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दोआबा की 46 फीसदी महिलाएं दिखाएंगी ताकत
Sat, 02 Mar 2019 12:33 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 02 Mar 2019 12:33 AM IST
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- फोटो : PTI
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मंझनपुर। इस बार के लोकसभा चुनाव में सांसद की कुर्सी के लिए नारी शक्ति के वोट महत्वपूर्ण हाेंगे। दरअसल कौशाम्बी संसदीय सीट में जिले की करीब 46 फीसदी महिलाएं इस मर्तबा अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगी। लिहाजा इसके लिए सियासियों ने गुणा-भाग शुरू कर दिया है।
लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग की ओर से कभी भी आचार संहिता लागू की जा सकती है। लिहाजा सियासी दलों ने भी चुनाव में अपनी दिशा और दशा तय करने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक पंडित महिलाओं के वोट को लेकर गणित भिड़ा रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए राजनीतिज्ञों का मानना है कि नारी शक्ति का रुझान जिधर हुआ चुनाव में उस दल का पलड़ा भारी हो सकता है। प्रशासनिक चुनाव डायरी पर गौर करें तो कौशाम्बी संसदीय सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें प्रतापगढ़ की कुंडा व बाबागंज के साथ ही कौशाम्बी की मंझनपुर, सिराथू व चायल विधानसभाएं शामिल हैं। कौशाम्बी जिले की विधानसभाओं का आंकलन करें तो यहां 46.18 फीसदी महिला वोटर हैं। चुनाव में इस वोट को पाने के लिए सभी दलों की अपनी-अपनी गणित होगी। उपजिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 18 वर्ष की युवतियों ने उत्साह दिखाया। नतीजतन महिलाओं की भागीदारी 46 फीसदी के पार पहुंच गई।
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लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग की ओर से कभी भी आचार संहिता लागू की जा सकती है। लिहाजा सियासी दलों ने भी चुनाव में अपनी दिशा और दशा तय करने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक पंडित महिलाओं के वोट को लेकर गणित भिड़ा रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए राजनीतिज्ञों का मानना है कि नारी शक्ति का रुझान जिधर हुआ चुनाव में उस दल का पलड़ा भारी हो सकता है। प्रशासनिक चुनाव डायरी पर गौर करें तो कौशाम्बी संसदीय सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें प्रतापगढ़ की कुंडा व बाबागंज के साथ ही कौशाम्बी की मंझनपुर, सिराथू व चायल विधानसभाएं शामिल हैं। कौशाम्बी जिले की विधानसभाओं का आंकलन करें तो यहां 46.18 फीसदी महिला वोटर हैं। चुनाव में इस वोट को पाने के लिए सभी दलों की अपनी-अपनी गणित होगी। उपजिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 18 वर्ष की युवतियों ने उत्साह दिखाया। नतीजतन महिलाओं की भागीदारी 46 फीसदी के पार पहुंच गई।
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