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बेल्हा वालों के बूते चुनावी नैया पार करने की तैयारी में शैलेन्द्र
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बेल्हा वालों के बूते चुनावी नैया पार करने की तैयारी में शैलेन्द्र
पंपलेट में जिले के किसी भी पार्टी नेता की फोटो अथवा नाम नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे जनसत्ता दल उम्मीदवार शैलेन्द्र कुमार बेल्हा वालों के बूते चुनावी नैया पार करने की तैयारी में हैं। सिम्बल प्रचारित करने को छपवाए गए पर्चे में उन्होंने जिले के किसी नेता का न तो नाम लिखवाया है और न ही फोटो लगवाई है। इसे लेकर दोआबा के पार्टी पदाधिकारी काफी मायूस हैं।
प्रतापगढ़ (कुंडा) के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने लोस चुनाव से पहले ही जनसत्ता दल का गठन किया है। कौशाम्बी संसदीय सीट से उन्होंने पूर्व सांसद शैलेन्द्र कुमार को मैदान में उतारा है। शैलेन्द्र के समर्थक पार्टी का सिंबल घर-घर पहुंचा रहे हैं। हर रोज इस काम के लिए युवाओं की कई टोलियां जिले के विभिन्न गांवों में पहुंच रही हैं। युवा कार्यकर्ता पर्चे लिए रहते हैं। इसे घरों में पहुंचकर लोगों को देते हैं। दुकानों पर भी बांटते हैं। हैरानी की बात है कि पर्चे में जिले के किसी भी पार्टी नेता का नाम नहीं है। जिलाध्यक्ष तक का नाम और उनकी फोटो नहीं लगी है। राजा भैया, अक्षय प्रताप सिंह, हाजी मुन्ना, विनोद सरोज, केएन ओझा और उमाशंकर यादव ही पंपलेट में दिख रहे हैं। इन्हीं का नाम है। ये चेहरे प्रतापगढ़ से ताल्लुक रखते हैं। शैलेन्द्र ने जिले के पार्टीजनों को तरजीह क्यों नहीं दी। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। पार्टी के लोग भीतर ही भीतर कसमसा रहे हैं। हालांकि खुलकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि जनसत्ता दल को शैलेन्द्र की इस बेरुखी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
फोटो नं.
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पंपलेट में जिले के किसी भी पार्टी नेता की फोटो अथवा नाम नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे जनसत्ता दल उम्मीदवार शैलेन्द्र कुमार बेल्हा वालों के बूते चुनावी नैया पार करने की तैयारी में हैं। सिम्बल प्रचारित करने को छपवाए गए पर्चे में उन्होंने जिले के किसी नेता का न तो नाम लिखवाया है और न ही फोटो लगवाई है। इसे लेकर दोआबा के पार्टी पदाधिकारी काफी मायूस हैं।
प्रतापगढ़ (कुंडा) के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने लोस चुनाव से पहले ही जनसत्ता दल का गठन किया है। कौशाम्बी संसदीय सीट से उन्होंने पूर्व सांसद शैलेन्द्र कुमार को मैदान में उतारा है। शैलेन्द्र के समर्थक पार्टी का सिंबल घर-घर पहुंचा रहे हैं। हर रोज इस काम के लिए युवाओं की कई टोलियां जिले के विभिन्न गांवों में पहुंच रही हैं। युवा कार्यकर्ता पर्चे लिए रहते हैं। इसे घरों में पहुंचकर लोगों को देते हैं। दुकानों पर भी बांटते हैं। हैरानी की बात है कि पर्चे में जिले के किसी भी पार्टी नेता का नाम नहीं है। जिलाध्यक्ष तक का नाम और उनकी फोटो नहीं लगी है। राजा भैया, अक्षय प्रताप सिंह, हाजी मुन्ना, विनोद सरोज, केएन ओझा और उमाशंकर यादव ही पंपलेट में दिख रहे हैं। इन्हीं का नाम है। ये चेहरे प्रतापगढ़ से ताल्लुक रखते हैं। शैलेन्द्र ने जिले के पार्टीजनों को तरजीह क्यों नहीं दी। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। पार्टी के लोग भीतर ही भीतर कसमसा रहे हैं। हालांकि खुलकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि जनसत्ता दल को शैलेन्द्र की इस बेरुखी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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फोटो नं.