{"_id":"5c9cdce7bdec2213f8016a28","slug":"41553784039-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘संसदीय चुनाव में विधायकों को देनी होगी अग्नि परीक्षा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘संसदीय चुनाव में विधायकों को देनी होगी अग्नि परीक्षा’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘संसदीय चुनाव में विधायकों को देनी होगी अग्नि परीक्षा’
भाजपा ने खुद से अधिक वोट दिलाने का दे रखा है लक्ष्य
जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का ही है कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। संसदीय चुनाव में इस बार विधायकों को अग्नि परीक्षा देनी होगी। उन्हें पार्टी उम्मीदवार को कम से कम उतना वोट तो दिलाना ही होगा, जितना खुद को मिला था। हालांकि भाजपा ने जिले के तीनों विधायकों को खुद से अधिक वोट सांसद प्रत्याशी को दिलाने का लक्ष्य दे रखा है।
कौशाम्बी की मंझनपुर, सिराथू और चायल समेत तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का ही कब्जा है। यहां निवर्तमान सांसद भी बीजेपी के ही हैं। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में मंझनपुर के विधायक लालबहादुर को 92 हजार 118 वोट मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंद्रजीत सरोज को 88 हजार 658 मतों से संतोष करना पड़ा था। लालबहादुर चार हजार 160 वोट से विजई हुए थे। इसी तरह सिराथू में भाजपा विधायक शीतला प्रसाद पटेल को 78 हजार 621 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे सपा के वाचस्पति को 52 हजार 418 मत मिले थे। शीतला पटेल ने 26 हजार 203 मत से झंडा बुलंद किया था। ऐसे ही चायल में भाजपा विधायक संजय गुप्ता को 85 हजार 713 तो उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के तलत अजीम को 45 हजार 597 मत मिले थे। संजय 40 हजार 116 वोट से जीते थे। इस हिसाब से जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर देखें तो भाजपा को दो लाख 56 हजार 452 वोट मिले थे। भाजपा ने तीनों विधायकों को इससे अधिक वोट सांसद पद के उम्मीदवार को दिलाने का लक्ष्य दे रखा है। इसे लेकर विधायक खासे परेशान हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं कुछ गड़बड़ हुआ तो फजीहत हो जाएगी।
--
मंत्री बनने का देख रहे ख्वाब
मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा के विधायक मंत्री बनने का भी ख्वाब देख रहे हैं। हर कोई चाह रहा है कि उसे मंत्रिमंडल में जगह दे दी जाए। इसे लेकर विधायक अपने आकाओं की परिक्रमा भी कर रहे हैं। इसी बीच पार्टी ने उम्मीदवार जिताने का लक्ष्य दे दिया है। विधायकों को लग रहा है कि कहीं उनके क्षेत्र से दल के प्रत्याशी की स्थिति खराब हुई तो मंत्री बनना सपना ही हो जाएगा।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
भाजपा ने खुद से अधिक वोट दिलाने का दे रखा है लक्ष्य
जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का ही है कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। संसदीय चुनाव में इस बार विधायकों को अग्नि परीक्षा देनी होगी। उन्हें पार्टी उम्मीदवार को कम से कम उतना वोट तो दिलाना ही होगा, जितना खुद को मिला था। हालांकि भाजपा ने जिले के तीनों विधायकों को खुद से अधिक वोट सांसद प्रत्याशी को दिलाने का लक्ष्य दे रखा है।
कौशाम्बी की मंझनपुर, सिराथू और चायल समेत तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का ही कब्जा है। यहां निवर्तमान सांसद भी बीजेपी के ही हैं। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में मंझनपुर के विधायक लालबहादुर को 92 हजार 118 वोट मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंद्रजीत सरोज को 88 हजार 658 मतों से संतोष करना पड़ा था। लालबहादुर चार हजार 160 वोट से विजई हुए थे। इसी तरह सिराथू में भाजपा विधायक शीतला प्रसाद पटेल को 78 हजार 621 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे सपा के वाचस्पति को 52 हजार 418 मत मिले थे। शीतला पटेल ने 26 हजार 203 मत से झंडा बुलंद किया था। ऐसे ही चायल में भाजपा विधायक संजय गुप्ता को 85 हजार 713 तो उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के तलत अजीम को 45 हजार 597 मत मिले थे। संजय 40 हजार 116 वोट से जीते थे। इस हिसाब से जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर देखें तो भाजपा को दो लाख 56 हजार 452 वोट मिले थे। भाजपा ने तीनों विधायकों को इससे अधिक वोट सांसद पद के उम्मीदवार को दिलाने का लक्ष्य दे रखा है। इसे लेकर विधायक खासे परेशान हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं कुछ गड़बड़ हुआ तो फजीहत हो जाएगी।
विज्ञापन
--
मंत्री बनने का देख रहे ख्वाब
मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा के विधायक मंत्री बनने का भी ख्वाब देख रहे हैं। हर कोई चाह रहा है कि उसे मंत्रिमंडल में जगह दे दी जाए। इसे लेकर विधायक अपने आकाओं की परिक्रमा भी कर रहे हैं। इसी बीच पार्टी ने उम्मीदवार जिताने का लक्ष्य दे दिया है। विधायकों को लग रहा है कि कहीं उनके क्षेत्र से दल के प्रत्याशी की स्थिति खराब हुई तो मंत्री बनना सपना ही हो जाएगा।
विज्ञापन
--