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सस्पेंड कर्मियों की सूची नहीं देने पर नोटिस
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:05 PM IST
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सस्पेंड कर्मियों की सूची नहीं देने पर नोटिस
- आयुक्त ग्राम विकास के निर्देश को बीडीओ नेवादा ने किया नजरंदाज
मंझनपुर (ब्यूरो)। मुख्य विकास अधिकारी ने बीडीओ नेवादा को चेतावनी भरी नोटिस जारी किया है। आरोप है कि बीडीओ ने आयुक्त ग्राम विकास द्वारा मांगी गई सूचना को तीन माह बाद भी नहीं दिया है।
आयुक्त ग्राम विकास पार्थ सारथी सेन शर्मा ने तीन माह पहले जिले के ग्राम विकास विभाग में निलंबित चल रहे कर्मचारियों की रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट में उनके दोषी होने की बात पूछी गई थी। विकास खंड नेवादा में निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश सिंह के बावत बीडीओ अखिलेश कुमार से रिपोर्ट मांगी गई थी। तीन माह बीत जाने के बाद भी बीडीओ ने मुख्य विकास अधिकारी को रिपोर्ट मुहैया नहीं कराया। इसी तरह सदर ब्लॉक में निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी मनोज व विष्णुदत्त की रिपोर्ट सदर ब्लॉक के प्रभारी बीडीओ ने नहीं दिया। रिपोर्ट न मिलने से तीनाें कर्मचारियों की बहाली अधर में लटकी हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को सीडीओ ने नेवादा बीडीओ को चेतावनी भरी नोटिस जारी किया है। मंझनपुर का प्रभार एक जिला स्तरीय अधिकारी के हाथों होने पर उन्होंने तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। सीडीओ की नोटिस से बीडीओ नेवादा सकते में आ गए हैं।
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वीडीओ की रोकी वेतन वृद्धि
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिला विकास अधिकारी डीके दोहरे ने परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने में आंशिक दोष पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी की वेतनवृद्धि रोक दी है। कौशांबी ब्लॉक के म्योहर निवासी ममता देवी पत्नी शिवसागर ने पिछले साल परिवार रजिस्टर की नकल बनवाया था। आरोप है कि सेक्रेटरी ने ममता को मृत दर्शा दिया है। मामले की शिकायत पर डीडीओ डीके दोहरे ने जांच किया तो पाया कि परिवार रजिस्टर की नकल में छेड़छाड़ कर महिला को मृत दर्शाया गया है। उन्होंने वीडीओ अनिल तिवारी का आंशिक दोष मानते हुए एक वेतनवृद्धि रोक दिया है। डीडीओ की कार्रवाई के बाद से आरोपी बीडीओ में हड़कंप है।
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गबन की रिकबरी के बाद ही कोरीपुर प्रधान होंगे बहाल
शौचालय के धन में गड़बड़ी पर डीएम ने की थी कार्रवाई
मंझनपुर (ब्यूरो)। विकास खंड सरसवां के कोरीपुर ग्राम प्रधान केशन प्रसाद के वित्तीय अधिकार डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सशर्त बहाल कर दिया है। उनकी बहाली गबन की धनराशि 48 सौ रुपये जमा करने के बाद होगी।
कोरीपुर निवासी रंजीत चौधरी ने ग्राम प्रधान के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान कोरीपुर केशन प्रसाद ने शौचालय के धन में हेराफेरी की है। जांच के दौरान एक लाख, 60 हजार रुपये की गड़बड़ी पाई गई थी। मामले की गंभीरता देखते हुए डीपीआरओ की संस्तुति पर डीएम ने ग्राम प्रधान को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद दिए गए जवाब में ग्राम प्रधान ने पुन: जांच कराने की मांग डीएम से की। उसकी मांग पर डीएम ने पीडी राजेश कुमार मिश्र से जांच कराया तो प्रधान ने निकाली गई धनराशि से काम पूरा करा दिया। उस पर महज 48 सौ रुपये के गबन का दोषी पाया गया । डीएम ने ग्राम प्रधान 48 सौ रुपये जमा कराने का आदेश देते हुए वित्तीय अधिकार को बहाल कर दिया। यह भी निर्देश दिया कि बहाली का आदेश 48 सौ रुपये जमा करने के बाद ही मान्य होगा। प्रधान पद बहाल होने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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- आयुक्त ग्राम विकास के निर्देश को बीडीओ नेवादा ने किया नजरंदाज
