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ठंड में गायब लकड़ियों की शुरू हुई तलाश
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:58 AM IST
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ठंड में गायब लकड़ियों की शुरू हुई तलाश
-गायब सरकारी लकड़ी की तलाश में पिंडरा चौराहा पहुंचे रेंजर
-चौराहे पर घर-घर ली गई तलाशी, खेत में मिली कटी लकड़ी
मंझनपुर (ब्यूरो)। कड़ाके की ठंड और कोहरे की आड़ में सड़क किनारे से गायब हुए कीमती पेड़ों की तलाश वन विभाग ने शुरू कर दी है। रविवार दोपहर विभाग की टीम पिंडरा चौराहे पहुंची और लोगों के घर-घर तलाशी ली। हालांकि एक भी घर से गायब शीशम के पेड़ों की लकड़ी टीम के हाथ नहीं लग सकी। यहां से हटने के बाद रक्सवारा रोड पर काटकर कुछ दूर ले जाए गए शीशम के पेड़ की लकड़ी मिली। टीम ने उसकी लिखापढ़ी कर दी है।
कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच सड़क किनारे लगे वन विभाग के गिरे व सूखे पेड़ों की लाखों रुपए की लकड़ियां गायब हो गईं। इस खबर को अमर उजाला ने सात जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद हरकत में आए वन विभाग के जिम्मेदार रविवार को फील्ड में निकले। पिंडरा चौराहा पहुंची टीम में शामिल डिप्टी रेंजर व वन दरोगा ने पहले घर-घर लकड़ी की तलाश की। इसके बाद रक्सवारा रोड का भी कुछ दूरी तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पाया कि शीशम के एक पेड़ को काटकर कुछ दूर ले जाया गया था। माना जा रहा है कि टीम के आने की खबर पर लकड़ी माफिया मौके से फरार हो गए हैं। मामले में मंझनपुर रेंजर संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जांच कराई जा रही है। पेड़ों को गायब करने वाले आरोपी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।
शिविर लगाकर युवाओं को जागरूक करेगी पर्यावरण सेना
मंझनपुर (ब्यूरो)। सामाजिक सद्भावना एवं आपसी सौहार्द्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण सेना द्वारा जिले भर में शिविर का आयोजन किया जाएगा। पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी के निर्देश पर कार्यक्रम का आयोजन जनवरी माह के अंत में शुरू होगा। जिलाध्यक्ष शाहिद अली ने बताया कि शिविर में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, कन्या भ्रूण हत्या, नशा, भू-जल संचयन व एड्स जैसे सामाजिक मुद्दों पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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सूरज की चमक से पटरी पर लौटा जनजीवन
-सड़कों का टूटा सन्नाटा, बाजारों की बढ़ी रौनक
-पशु पक्षियों ने भी धूप होने पर महसूस की राहत
मंझनपुर (ब्यूरो)। आठ दिन तक लगातार कोहरे की चादर में ढके रहे दोआबा में रविवार सुबह से जनजीवन पटरी पर लौटता दिखा। सुबह सूरज की चमक होते ही सड़कों का सन्नाटा टूटता नजर आया तो दोपहर तक बाजारों में रौनक दिखने लगी। ठंड से कांप रहे जनमानस के साथ ही पशु-पक्षियों ने भी राहत महसूस की है।
जिले में 31 दिसंबर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिन रात घना कोहरा छाए रहने के कारण ठंड से जन मानस, पशु-पक्षी व पालतू मवेशी कांप रहे थे। इस दौरान लोगों को अलाव व रजाई में भी राहत नहीं मिल रही थी। सप्ताह भर कोहरे में ढके रहने के बाद रविवार सुबह सूरज की चमक पृथ्वी पर पड़ी तो अस्त-व्यस्त जनजीवन पटरी पर लौटता नजर आया। सुबह से ही सड़कों का सन्नाटा टूटता दिखा तो दस बजे तक बाजारों में भी रौनक दिखने लगी। ठंड के कारण सप्ताह भर से घरों में दुबके रहे लोग जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजार पहुंचे और खरीददारी की। बाजार में रौनक बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे भी खिले नजर आए। उधर रोंगटे खड़े कर कांप रहे जंगली जीव जंतु, पशु पक्षी व पालतू जानवरों को भी सूरज की गर्मी मिली तो उन्होंने राहत की सांस ली है। यूं कहें कि एक दिन की धूप ने अस्त-व्यस्त जनजीवन को पटरी पर ला दिया है।
