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Kaushambi News: 31 करोड़ खप गए...विस्तारित क्षेत्र की सड़कों पर फिर नहीं दौड़ी विकास की गाड़ी
Tue, 09 Jul 2024 04:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 09 Jul 2024 04:40 AM IST
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नगर पालिका परिषद मंझनपुर के वार्ड नं.24 संत कबीर नगर की गली में जलभराव। संवाद
नगर पालिका परिषद मंझनपुर के सीमा विस्तार को साढ़े चार साल से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान नगर को चमकाने में करीब 31 करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया गया। इसके बाद भी विस्तारित क्षेत्र की सड़कों पर विकास की गाड़ी दौड़ न सकी। कीचड़ से सने और बारिश के पानी से लबालब गड्ढों में तब्दील सड़कें लोगों की परेशानी का सबब बन गई हैं।
नगर पालिका परिषद में पहले 12 वार्ड थे। दिसंबर-2019 में सीमा विस्तार हुआ तो संख्या 25 हो गई। पुराने वार्ड थोड़ा बहुत विकसित हैं। लेकिन, विस्तारित क्षेत्र के 23 गांव अब भी विकास को तरस रहे हैं। बीते साढ़े चार साल में अलग-अलग योजनाओं और निधियों से विकास कार्यों पर पालिका ने करीब 31 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद भी विस्तारित क्षेत्रों की सड़कों में विकास की झलक नहीं दिखी।
वार्ड नंबर 13 विहारी वाजपेयी नगर के सभासद जितेंद्र साहू ने बताया कि उनके वार्ड में विकास के नाम पर अब तक सिर्फ एक सड़क और एक नाली बनी हैं। जबकि, ज्यादातर गलियां बदहाल पड़ी हैं। पालिकाध्यक्ष और ईओ से लेकर डीएम तक शिकायत हुई। लेकिन, काम नहीं हो रहा है। वार्ड नंबर 20 चंद्रशेखर आजाद नगर भइया लाल कहते हैं कि 10 साल से मुख्य सड़क बदहाल है। बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पिछले साल कुछ हिस्से में बोल्डर डाले गए, फिर कुछ नहीं हुआ। साहेब लाल ने कहा कि विस्तारित क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या सड़क ओर जल निकासी की है। इसे दूर कराने पर ध्यान नहीं दिया गया।
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वार्ड नंबर 24 संत कबीर नगर का हाल और भी बदतर है। जिस गली में नजर जाती है, उसी में जलभराव और कीचड़ दिखता है। वहीं, वार्ड नंबर 25 संत रविदास नगर के रावेंद्र यादव और नरेश चौधरी ने बताया कि मोहल्ले की मुख्य सड़क करीब 12 साल से गड्ढों में तब्दील है। नाली ध्वस्त पड़ी है।
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पुराने कस्बे को ही चमकाने पर दिया जोर
नगर पालिका परिषद का विस्तार तो वर्ष 2019 में ही हो गया था, लेकिन विस्तारित क्षेत्र के हिसाब से बजट आना वर्ष 2021-22 से शुरू हुआ। इसके चलते एक साल तो कोई विशेष काम हुए ही नहीं। इसके बाद जब विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी तो पूरा फोकस पुराने 12 वार्डों पर रहा। नगर निकाय चुनाव के बाद विस्तारित क्षेत्रों में विकास में कुछ तेजी आई है। लेकिन, यह भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं है।
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आंकड़ों पर एक नजर
नगर पालिका परिषद में वार्ड- 25
नगर क्षेत्र की कुल आबादी - 1.08 लाख
कब हुआ सीमा विस्तार- दिसंबर-2019
मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना से अब तक खर्च हुआ बजट- लगभग सात करोड़
15वें वित्त से विकास कार्यों पर खर्च हुआ कुल बजट- करीब 24 करोड़
सड़कों व नालियों के निर्माण पर खर्च हुआ 15वें वित्त का बजट- करीब 12 करोड़