मंझनपुर (ब्यूरो)। मुख्य विकास अधिकारी ने बीडीओ नेवादा को चेतावनी भरी नोटिस जारी किया है। आरोप है कि बीडीओ ने आयुक्त ग्राम विकास द्वारा मांगी गई सूचना को तीन माह बाद भी नहीं दिया है।
आयुक्त ग्राम विकास पार्थ सारथी सेन शर्मा ने तीन माह पहले जिले के ग्राम विकास विभाग में निलंबित चल रहे कर्मचारियों की रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट में उनके दोषी होने की बात पूछी गई थी। विकास खंड नेवादा में निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश सिंह के बावत बीडीओ अखिलेश कुमार से रिपोर्ट मांगी गई थी। तीन माह बीत जाने के बाद भी बीडीओ ने मुख्य विकास अधिकारी को रिपोर्ट मुहैया नहीं कराया। इसी तरह सदर ब्लॉक में निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी मनोज व विष्णुदत्त की रिपोर्ट सदर ब्लॉक के प्रभारी बीडीओ ने नहीं दिया। रिपोर्ट न मिलने से तीनाें कर्मचारियों की बहाली अधर में लटकी हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को सीडीओ ने नेवादा बीडीओ को चेतावनी भरी नोटिस जारी किया है। मंझनपुर का प्रभार एक जिला स्तरीय अधिकारी के हाथों होने पर उन्होंने तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। सीडीओ की नोटिस से बीडीओ नेवादा सकते में आ गए हैं।
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वीडीओ की रोकी वेतन वृद्धि
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिला विकास अधिकारी डीके दोहरे ने परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने में आंशिक दोष पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी की वेतनवृद्धि रोक दी है। कौशांबी ब्लॉक के म्योहर निवासी ममता देवी पत्नी शिवसागर ने पिछले साल परिवार रजिस्टर की नकल बनवाया था। आरोप है कि सेक्रेटरी ने ममता को मृत दर्शा दिया है। मामले की शिकायत पर डीडीओ डीके दोहरे ने जांच किया तो पाया कि परिवार रजिस्टर की नकल में छेड़छाड़ कर महिला को मृत दर्शाया गया है। उन्होंने वीडीओ अनिल तिवारी का आंशिक दोष मानते हुए एक वेतनवृद्धि रोक दिया है। डीडीओ की कार्रवाई के बाद से आरोपी बीडीओ में हड़कंप है।
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गबन की रिकबरी के बाद ही कोरीपुर प्रधान होंगे बहाल
शौचालय के धन में गड़बड़ी पर डीएम ने की थी कार्रवाई
मंझनपुर (ब्यूरो)। विकास खंड सरसवां के कोरीपुर ग्राम प्रधान केशन प्रसाद के वित्तीय अधिकार डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सशर्त बहाल कर दिया है। उनकी बहाली गबन की धनराशि 48 सौ रुपये जमा करने के बाद होगी।
कोरीपुर निवासी रंजीत चौधरी ने ग्राम प्रधान के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान कोरीपुर केशन प्रसाद ने शौचालय के धन में हेराफेरी की है। जांच के दौरान एक लाख, 60 हजार रुपये की गड़बड़ी पाई गई थी। मामले की गंभीरता देखते हुए डीपीआरओ की संस्तुति पर डीएम ने ग्राम प्रधान को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद दिए गए जवाब में ग्राम प्रधान ने पुन: जांच कराने की मांग डीएम से की। उसकी मांग पर डीएम ने पीडी राजेश कुमार मिश्र से जांच कराया तो प्रधान ने निकाली गई धनराशि से काम पूरा करा दिया। उस पर महज 48 सौ रुपये के गबन का दोषी पाया गया । डीएम ने ग्राम प्रधान 48 सौ रुपये जमा कराने का आदेश देते हुए वित्तीय अधिकार को बहाल कर दिया। यह भी निर्देश दिया कि बहाली का आदेश 48 सौ रुपये जमा करने के बाद ही मान्य होगा। प्रधान पद बहाल होने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।