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सरकारी राशन से वंचित हो गए 22 हजार कार्डधारक
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सरकारी राशन से वंचित हो गए 22 हजार कार्डधारक
लॉकडाउन में बाहर फंसे या फिर हैं फर्जी, पूर्ति विभाग सत्यापन कराएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। प्रशासनिक मशीनरी जुटने के बाद भी दोआबा के करीब 22 हजार कार्डधारक सरकारी राशन से वंचित हो गए। समय सीमा खत्म होने के कारण अब इन्हें अप्रैल महीने का राशन नहीं मिल सकेगा। ये कार्डधारक कौन हैं? लॉकडाउन में बाहर फंसे हैं या फिर फर्जी हैं। इसे लेकर पूर्ति विभाग माथापच्ची कर रहा है। महकमा अब इन कार्डधारकों का सत्यापन कराने की तैयारी कर रहा है।
जिले में 303167 कार्डधारक हैं। इनमें करीब 37575 अंत्योदय और 266592 कार्डधारक पात्र गृहस्थी के शामिल हैं। आमतौर पर इन्हें हर महीने आखिरी दिवस तक राशन वितरित किया जाता था, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन को देखते हुए इस बार 12 तारीख तक ही अप्रैल का राशन वितरण किया गया। लॉकडाउन में किसी को कोई समस्या नहीं होए इसके लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने प्रत्येक कोटे की दुकान के लिए एक.एक नोडल अफसर नामित कर इन्हें अपनी निगरानी में राशन वितरित कराने का निर्देश दे रखा है। तमाम प्रशासनिक कवायद के बावजूद तकरीबन 22 हजार कार्डधारक सरकारी राशन से वंचित हो गए। पूर्ति विभाग के आंकड़ों की मानें तो अप्रैल में करीब दो लाख 81 हजार कार्डधारकों ने ही कोटे की दुकान पहुंचकर राशन लिया। जबकि अंत्योदय कार्डधारकों के लिए मुफ्त राशन मुहैया कराने की व्यवस्था थी। ऐसे वक्त में 22 हजार कार्डधारकों तक सरकारी राशन नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसमें तीन तरह के कार्डधारक हो सकते हैं। कुछ कार्डधारक लॉकडाउन में बाहर फंसे हुए हो सकते हैं, जबकि कुछ मृतकों के नाम कार्ड चल रहे होंगे या फिर फर्जीकार्ड धारक हैं। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह का कहना है कि फिलहाल मुफ्त चावल वितरण कराया जा रहा है। इसके बाद राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों का सत्यापन कराया जाएगा। तभी साफ हो सकेगा कि इन कार्डधारकों ने किन परिस्थितियों में सरकारी राशन नहीं लिया है।
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लॉकडाउन में बाहर फंसे या फिर हैं फर्जी, पूर्ति विभाग सत्यापन कराएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। प्रशासनिक मशीनरी जुटने के बाद भी दोआबा के करीब 22 हजार कार्डधारक सरकारी राशन से वंचित हो गए। समय सीमा खत्म होने के कारण अब इन्हें अप्रैल महीने का राशन नहीं मिल सकेगा। ये कार्डधारक कौन हैं? लॉकडाउन में बाहर फंसे हैं या फिर फर्जी हैं। इसे लेकर पूर्ति विभाग माथापच्ची कर रहा है। महकमा अब इन कार्डधारकों का सत्यापन कराने की तैयारी कर रहा है।
जिले में 303167 कार्डधारक हैं। इनमें करीब 37575 अंत्योदय और 266592 कार्डधारक पात्र गृहस्थी के शामिल हैं। आमतौर पर इन्हें हर महीने आखिरी दिवस तक राशन वितरित किया जाता था, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन को देखते हुए इस बार 12 तारीख तक ही अप्रैल का राशन वितरण किया गया। लॉकडाउन में किसी को कोई समस्या नहीं होए इसके लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने प्रत्येक कोटे की दुकान के लिए एक.एक नोडल अफसर नामित कर इन्हें अपनी निगरानी में राशन वितरित कराने का निर्देश दे रखा है। तमाम प्रशासनिक कवायद के बावजूद तकरीबन 22 हजार कार्डधारक सरकारी राशन से वंचित हो गए। पूर्ति विभाग के आंकड़ों की मानें तो अप्रैल में करीब दो लाख 81 हजार कार्डधारकों ने ही कोटे की दुकान पहुंचकर राशन लिया। जबकि अंत्योदय कार्डधारकों के लिए मुफ्त राशन मुहैया कराने की व्यवस्था थी। ऐसे वक्त में 22 हजार कार्डधारकों तक सरकारी राशन नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसमें तीन तरह के कार्डधारक हो सकते हैं। कुछ कार्डधारक लॉकडाउन में बाहर फंसे हुए हो सकते हैं, जबकि कुछ मृतकों के नाम कार्ड चल रहे होंगे या फिर फर्जीकार्ड धारक हैं। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह का कहना है कि फिलहाल मुफ्त चावल वितरण कराया जा रहा है। इसके बाद राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों का सत्यापन कराया जाएगा। तभी साफ हो सकेगा कि इन कार्डधारकों ने किन परिस्थितियों में सरकारी राशन नहीं लिया है।
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