिकारी से समिति के माध्यम से किसानों को जल्द जरूरतभर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ समितियों में खाद नहीं मिलने से ज्यादातर किसान बाजार से महंगी खाद खरीदकर गेहूं की बुवाई करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि नकली होने की संभावना बनी रहती है।
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बताया जाता है कि रबी की प्रमुख फसल की बुवाई का आदर्श समय पहली नवंबर से 21 नवंबर तक का माना जाता है, लेकिन सूखी नहरें, बिजली की अंधाधुंध कटौती और डीएपी खाद नहीं मिलने से जिले के ज्यादातर किसान अभी तक गेहूं की बुवाई नहीं कर सके हैं। सिराथू तहसील की साधन सहकारी समिति से जुड़े किसानों की मानें तो माहभर से वे खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। खाद नहीं होने का बहाना बनाकर समिति के सचिव किसानों को लौटा देते हैं। इलाके के राम लौटन, गिरधारी लाल, केशव प्रसाद, मुकुंदीलाल, राधेश्याम, रामलखन आदि का आरोप है कि समिति में आई खाद कर्मचारी बाजारों में बेच डालते हैं। किसानों ने एआर कोआपरेटिव और जिलाधिकारी से समिति के माध्यम से किसानों को जल्द जरूरतभर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ समितियों में खाद नहीं मिलने से ज्यादातर किसान बाजार से महंगी खाद खरीदकर गेहूं की बुवाई करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि नकली होने की संभावना बनी रहती है।
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