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कुपोषण की जंग लड़ रहे 25 हजार नौनिहाल

Wed, 15 Dec 2021 07:33 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 07:33 PM IST
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25 thousand children are in malnutrition
जनपद के 25 हजार नौनिहाल कुपेषण से जंग लड़ रहे हैं। इनमें अति कुपोषितों की संख्या चार हजार है। जिला प्रशासन इन बच्चों की सेहत सुधारने की कवायद में जुटा हुआ है। बाल विकास परियोजना विभाग ने सितंबर माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से 0 से पांच साल तक 1,78,298 बच्चों का वजन कराया था। साथ ही ऊंचाई (बच्चों की लंबाई) की डिटेल लेकर ग्रोथ चार्ट तैयार किया। ग्रोथ चार्ट के अनुसार जिले भर में जिले भर में 3951 बच्चे लाल श्रेणी (अति कुपोषित) पाए गए। इनकी सबसे पहले इलाज की आवश्यकता है।
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जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कर इलाज कराने की सलाह दी गई। वहीं, कुपोषित बच्चों की संख्या 20,994 पाई गई। अति कुपोषित बच्चों की सर्वाधिक संख्या चायल विकास खंड में पाई गई। जनपद के सबसे छोटे ब्लॉक में सर्वाधिक 682 अति कुपोषित बच्चों की संख्या मिलने से विभाग में खलबली है। यहां कुपोषित बच्चों की संख्या भी सबसे ज्यादा 3471 है। कमजोर मांसपेशियां, हर समय थकान महसूस होना, बार बार बीमार होना, संक्रमण का शिकार होना, शारीरिक विकास व वजन कम होना, चिड़चिड़ापन होना, बीमारी ठीक होने में देरी, घाव भरने में देरी, दस्त होना,भूख कम लगना आदि कुपोषण के प्रमुख लक्षण हैं।
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पांच वर्ष से कम उम्र के आधे से अधिक बच्चों की मौतों का एक प्रमुख कारण मातृ एवं शिशु का कुपोषित होना बताया जा रहा है। कुपोषण के कारण बच्चों की असमय मौत हो जाती है। जो, कुपोषण से प्रभावित बच्चे जीवित भी रहते हैं, उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इससे वह अक्सर बीमार रहते हैं, और उनका विकास नहीं हो पाता है। कुपोषण दूर करने के लिए राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने वजन के आधार पर सर्वे किया था। उसमें जिन गावों में अतिकुपोषित बच्चे अधिक पाए गए हैं। वहां पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिलाओं का टीकाकरण के साथ आयरन की गोली के अलावा पोषाहार देने में ही प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही अतिकुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जा रहा है।
सुरेश कुमार-जिला कार्यक्रम अधिकारी
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