{"_id":"689e3ab9e7aa72e5fd058a69","slug":"48-women-groups-did-business-of-60-lakhs-on-independence-day-kaushambi-news-c-261-1-sald1002-129080-2025-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: स्वतंत्रता दिवस पर 48 महिला समूहों ने किया 60 लाख का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: स्वतंत्रता दिवस पर 48 महिला समूहों ने किया 60 लाख का कारोबार
Fri, 15 Aug 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:06 AM IST
विज्ञापन
तिरंगा झंडे का निर्माण करती महिलाएं। स्रोत- विभाग
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और हुनर का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 48 स्वयं सहायता समूहों को तिरंगा झंडा निर्माण का ऑर्डर मिला है। समूहों ने 3.2 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए गए। इससे समूहों को करीब 60 लाख रुपये मिलेगा। इसमें करीब 10 लाख रुपये की आय होगी।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इसके लिए समूहों की महिलाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ तिरंगा तैयार कर आपूर्ति देने का आदेश मिला था। जो महिलाओं ने कर दिया। इस कार्य के बदले उन्हें करीब 60 लाख का भुगतान मिलेगा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, यह कारोबार इन समूहों के लिए न केवल बेहतर आय का स्रोत बना, बल्कि महिला सदस्यों को आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी मजबूत कदम मिला।
विज्ञापन
तिरंगा निर्माण में शामिल रामपुर की आशा महिला समूह की सदस्य मीना देवी ने बताया, हमें पहली बार इतना बड़ा ऑर्डर मिला है। इस काम से अच्छी कमाई हुई और हमें अपने हुनर पर गर्व है।
वहीं, सिराथू की लक्ष्मी महिला समूह की रीता देवी ने बताया कि इस ऑर्डर ने समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत की और सदस्यों को बड़े काम करने का अनुभव मिला।
जिला मिशन प्रबंधक दिव्यांशु सिंह ने बताया कि इन महिला समूहों को तिरंगा निर्माण के लिए आवश्यक कपड़ा, धागा और डिजाइन का प्रशिक्षण पहले से दिया गया था। उनका कहना है कि भविष्य में भी ऐसे ऑर्डर दिलाने की योजना है, ताकि समूह की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके।
महिलाओं के इस सामूहिक प्रयास ने साबित कर दिया कि यदि अवसर और संसाधन उपलब्ध हों, तो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकती हैं और बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
उन्होंने बताया कि एक तिरंगा के लिए विभाग से 20 रुपये का भुगतान मिलेगा। इसमें महिलाओं को तीन रुपये का प्रति झंडा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इसके लिए समूहों की महिलाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ तिरंगा तैयार कर आपूर्ति देने का आदेश मिला था। जो महिलाओं ने कर दिया। इस कार्य के बदले उन्हें करीब 60 लाख का भुगतान मिलेगा।
विज्ञापन
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, यह कारोबार इन समूहों के लिए न केवल बेहतर आय का स्रोत बना, बल्कि महिला सदस्यों को आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी मजबूत कदम मिला।
विज्ञापन
तिरंगा निर्माण में शामिल रामपुर की आशा महिला समूह की सदस्य मीना देवी ने बताया, हमें पहली बार इतना बड़ा ऑर्डर मिला है। इस काम से अच्छी कमाई हुई और हमें अपने हुनर पर गर्व है।
वहीं, सिराथू की लक्ष्मी महिला समूह की रीता देवी ने बताया कि इस ऑर्डर ने समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत की और सदस्यों को बड़े काम करने का अनुभव मिला।
जिला मिशन प्रबंधक दिव्यांशु सिंह ने बताया कि इन महिला समूहों को तिरंगा निर्माण के लिए आवश्यक कपड़ा, धागा और डिजाइन का प्रशिक्षण पहले से दिया गया था। उनका कहना है कि भविष्य में भी ऐसे ऑर्डर दिलाने की योजना है, ताकि समूह की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके।
महिलाओं के इस सामूहिक प्रयास ने साबित कर दिया कि यदि अवसर और संसाधन उपलब्ध हों, तो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकती हैं और बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
उन्होंने बताया कि एक तिरंगा के लिए विभाग से 20 रुपये का भुगतान मिलेगा। इसमें महिलाओं को तीन रुपये का प्रति झंडा लाभ मिलेगा।