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जेल प्रशासन के लिए मुसीबत बने विक्रम के गुर्गे
Updated Sun, 16 Dec 2018 08:27 PM IST
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जेल प्रशासन के लिए मुसीबत बने विक्रम के गुर्गे
अमेठी के कुख्यात पूर्व प्रमुख को 11 दिसम्बर को लाया गया है कौशाम्बी जेल
रविवार को भी जेलर ने भाई सहित करीब आठ लोगों को लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अमेठी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और कुख्यात अपराधी राजेश विक्रम सिंह के गुर्गे कौशाम्बी जेल प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। वह हर रोज मनमाने तरीके से मुलाकात करने का दबाव बना रहे हैं। रविवार को भी जेलर ने पूर्व प्रमुख के भाई सहित करीब आठ लोगों को मुलाकात कराए बिना लौटा दिया।
अमेठी जिले के जगदीशपुर ब्लॉक का पूर्व प्रमुख राजेश विक्रम सिंह शातिर अपराधी है। जेलर बीएस मुकुंद ने बताया कि उसके खिलाफ हत्या व विस्फोटक सामग्री रखने सहित कई मामले दर्ज हैं। उसको सुल्तानपुर की जेल से शासन के निर्देश पर पहले फैजाबाद भेजा गया। इसके बाद प्रतापगढ़ लाया गया। 11 दिसम्बर को डीएम प्रतापगढ़ के निर्देश पर कौशाम्बी जेल लाकर शिफ्ट किया गया। जेलर के मुताबिक यहां आते ही शातिर ने मोबाइल, होटल का खाना, मिनरल वॉटर आदि की मांग शुरू कर दी। सुविधाएं नहीं मिलने पर उसके गुर्गों ने शातिर के अनशन करने की अफवाह फैला दी। इसके बाद अब गुर्गे मनमाने तरीके से मुलाकात करने का दबाव बना रहे हैं। वह चाहते हैं कि जब भी चाहें मुलाकात हो जाए। गुर्गे कभी किसी सांसद से फोन कराते हैं तो कभी किसी विधायक से। इसे लेकर जेल अधिकारी खासे परेशान हैं। जेलर बीएस मुकुंद ने बताया कि जेल में बंद किसी भी अपराधी से एक दिन में सिर्फ तीन लोगों को ही मिलाया जा सकता है। राजेश विक्रम से भी तीन के बाद चौथे किसी व्यक्ति को नहीं मिलने दिया जाएगा। किसी के दबाव में नियमों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
दरबार लगाना चाहता है विक्रम
बताया जाता है कि इससे पहले राजेश विक्रम सिंह जिन भी जेलों में रहा, वहां उसकी दरबार लगती थी। गुर्गों को जब मन आता था, उससे मिल लेते थे। उसके इशारे पर अपराध भी हो जाता था। प्रतापगढ़ के डीएम ने एसपी की ऐसी ही रिपोर्ट पर उसको कौशाम्बी जेल भेजा है और अब यहां विक्रम की दाल नहीं गल पा रही है।
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इनका कहना है
राजेश विक्रम सिंह सहित सभी बंदी और कैदियों से एक दिन में सिर्फ तीन लोग ही मुलाकात कर सकते हैं। विक्रम व उसके लोग मनमानी करने का असफल प्रयास कर रह हैं। कौशाम्बी जेल में नियम विरुद्ध कुछ भी संभव नहीं है।
बीएस मुकुंद-जेलर
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अमेठी के कुख्यात पूर्व प्रमुख को 11 दिसम्बर को लाया गया है कौशाम्बी जेल
रविवार को भी जेलर ने भाई सहित करीब आठ लोगों को लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अमेठी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और कुख्यात अपराधी राजेश विक्रम सिंह के गुर्गे कौशाम्बी जेल प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। वह हर रोज मनमाने तरीके से मुलाकात करने का दबाव बना रहे हैं। रविवार को भी जेलर ने पूर्व प्रमुख के भाई सहित करीब आठ लोगों को मुलाकात कराए बिना लौटा दिया।
अमेठी जिले के जगदीशपुर ब्लॉक का पूर्व प्रमुख राजेश विक्रम सिंह शातिर अपराधी है। जेलर बीएस मुकुंद ने बताया कि उसके खिलाफ हत्या व विस्फोटक सामग्री रखने सहित कई मामले दर्ज हैं। उसको सुल्तानपुर की जेल से शासन के निर्देश पर पहले फैजाबाद भेजा गया। इसके बाद प्रतापगढ़ लाया गया। 11 दिसम्बर को डीएम प्रतापगढ़ के निर्देश पर कौशाम्बी जेल लाकर शिफ्ट किया गया। जेलर के मुताबिक यहां आते ही शातिर ने मोबाइल, होटल का खाना, मिनरल वॉटर आदि की मांग शुरू कर दी। सुविधाएं नहीं मिलने पर उसके गुर्गों ने शातिर के अनशन करने की अफवाह फैला दी। इसके बाद अब गुर्गे मनमाने तरीके से मुलाकात करने का दबाव बना रहे हैं। वह चाहते हैं कि जब भी चाहें मुलाकात हो जाए। गुर्गे कभी किसी सांसद से फोन कराते हैं तो कभी किसी विधायक से। इसे लेकर जेल अधिकारी खासे परेशान हैं। जेलर बीएस मुकुंद ने बताया कि जेल में बंद किसी भी अपराधी से एक दिन में सिर्फ तीन लोगों को ही मिलाया जा सकता है। राजेश विक्रम से भी तीन के बाद चौथे किसी व्यक्ति को नहीं मिलने दिया जाएगा। किसी के दबाव में नियमों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
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दरबार लगाना चाहता है विक्रम
बताया जाता है कि इससे पहले राजेश विक्रम सिंह जिन भी जेलों में रहा, वहां उसकी दरबार लगती थी। गुर्गों को जब मन आता था, उससे मिल लेते थे। उसके इशारे पर अपराध भी हो जाता था। प्रतापगढ़ के डीएम ने एसपी की ऐसी ही रिपोर्ट पर उसको कौशाम्बी जेल भेजा है और अब यहां विक्रम की दाल नहीं गल पा रही है।
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इनका कहना है
राजेश विक्रम सिंह सहित सभी बंदी और कैदियों से एक दिन में सिर्फ तीन लोग ही मुलाकात कर सकते हैं। विक्रम व उसके लोग मनमानी करने का असफल प्रयास कर रह हैं। कौशाम्बी जेल में नियम विरुद्ध कुछ भी संभव नहीं है।
बीएस मुकुंद-जेलर