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Kaushambi News: आईटीआई, पॉलीटेक्नीक के 99 कर्मचारियों और छात्रों ने संभाली 35 बिजली उपकेंद्रों की कमान
Sun, 19 Mar 2023 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 19 Mar 2023 01:25 AM IST
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बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद प्रशासन ने 35 उपकेंद्रों पर आईटीआई व पॉलीटेक्नीक के 99 कर्मचारियों व छात्रों को व्यवस्था संभालने के लिए लगाया है। इन्हीं के सहारे उपकेंद्रों का संचालन कराकर बदहाल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुरानी पेंशन बहाली, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर 14 मार्च से बिजली विभाग के अभियंता व कर्मचारी आंदोलनरत हैं। पहले दिन मशाल जुलूस निकाल कर विरोध जताया गया था। फिर 15 मार्च से 16 मार्च तक रात 10 बजे तक कार्य बहिष्कार चला। इसमें एसडीओ और जेई से लेकर संविदा लाइनमैन तक किसी ने भी काम नहीं किया। जिस लाइन में खराबी आई तो फिर उसकी मरम्मत भी नहीं हुई।
हालांकि, कार्य बहिष्कार में उपकेंद्र चलाने वाले एसएसओ शामिल नहीं थे। इसकी वजह से दुरुस्त लाइनें चलती रहीं। मांग पूरी न होने पर बृहस्पतिवार रात से कर्मचारियों ने पूरी तरह से हड़ताल शुरू कर दी। एसएसओ ने भी कामकाज ठप कर दिया। बिजली आपूर्ति व्यवस्था तो कार्य बहिष्कार की शुरुआत से ही लड़खड़ाने लगी थी, लेकिन एसएसओ के हड़ताल में शामिल होने के बाद वह पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
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तमाम लाइनें तो गड़बड़ी के कारण बंद थीं, जो ठीक भी थीं, उनका संचालन करने वाला कोई नहीं था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने आईटीआई और पॉलीटेक्नीक के 99 कर्मचारियों व अंतिम वर्ष के छात्रों का सहारा लिया। जिले के सभी 35 उपकेंद्रों पर इनकी तैनाती की गई, ताकि कम से कम उन लाइनों की आपूर्ति होती रही, जिनमें कोई खराबी नहीं।
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कहीं-दो तो कहीं तीन कर्मचारियों व छात्रों की तैनाती
जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने आईटीआई सिराथू, आईटीआई मंझनपुर और महात्मा ज्योतिबा फुले राजकीय पॉलीटेक्नीक कौशाम्बी के अनुदेशक, कार्यदेशक और प्रशिक्षणार्थियों की ड्यूटी उपकेंद्रों पर लगाई है। बिजली उपकेंद्र पुरखास, गोपसहसा, म्योहर, अर्काफतेहपुर, अमनीलोकीपुर, चायल और कमालपुर में दो-दो प्रशिक्षणार्थी लगाए गए हैं, जबकि अन्य उपकेंद्रों पर तीन-तीन प्रशिक्षणार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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ड्यूटी ताे लगा दी, कहां से लाए काम का अनुभव
उपकेंद्रों पर प्रशिक्षणार्थियों की तैनाती तो कर दी गई, लेकिन इसका बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिला। कारण, बिजली की आपूर्ति के काम के अनुभव का अभाव। हादसे के डर से भी लोग हाथ लगाने से कतराते रहे। कई जगह ऐसा ही अफसरों को देखने को मिला। हालांकि इनकी तैनाती के बाद कुछ फीडर चले भी, लेकिन बिजली की ज्यादातर लाइनें फाॅल्ट की वजह से ठप ही रहीं, जिन्हें दुरुस्त करने वाला प्रशासन को खोजे नहीं मिला।
पॉलीटेक्निक के छात्रों के प्रयास से शुरू हुई आपूर्ति
भरवारी। बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार की रात भरवारी पॉवर हॉउस से जुड़े दो दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर, वार्ड नंबर तीन गौतम बुद्ध नगर, वार्ड नंबर पांच पंडित गिरधारी लाल मेहता नगर में पानी का संकट आ गया। जिलाधिकारी की ओर से पॉलीटेक्निक के छात्र अभिमन्यु दुबे को यहां भेजा गया। छात्र ने बताया कि पॉवर हाऊस में कर्मचारियों ने कुल सात जगहों से 33 केवी लाइन की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी थी। शनिवार की दोपहर से इसकी मरम्मत शुरू की गई। शाम करीब पांच बजे तक सारी खराबी दूर करके आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसमें कस्बे के अंकित, विवेक श्रीवास्तव ने भी छात्र की मदद की। संवाद
