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वारदात का गवाह बन जाता, इसलिए मार डाला
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:00 AM IST
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बारा। विमलेश हत्याकांड का खुलासा कर पुलिस ने नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। आरोपियों ने बताया विमलेश हमले का गवाह बन जाता, इसलिए मार डाला।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर बड़गांव निवासी विमलेश (30) पुत्र राजमोहन की लाश शनिवार की सुबह गांव के बाहर खेत में मिली थी। विमलेश के सिर पर धारदार हथियार के हमले के निशान थे। मामले में विमलेश के पिता ने गांव के ही फूलचंद्र उर्फ भेड़ा और चंदन सरोज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से आरोपी फरार थे। कौशाम्बी कोतवाली के इंस्पेक्टर उमाशंकर यादव ने बताया नामजद आरोपियों को बुधवार सुबह किलनहाई नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। हमलावरों ने बताया उन लोगों ने विमलेश के साथ एक जगह मजदूरी की थी। विमलेश की मजदूरी के 12 सौ रुपये उनके पास थे। यहीं पैसा लेने के लिए वह शुक्रवार की रात चंदन के यहां गया था। यहां पर मीट बनाया गया था। सभी लोगों ने छककर शराब पी। इसके बाद विमलेश पैसों को लेकर झगड़ा करने लगा। बात बढ़ने पर उन लोगों ने पास रखी कुल्हाड़ी से विमलेश पर हमला कर दिया। इरादा हत्या का नहीं था, लेकिन लगा कि वह अगर जिंदा बचा तो कोर्ट में गवाही दे देगा। इसी वजह से उसे मारना ही मुनासिब समझा।
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कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर बड़गांव निवासी विमलेश (30) पुत्र राजमोहन की लाश शनिवार की सुबह गांव के बाहर खेत में मिली थी। विमलेश के सिर पर धारदार हथियार के हमले के निशान थे। मामले में विमलेश के पिता ने गांव के ही फूलचंद्र उर्फ भेड़ा और चंदन सरोज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से आरोपी फरार थे। कौशाम्बी कोतवाली के इंस्पेक्टर उमाशंकर यादव ने बताया नामजद आरोपियों को बुधवार सुबह किलनहाई नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। हमलावरों ने बताया उन लोगों ने विमलेश के साथ एक जगह मजदूरी की थी। विमलेश की मजदूरी के 12 सौ रुपये उनके पास थे। यहीं पैसा लेने के लिए वह शुक्रवार की रात चंदन के यहां गया था। यहां पर मीट बनाया गया था। सभी लोगों ने छककर शराब पी। इसके बाद विमलेश पैसों को लेकर झगड़ा करने लगा। बात बढ़ने पर उन लोगों ने पास रखी कुल्हाड़ी से विमलेश पर हमला कर दिया। इरादा हत्या का नहीं था, लेकिन लगा कि वह अगर जिंदा बचा तो कोर्ट में गवाही दे देगा। इसी वजह से उसे मारना ही मुनासिब समझा।
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