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बदले अपना नजरिया, 24 घंटे तैयार है पुलिस
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:35 AM IST
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बदलें नजरिया, 24 घंटे तैयार है पुलिस
बीएस मेहता विद्याश्रम भरवारी में आयोजित हुई पुलिस की पाठशाला
सीओ अंशुमान मिश्र ने कहा कि साइबर क्राइम से निपटने में सक्षम है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
भरवारी।
पुलिस के प्रति अपनी नकारात्मक सोच में बदलाव लाएं। पुलिस आपकी सेवा के लिए है। आधुनिक संसाधनों से पुलिस लैस हो चुकी है और 24 घंटे आपकी मदद करने के लिए तैयार है। साइबर क्राइम हो या संगठित अपराधी हों, पुलिस निपटने में पूरी तरह से सक्षम हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को बीएस मेहता विद्याश्रम में आयोजित पुलिस की पाठशाला में सीओ (सिराथू) अंशुमान मिश्र ने छात्रों को पुलिस की कार्यशैली की जानकारी दी, साथ ही छात्रों से आह्वान किया कि वह शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूरी मदद करें।
पुलिस की छवि मददगार के रूप में अभिभावक पेश करें। अक्सर सुनने में आता है कि अभिभावक बच्चों से कहते हैं कि परेशान करोगे तो पुलिस आ जाएगी। यह डरावना चेहरा बच्चों के सामने न रखा जाए। इससे बच्चों में नकारात्मक भाव आते हैं। दस साल में पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव आया है। आधुनिक सुविधाएं मिली हैं, जिसका लाभ आम जनता को पुलिस दे रही है। अपराधियों का नेटवर्क भी टूटा है। 100-डॉयल पुलिस 15 मिनट में सूचना देने पर पहुंच रही है। इस समय को और कम किया जा रहा है। इंटरनेट यूजर सावधान रहें। खासतौर से छात्र व छात्राएं। इंटनरेट पर कतई अपनी फोटो शेयर न करें। आप मोबाइल फार्मेट कर देते हैं या फोटो डिलीट कर देते हैं, लेकिन फोटो फिर भी रहती है। फेसबुक पर पूरी सावधानी बरतें। खासतौर से छात्राएं। आपकी लापरवाही का फायदा कोई भी शातिर उठाकर फोटो का दुरुपयोग कर सकता है। सोच-समझकर फोटो व संदेश फारवर्ड करें। ब्लू व्हेल गेम का जिक्र करते हुए कहा कि अपनी सोच सकारात्मक रखें और ऐसे काल्पनिक खेलों से दूर रहें। पुलिस 99 फीसदी लोगों के लिए नहीं हैं। वह सिर्फ उन एक फीसदी लोगों के लिए है जो अपराधी हैं। पाठशाला के पहले छात्राओं ने सीओ अंशुमान मिश्र का स्वागत किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य संजय श्रीवास्तव, ठा. सुधाकर सिंह, ओपी त्रिपाठी, नसीम अहमद, अवधेश मिश्र आदि उपस्थित रहे।
इन्होंने किए सवाल
छात्रा एमएल नास ने सीओ से पूछा कि कहीं क्राइम हो रहा है और पुलिस नहीं पा रही हैं तो हम क्या करें। सीओ ने बताया कि 100-डॉयल पुलिस की तैनाती का प्वाइंट इस तरह तैयार किया गया है कि अब पुलिस किसी भी गांव पहुंच सकती है। अंकिता त्रिपाठी ने सवाल किया कि तमाम ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिनमें परिवार वाले ही कार्रवाई नहीं होने देते हैं। इसका क्या समाधान है। सीओ ने कहा कि आपको डरने की जरूरत नहीं है। यदि लोकलाज के भय से ऐसा होगा तो