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पुरानी पेंशन बहाली, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर 14 मार्च से बिजली विभाग के अभियंता व कर्मचारी आंदोलनरत हैं। पहले दिन मशाल जुलूस निकाल कर विरोध जताया गया था। फिर 15 मार्च से 16 मार्च तक रात 10 बजे तक कार्य बहिष्कार चला। इसमें एसडीओ और जेई से लेकर संविदा लाइनमैन तक किसी ने भी काम नहीं किया। जिस लाइन में खराबी आई तो फिर उसकी मरम्मत भी नहीं हुई।
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हालांकि, कार्य बहिष्कार में उपकेंद्र चलाने वाले एसएसओ शामिल नहीं थे। इसकी वजह से दुरुस्त लाइनें चलती रहीं। मांग पूरी न होने पर बृहस्पतिवार रात से कर्मचारियों ने पूरी तरह से हड़ताल शुरू कर दी। एसएसओ ने भी कामकाज ठप कर दिया। बिजली आपूर्ति व्यवस्था तो कार्य बहिष्कार की शुरुआत से ही लड़खड़ाने लगी थी, लेकिन एसएसओ के हड़ताल में शामिल होने के बाद वह पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
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तमाम लाइनें तो गड़बड़ी के कारण बंद थीं, जो ठीक भी थीं, उनका संचालन करने वाला कोई नहीं था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने आईटीआई और पॉलीटेक्नीक के 99 कर्मचारियों व अंतिम वर्ष के छात्रों का सहारा लिया। जिले के सभी 35 उपकेंद्रों पर इनकी तैनाती की गई, ताकि कम से कम उन लाइनों की आपूर्ति होती रही, जिनमें कोई खराबी नहीं।
कहीं-दो तो कहीं तीन कर्मचारियों व छात्रों की तैनाती
जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने आईटीआई सिराथू, आईटीआई मंझनपुर और महात्मा ज्योतिबा फुले राजकीय पॉलीटेक्नीक कौशाम्बी के अनुदेशक, कार्यदेशक और प्रशिक्षणार्थियों की ड्यूटी उपकेंद्रों पर लगाई है। बिजली उपकेंद्र पुरखास, गोपसहसा, म्योहर, अर्काफतेहपुर, अमनीलोकीपुर, चायल और कमालपुर में दो-दो प्रशिक्षणार्थी लगाए गए हैं, जबकि अन्य उपकेंद्रों पर तीन-तीन प्रशिक्षणार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।
ड्यूटी ताे लगा दी, कहां से लाए काम का अनुभव
उपकेंद्रों पर प्रशिक्षणार्थियों की तैनाती तो कर दी गई, लेकिन इसका बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिला। कारण, बिजली की आपूर्ति के काम के अनुभव का अभाव। हादसे के डर से भी लोग हाथ लगाने से कतराते रहे। कई जगह ऐसा ही अफसरों को देखने को मिला। हालांकि इनकी तैनाती के बाद कुछ फीडर चले भी, लेकिन बिजली की ज्यादातर लाइनें फाॅल्ट की वजह से ठप ही रहीं, जिन्हें दुरुस्त करने वाला प्रशासन को खोजे नहीं मिला।
पॉलीटेक्निक के छात्रों के प्रयास से शुरू हुई आपूर्ति
भरवारी। बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार की रात भरवारी पॉवर हॉउस से जुड़े दो दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर, वार्ड नंबर तीन गौतम बुद्ध नगर, वार्ड नंबर पांच पंडित गिरधारी लाल मेहता नगर में पानी का संकट आ गया। जिलाधिकारी की ओर से पॉलीटेक्निक के छात्र अभिमन्यु दुबे को यहां भेजा गया। छात्र ने बताया कि पॉवर हाऊस में कर्मचारियों ने कुल सात जगहों से 33 केवी लाइन की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी थी। शनिवार की दोपहर से इसकी मरम्मत शुरू की गई। शाम करीब पांच बजे तक सारी खराबी दूर करके आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसमें कस्बे के अंकित, विवेक श्रीवास्तव ने भी छात्र की मदद की। संवाद