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सरकारी कर्मी जितनी बनाई मजदूर की हैसियत
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:40 AM IST
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सरकारी कर्मी जितनी बना दी मजदूर की हैसियत
छात्रवृत्ति के लिए बनवाए गए आय प्रमाण पत्र में दिखा दी मजदूर की तीन लाख आय
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
सदर तहसील के अमीना गांव के एक मनरेगा मजदूर की हैसियत सरकारी कर्मचारी जितनी लेखपाल ने बना दी है। आय प्रमाण पत्र देख मजदूर के होश उड़े हैं। उसने अपने बेटों की छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र का आवेदन किया था।
अमीना निवासी बरमदीन पुत्र रामलखन मनरेगा का मजदूर है। उसके पास जॉबकार्ड भी है। बरमदीन के बेटे सुनील व अनिल प्राइमरी विद्यालय में पढ़ते हैं। छात्रवृत्ति के लिए बरमदीन ने आय प्रमाण पत्र के लिए तहसील में आवेदन किया था। लेखपाल रामराज ने मजदूर की सलाना आय तीन लाख 60 हजार रुपये बना दी है। इसका प्रमाण पत्र बरमदीन को मिला तो उसके होश उड़ गए। इतनी आय पर उसको छात्रवृत्ति मिलनी नहीं थी, न ही उसकी इतनी हैसियत थी। कई गुना का आय प्रमाण पत्र मिला तो बरमदीन ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। यह सरकारी कर्मचारी के बराबर की है। ग्रेड-पे 16 हजार 500 रुपया वेतन पाने वाले कर्मचारियों की इतनी आय सालाना बनती है। इससे अधिकारियों की भी निगाह लेखपाल के इस कारनामे पर घूम गई। अधिकारियों ने शिकंजा कसा तो लेखपाल ने आवेदक को सांत्वना दिया कि वह दोबारा आवेदन करे। प्रमाण पत्र संशोधित हो जाएगा। मामले में एसडीएम विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि यदि मजदूर की आय इतनी बनाई गई है तो मामला गंभीर है। वह इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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छात्रवृत्ति के लिए बनवाए गए आय प्रमाण पत्र में दिखा दी मजदूर की तीन लाख आय
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
सदर तहसील के अमीना गांव के एक मनरेगा मजदूर की हैसियत सरकारी कर्मचारी जितनी लेखपाल ने बना दी है। आय प्रमाण पत्र देख मजदूर के होश उड़े हैं। उसने अपने बेटों की छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र का आवेदन किया था।
अमीना निवासी बरमदीन पुत्र रामलखन मनरेगा का मजदूर है। उसके पास जॉबकार्ड भी है। बरमदीन के बेटे सुनील व अनिल प्राइमरी विद्यालय में पढ़ते हैं। छात्रवृत्ति के लिए बरमदीन ने आय प्रमाण पत्र के लिए तहसील में आवेदन किया था। लेखपाल रामराज ने मजदूर की सलाना आय तीन लाख 60 हजार रुपये बना दी है। इसका प्रमाण पत्र बरमदीन को मिला तो उसके होश उड़ गए। इतनी आय पर उसको छात्रवृत्ति मिलनी नहीं थी, न ही उसकी इतनी हैसियत थी। कई गुना का आय प्रमाण पत्र मिला तो बरमदीन ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। यह सरकारी कर्मचारी के बराबर की है। ग्रेड-पे 16 हजार 500 रुपया वेतन पाने वाले कर्मचारियों की इतनी आय सालाना बनती है। इससे अधिकारियों की भी निगाह लेखपाल के इस कारनामे पर घूम गई। अधिकारियों ने शिकंजा कसा तो लेखपाल ने आवेदक को सांत्वना दिया कि वह दोबारा आवेदन करे। प्रमाण पत्र संशोधित हो जाएगा। मामले में एसडीएम विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि यदि मजदूर की आय इतनी बनाई गई है तो मामला गंभीर है। वह इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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