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विस्तारित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की जरूरत हैं। इस बात से मैं अच्छी तरह वाकिफ हूं। पहले तो इन क्षेत्रों में कुछ काम हुए ही नहीं। नगर निकाय चुनाव के बाद से इन इलाकों को प्राथमिकता पर रखकर काम कराए जा रहे हैं। आगे भी यही कोशिश रहेगी कि पहले विस्तारित क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
वीरेंद्र फौजी,अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, मंझनपुर
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नगर पालिका परिषद में पहले 12 वार्ड थे। दिसंबर-2019 में सीमा विस्तार हुआ तो संख्या 25 हो गई। पुराने वार्ड थोड़ा बहुत विकसित हैं। लेकिन, विस्तारित क्षेत्र के 23 गांव अब भी विकास को तरस रहे हैं। बीते साढ़े चार साल में अलग-अलग योजनाओं और निधियों से विकास कार्यों पर पालिका ने करीब 31 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद भी विस्तारित क्षेत्रों की सड़कों में विकास की झलक नहीं दिखी।
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वार्ड नंबर 13 विहारी वाजपेयी नगर के सभासद जितेंद्र साहू ने बताया कि उनके वार्ड में विकास के नाम पर अब तक सिर्फ एक सड़क और एक नाली बनी हैं। जबकि, ज्यादातर गलियां बदहाल पड़ी हैं। पालिकाध्यक्ष और ईओ से लेकर डीएम तक शिकायत हुई। लेकिन, काम नहीं हो रहा है। वार्ड नंबर 20 चंद्रशेखर आजाद नगर भइया लाल कहते हैं कि 10 साल से मुख्य सड़क बदहाल है। बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पिछले साल कुछ हिस्से में बोल्डर डाले गए, फिर कुछ नहीं हुआ। साहेब लाल ने कहा कि विस्तारित क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या सड़क ओर जल निकासी की है। इसे दूर कराने पर ध्यान नहीं दिया गया।
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वार्ड नंबर 24 संत कबीर नगर का हाल और भी बदतर है। जिस गली में नजर जाती है, उसी में जलभराव और कीचड़ दिखता है। वहीं, वार्ड नंबर 25 संत रविदास नगर के रावेंद्र यादव और नरेश चौधरी ने बताया कि मोहल्ले की मुख्य सड़क करीब 12 साल से गड्ढों में तब्दील है। नाली ध्वस्त पड़ी है।
पुराने कस्बे को ही चमकाने पर दिया जोर
नगर पालिका परिषद का विस्तार तो वर्ष 2019 में ही हो गया था, लेकिन विस्तारित क्षेत्र के हिसाब से बजट आना वर्ष 2021-22 से शुरू हुआ। इसके चलते एक साल तो कोई विशेष काम हुए ही नहीं। इसके बाद जब विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी तो पूरा फोकस पुराने 12 वार्डों पर रहा। नगर निकाय चुनाव के बाद विस्तारित क्षेत्रों में विकास में कुछ तेजी आई है। लेकिन, यह भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं है।
आंकड़ों पर एक नजर
नगर पालिका परिषद में वार्ड- 25
नगर क्षेत्र की कुल आबादी - 1.08 लाख
कब हुआ सीमा विस्तार- दिसंबर-2019
मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना से अब तक खर्च हुआ बजट- लगभग सात करोड़
15वें वित्त से विकास कार्यों पर खर्च हुआ कुल बजट- करीब 24 करोड़
सड़कों व नालियों के निर्माण पर खर्च हुआ 15वें वित्त का बजट- करीब 12 करोड़
विस्तारित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की जरूरत हैं। इस बात से मैं अच्छी तरह वाकिफ हूं। पहले तो इन क्षेत्रों में कुछ काम हुए ही नहीं। नगर निकाय चुनाव के बाद से इन इलाकों को प्राथमिकता पर रखकर काम कराए जा रहे हैं। आगे भी यही कोशिश रहेगी कि पहले विस्तारित क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
वीरेंद्र फौजी,अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, मंझनपुर

नगर पालिका परिषद मंझनपुर के वार्ड नं.24 संत कबीर नगर की गली में जलभराव। संवाद

नगर पालिका परिषद मंझनपुर के वार्ड नं.24 संत कबीर नगर की गली में जलभराव। संवाद