अपराधी का मनोबल बढ़ेगा। परिजनों को भी जागरूक करने की जरूरत है। हर्षित केशरवानी ने सवाल किया कि जब आप सर्विस में नहीं थे तो शिकायतों को किस तरह लेते थे अब सर्विस में हैं तो शिकायतों पर कितनी पारदर्शिता दिखाते हैं। सीओ ने कहा कि सोच मजबूत होनी चाहिए। अभिनेता नवाजउद्दीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह दशरथ का रोल करते थे, लेकिन अब स्टार हैं। शुभम पांडेय ने कहा कि यही कहा जाता है कि कानून सबके लिए बराबर होता है, लेकिन गाड़ी पकड़े जाने पर किसी विधायक व मंत्री का फोन आने पर गाड़ी छोड़ दी जाती है। सीओ ने जवाब दिया कि फिलहाल ऐसा नहंीं है। काम में पारदर्शिता लाने के लिए यातायात पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। जल्द ही यातायात पुलिस का बदला हुआ चेहरा दिखेगा। आप नियमों का पालन करें, क्यों रोकेगी पुलिस। इसी तरह रहमत उल्ला, महेश साहू, विकास तिवारी, रिवांशी अग्रहरि और वैभव केशरवानी ने सवाल किए और सीओ ने जवाब देकर उनकी जिज्ञासा शांत की।
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मदद के लिए ऐप करें लोड
सीओ अंशुमान मिश्र ने छात्रों को सलाह दी कि यूपी 100-डॉयल पुलिस की ओर से एक ऐप जारी किया गया है। इस ऐप को यूपी 100 इमरजेंसी सर्विस नाम दिया गया है। इस ऐप को डाउन लोड करने के बाद यदि आपको पुलिस की मदद की जरूरत है तो साइट पर जाकर केवल एक टच करना है। इस दौरान आपके मोबाइल की लोकेशन जरूर चालू होनी चाहिए। जैसे ही टच करेंगे कंट्रोल रूम आपकी मदद के लिए पुलिस भेज देगा। तुरंत मदद मिले इसके लिए आपके आसपास मौजूद पुलिस टीम को ही भेजा जाएगा।
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बीएस मेहता विद्याश्रम भरवारी में आयोजित हुई पुलिस की पाठशाला
सीओ अंशुमान मिश्र ने कहा कि साइबर क्राइम से निपटने में सक्षम है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
भरवारी।
पुलिस के प्रति अपनी नकारात्मक सोच में बदलाव लाएं। पुलिस आपकी सेवा के लिए है। आधुनिक संसाधनों से पुलिस लैस हो चुकी है और 24 घंटे आपकी मदद करने के लिए तैयार है। साइबर क्राइम हो या संगठित अपराधी हों, पुलिस निपटने में पूरी तरह से सक्षम हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को बीएस मेहता विद्याश्रम में आयोजित पुलिस की पाठशाला में सीओ (सिराथू) अंशुमान मिश्र ने छात्रों को पुलिस की कार्यशैली की जानकारी दी, साथ ही छात्रों से आह्वान किया कि वह शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूरी मदद करें।
पुलिस की छवि मददगार के रूप में अभिभावक पेश करें। अक्सर सुनने में आता है कि अभिभावक बच्चों से कहते हैं कि परेशान करोगे तो पुलिस आ जाएगी। यह डरावना चेहरा बच्चों के सामने न रखा जाए। इससे बच्चों में नकारात्मक भाव आते हैं। दस साल में पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव आया है। आधुनिक सुविधाएं मिली हैं, जिसका लाभ आम जनता को पुलिस दे रही है। अपराधियों का नेटवर्क भी टूटा है। 