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काउंट डाउन : तीन दिन में कैसे सड़क होंगी गड्ढा मुक्त
Updated Sun, 11 Jun 2017 08:52 PM IST
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मंझनपुर।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐलान किया था कि 15 जून तक जनपद की सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर आनन-फानन में 500 सड़कें गड्ढमुक्त करने के लिए चिह्नित भी की र्गइं। मरम्मत शुरू हुई लेकिन सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतर सकी।
15 जून आने में अब तीन दिन ही बाकी हैं और अधिकांश सड़कें जैसे पहले थीं वैसे ही अब भी हैं। कई सड़कें ऐसी हैं जिनमें इस भीषण गर्मी में भी घुटनों तक पानी भरा है। जिन सड़कों की मरम्मत का दावा किया जा रहा है उनका भी हाल बुरा है।
गृह जनपद में डिप्टी सीएम बनने के बाद अप्रैल माह में पहली बार आए केशव प्रसाद मौर्य ने घोषणा की थी कि 15 जून तक सड़क गड्ढामुक्त हो जाएगी। कोई भी सड़क ऐसी नहीं होगी जिस पर गड्ढा होगा। यह दावा उन्होंने बतौर लोक निर्माण मंत्री भी किया था।
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गड्ढामुक्त करने का काम शुरू हुआ। अधिकारियों का फोकस मुख्य सड़कों पर रहा। वे उन्हीं की ही पैचिंग कराने तक सीमित रहे। तमाम ऐसी सड़कें हैं जिनमें आवागमन करने में लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंझनपुर से नारा जाने वाला मार्ग खस्ताहाल है। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस मार्ग से स्थानीय लोग मजबूरी में आवागमन करते हैं।
यही हाल मंझनपुर वाया कोर्रों, हाइवे से कादीपुर, सिराथू से कालाकांकर मार्ग, बेरुवा चौराहा से जलीलपुर, बड़ा तालाब से सरायअकिल मार्ग, इछना मार्ग, पुरखास से उमरवल आदि मार्ग ऐसे हैं, जिनमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कोड़ारी से इमली गांव, बारा से बेरौंचा की स्थिति बद से बदतर है। इन सड़कों का भी प्रस्ताव बना है, लेकिन अभी इन पर कोई कार्य नहीं शुरू हो सका है।
इसके अलावा जिन सड़कों की मरम्मत कराने का दावा किया गया है, उनको भी लेकर सवाल उठ रहे हैं। ओसा बाईपास से मंझनपुर, बसोहनी से इचौली, नियामतपुर से बालकमऊ आदि ऐसी सड़कें हैं, जिनकी मरम्मत कराई गई, लेकिन गुणवत्ता पूर्ण कार्य न होने पर गड्ढे दोबारा दिखने लगे।
तीन दिन में कैसे गड्ढामुक्त होंगी सड़कें
उप मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का किया था ऐलान
कई सड़कों पर बने गड्ढों में गर्मी के मौसम में भी भरा है घुटनों तक पानी
ऊबड़-खाबड़ हैं फतेहपुर को जोड़ने वाले मार्ग
अजुहा (ब्यूरो)। फतेहपुर जनपद को जोड़ने वाले मार्ग ऊबड़-खाबड़ हैं। हालत यह है कि ट्रैक्टर से भी आवागमन करने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं। इतने बड़े-बडे़ गड्ढे हो गए हैं कि ट्राली पलट जाती है। अजुहा से धुमाई व धुमाई से सोंधिया मई और खत्रीपुर मार्ग टूट चुका है। काली सड़क का पता नहीं है। गड्ढे ही गड्ढे हैं। गिट्टियां उखड़कर गायब हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इन सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। भाजपा सरकार से उम्मीद थी, लेकिन अब तक काम नहीं शुरू हो सका। इस क्षेत्र के रहने वाले लोग इस मार्ग के बजाए दूसरे मार्ग से घूमकर आते-जाते हैं।
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐलान किया था कि 15 जून तक जनपद की सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर आनन-फानन में 500 सड़कें गड्ढमुक्त करने के लिए चिह्नित भी की र्गइं। मरम्मत शुरू हुई लेकिन सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतर सकी।
15 जून आने में अब तीन दिन ही बाकी हैं और अधिकांश सड़कें जैसे पहले थीं वैसे ही अब भी हैं। कई सड़कें ऐसी हैं जिनमें इस भीषण गर्मी में भी घुटनों तक पानी भरा है। जिन सड़कों की मरम्मत का दावा किया जा रहा है उनका भी हाल बुरा है।
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गृह जनपद में डिप्टी सीएम बनने के बाद अप्रैल माह में पहली बार आए केशव प्रसाद मौर्य ने घोषणा की थी कि 15 जून तक सड़क गड्ढामुक्त हो जाएगी। कोई भी सड़क ऐसी नहीं होगी जिस पर गड्ढा होगा। यह दावा उन्होंने बतौर लोक निर्माण मंत्री भी किया था।
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गड्ढामुक्त करने का काम शुरू हुआ। अधिकारियों का फोकस मुख्य सड़कों पर रहा। वे उन्हीं की ही पैचिंग कराने तक सीमित रहे। तमाम ऐसी सड़कें हैं जिनमें आवागमन करने में लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंझनपुर से नारा जाने वाला मार्ग खस्ताहाल है। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस मार्ग से स्थानीय लोग मजबूरी में आवागमन करते हैं।
यही हाल मंझनपुर वाया कोर्रों, हाइवे से कादीपुर, सिराथू से कालाकांकर मार्ग, बेरुवा चौराहा से जलीलपुर, बड़ा तालाब से सरायअकिल मार्ग, इछना मार्ग, पुरखास से उमरवल आदि मार्ग ऐसे हैं, जिनमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कोड़ारी से इमली गांव, बारा से बेरौंचा की स्थिति बद से बदतर है। इन सड़कों का भी प्रस्ताव बना है, लेकिन अभी इन पर कोई कार्य नहीं शुरू हो सका है।
इसके अलावा जिन सड़कों की मरम्मत कराने का दावा किया गया है, उनको भी लेकर सवाल उठ रहे हैं। ओसा बाईपास से मंझनपुर, बसोहनी से इचौली, नियामतपुर से बालकमऊ आदि ऐसी सड़कें हैं, जिनकी मरम्मत कराई गई, लेकिन गुणवत्ता पूर्ण कार्य न होने पर गड्ढे दोबारा दिखने लगे।
तीन दिन में कैसे गड्ढामुक्त होंगी सड़कें
उप मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का किया था ऐलान
कई सड़कों पर बने गड्ढों में गर्मी के मौसम में भी भरा है घुटनों तक पानी
ऊबड़-खाबड़ हैं फतेहपुर को जोड़ने वाले मार्ग
अजुहा (ब्यूरो)। फतेहपुर जनपद को जोड़ने वाले मार्ग ऊबड़-खाबड़ हैं। हालत यह है कि ट्रैक्टर से भी आवागमन करने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं। इतने बड़े-बडे़ गड्ढे हो गए हैं कि ट्राली पलट जाती है। अजुहा से धुमाई व धुमाई से सोंधिया मई और खत्रीपुर मार्ग टूट चुका है। काली सड़क का पता नहीं है। गड्ढे ही गड्ढे हैं। गिट्टियां उखड़कर गायब हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इन सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। भाजपा सरकार से उम्मीद थी, लेकिन अब तक काम नहीं शुरू हो सका। इस क्षेत्र के रहने वाले लोग इस मार्ग के बजाए दूसरे मार्ग से घूमकर आते-जाते हैं।