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जंगल में भड़की आग से पचास पेड़ खाक
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 13 Dec 2014 12:12 AM IST
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कल्यानपुर। सिराथू क्षेत्र के शहजादपुर गंगा तराई के जंगल में शुक्रवार की दोपहर अचानक आग लग गई। इससे आम, महुआ, बेर, आंवले के 50 से अधिक पेड़ और करीब 25 बीघे का सरपत जलकर खाक हो गया। आसमान चूमती लपटें देखकर आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। सैकड़ों ग्रामीणों के साथ दमकलकर्मी आग बुझाने के लिए कई घंटे जूझते रहे। भुक्तभोगी किसानों ने शहजादपुर गांव के ही एक युवक पर रंजिश में आग लगाने का आरोप लगाया है। किसानों ने इसकी नामजद तहरीर भी चौकी पुलिस को दी है।
सिराथू तहसील का शहजादपुर गांव गंगा की तराई में बसा है। गंगा किनारे ही यहां के लोगों की बाग और सरपत है। शुक्रवार की दोपहर तराई के इस जंगल में अचानक आग लग गई। इससे गांव के भगौती प्रसाद के 25 पेड़ बेर, हरिमोहन का दो पेड़ आम, एक पेड़ आंवला, भैयालाल पटेल का एक पेड़ महुआ, एक पेड़ जामुन, एक पेड़ नीम, तीन पेड़ आम, मैकूलाल मौर्य का तीन पेड़ आम, एक पेड़ महुआ, दो पेड़ आंवला के साथ ही कृष्णकांत, शिवाकांत, श्रीकांत आदि किसानों के भी पेड़ और करीब 25 बीघे का सरपत जलकर खाक हो गया।
सरपत और पेड़ों में लगी आग से निकलती लपटें आसमान चूमने लगी, तो शहजादपुर के साथ ही आसपास के अन्य गांवों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार पर तराई में बसे कई गांवों के हजारों व्यक्ति जुट गए। सूचना पर सिराथू फायर स्टेशन से दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ दमकलकर्मी कई घंटे तक आग बुझाने में जूझते रहे। हालांकि देर शाम तक भी आग पूरी तरह से बुझ नहीं पाई थी। भुक्तभोगी ग्रामीणों के मुताबिक जंगल में आग लगने से करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं पीड़ितों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर जानबूझकर आग लगाने का आरोप भी लगाया है। इस व्यक्ति के खिलाफ लोगों ने टेढ़ीमोड़ चौकी पुलिस को तहरीर भी दे दी है। चौकी प्रभारी ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है।
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सिराथू तहसील का शहजादपुर गांव गंगा की तराई में बसा है। गंगा किनारे ही यहां के लोगों की बाग और सरपत है। शुक्रवार की दोपहर तराई के इस जंगल में अचानक आग लग गई। इससे गांव के भगौती प्रसाद के 25 पेड़ बेर, हरिमोहन का दो पेड़ आम, एक पेड़ आंवला, भैयालाल पटेल का एक पेड़ महुआ, एक पेड़ जामुन, एक पेड़ नीम, तीन पेड़ आम, मैकूलाल मौर्य का तीन पेड़ आम, एक पेड़ महुआ, दो पेड़ आंवला के साथ ही कृष्णकांत, शिवाकांत, श्रीकांत आदि किसानों के भी पेड़ और करीब 25 बीघे का सरपत जलकर खाक हो गया।
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सरपत और पेड़ों में लगी आग से निकलती लपटें आसमान चूमने लगी, तो शहजादपुर के साथ ही आसपास के अन्य गांवों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार पर तराई में बसे कई गांवों के हजारों व्यक्ति जुट गए। सूचना पर सिराथू फायर स्टेशन से दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ दमकलकर्मी कई घंटे तक आग बुझाने में जूझते रहे। हालांकि देर शाम तक भी आग पूरी तरह से बुझ नहीं पाई थी। भुक्तभोगी ग्रामीणों के मुताबिक जंगल में आग लगने से करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं पीड़ितों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर जानबूझकर आग लगाने का आरोप भी लगाया है। इस व्यक्ति के खिलाफ लोगों ने टेढ़ीमोड़ चौकी पुलिस को तहरीर भी दे दी है। चौकी प्रभारी ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है।
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