100-डॉयल पुलिस 15 मिनट में सूचना देने पर पहुंच रही है। इस समय को और कम किया जा रहा है। इंटरनेट यूजर सावधान रहें। खासतौर से छात्र व छात्राएं। इंटनरेट पर कतई अपनी फोटो शेयर न करें। आप मोबाइल फार्मेट कर देते हैं या फोटो डिलीट कर देते हैं, लेकिन फोटो फिर भी रहती है। फेसबुक पर पूरी सावधानी बरतें। खासतौर से छात्राएं। आपकी लापरवाही का फायदा कोई भी शातिर उठाकर फोटो का दुरुपयोग कर सकता है। सोच-समझकर फोटो व संदेश फारवर्ड करें। ब्लू व्हेल गेम का जिक्र करते हुए कहा कि अपनी सोच सकारात्मक रखें और ऐसे काल्पनिक खेलों से दूर रहें। पुलिस 99 फीसदी लोगों के लिए नहीं हैं। वह सिर्फ उन एक फीसदी लोगों के लिए है जो अपराधी हैं। पाठशाला के पहले छात्राओं ने सीओ अंशुमान मिश्र का स्वागत किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य संजय श्रीवास्तव, ठा. सुधाकर सिंह, ओपी त्रिपाठी, नसीम अहमद, अवधेश मिश्र आदि उपस्थित रहे।
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इन्होंने किए सवाल
छात्रा एमएल नास ने सीओ से पूछा कि कहीं क्राइम हो रहा है और पुलिस नहीं पा रही हैं तो हम क्या करें। सीओ ने बताया कि 100-डॉयल पुलिस की तैनाती का प्वाइंट इस तरह तैयार किया गया है कि अब पुलिस किसी भी गांव पहुंच सकती है। अंकिता त्रिपाठी ने सवाल किया कि तमाम ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिनमें परिवार वाले ही कार्रवाई नहीं होने देते हैं। इसका क्या समाधान है। सीओ ने कहा कि आपको डरने की जरूरत नहीं है। यदि लोकलाज के भय से ऐसा होगा तो अपराधी का मनोबल बढ़ेगा। परिजनों को भी जागरूक करने की जरूरत है। हर्षित केशरवानी ने सवाल किया कि जब आप सर्विस में नहीं थे तो शिकायतों को किस तरह लेते थे अब सर्विस में हैं तो शिकायतों पर कितनी पारदर्शिता दिखाते हैं। सीओ ने कहा कि सोच मजबूत होनी चाहिए। अभिनेता नवाजउद्दीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह दशरथ का रोल करते थे, लेकिन अब स्टार हैं। शुभम पांडेय ने कहा कि यही कहा जाता है कि कानून सबके लिए बराबर होता है, लेकिन गाड़ी पकड़े जाने पर किसी विधायक व मंत्री का फोन आने पर गाड़ी छोड़ दी जाती है। सीओ ने जवाब दिया कि फिलहाल ऐसा नहंीं है। काम में पारदर्शिता लाने के लिए यातायात पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। जल्द ही यातायात पुलिस का बदला हुआ चेहरा दिखेगा। आप नियमों का पालन करें, क्यों रोकेगी पुलिस। इसी तरह रहमत उल्ला, महेश साहू, विकास तिवारी, रिवांशी अग्रहरि और वैभव केशरवानी ने सवाल किए और सीओ ने जवाब देकर उनकी जिज्ञासा शांत की।
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मदद के लिए ऐप करें लोड
सीओ अंशुमान मिश्र ने छात्रों को सलाह दी कि यूपी 100-डॉयल पुलिस की ओर से एक ऐप जारी किया गया है। इस ऐप को यूपी 100 इमरजेंसी सर्विस नाम दिया गया है। इस ऐप को डाउन लोड करने के बाद यदि आपको पुलिस की मदद की जरूरत है तो साइट पर जाकर केवल एक टच करना है। इस दौरान आपके मोबाइल की लोकेशन जरूर चालू होनी चाहिए। जैसे ही टच करेंगे कंट्रोल रूम आपकी मदद के लिए पुलिस भेज देगा। तुरंत मदद मिले इसके लिए आपके आसपास मौजूद पुलिस टीम को ही भेजा जाएगा।