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-गायब सरकारी लकड़ी की तलाश में पिंडरा चौराहा पहुंचे रेंजर
-चौराहे पर घर-घर ली गई तलाशी, खेत में मिली कटी लकड़ी
मंझनपुर (ब्यूरो)। कड़ाके की ठंड और कोहरे की आड़ में सड़क किनारे से गायब हुए कीमती पेड़ों की तलाश वन विभाग ने शुरू कर दी है। रविवार दोपहर विभाग की टीम पिंडरा चौराहे पहुंची और लोगों के घर-घर तलाशी ली। हालांकि एक भी घर से गायब शीशम के पेड़ों की लकड़ी टीम के हाथ नहीं लग सकी। यहां से हटने के बाद रक्सवारा रोड पर काटकर कुछ दूर ले जाए गए शीशम के पेड़ की लकड़ी मिली। टीम ने उसकी लिखापढ़ी कर दी है।
कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच सड़क किनारे लगे वन विभाग के गिरे व सूखे पेड़ों की लाखों रुपए की लकड़ियां गायब हो गईं। इस खबर को अमर उजाला ने सात जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद हरकत में आए वन विभाग के जिम्मेदार रविवार को फील्ड में निकले। पिंडरा चौराहा पहुंची टीम में शामिल डिप्टी रेंजर व वन दरोगा ने पहले घर-घर लकड़ी की तलाश की। इसके बाद रक्सवारा रोड का भी कुछ दूरी तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पाया कि शीशम के एक पेड़ को काटकर कुछ दूर ले जाया गया था। माना जा रहा है कि टीम के आने की खबर पर लकड़ी माफिया मौके से फरार हो गए हैं। मामले में मंझनपुर रेंजर संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जांच कराई जा रही है। पेड़ों को गायब करने वाले आरोपी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।
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शिविर लगाकर युवाओं को जागरूक करेगी पर्यावरण सेना
मंझनपुर (ब्यूरो)। सामाजिक सद्भावना एवं आपसी सौहार्द्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण सेना द्वारा जिले भर में शिविर का आयोजन किया जाएगा। पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी के निर्देश पर कार्यक्रम का आयोजन जनवरी माह के अंत में शुरू होगा। जिलाध्यक्ष शाहिद अली ने बताया कि शिविर में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, कन्या भ्रूण हत्या, नशा, भू-जल संचयन व एड्स जैसे सामाजिक मुद्दों पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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सूरज की चमक से पटरी पर लौटा जनजीवन
-सड़कों का टूटा सन्नाटा, बाजारों की बढ़ी रौनक
-पशु पक्षियों ने भी धूप होने पर महसूस की राहत
मंझनपुर (ब्यूरो)। आठ दिन तक लगातार कोहरे की चादर में ढके रहे दोआबा में रविवार सुबह से जनजीवन पटरी पर लौटता दिखा। सुबह सूरज की चमक होते ही सड़कों का सन्नाटा टूटता नजर आया तो दोपहर तक बाजारों में रौनक दिखने लगी। ठंड से कांप रहे जनमानस के साथ ही पशु-पक्षियों ने भी राहत महसूस की है।
जिले में 31 दिसंबर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिन रात घना कोहरा छाए रहने के कारण ठंड से जन मानस, पशु-पक्षी व पालतू मवेशी कांप रहे थे। इस दौरान लोगों को अलाव व रजाई में भी राहत नहीं मिल रही थी। सप्ताह भर कोहरे में ढके रहने के बाद रविवार सुबह सूरज की चमक पृथ्वी पर पड़ी तो अस्त-व्यस्त जनजीवन पटरी पर लौटता नजर आया। सुबह से ही सड़कों का सन्नाटा टूटता दिखा तो दस बजे तक बाजारों में भी रौनक दिखने लगी। ठंड के कारण सप्ताह भर से घरों में दुबके रहे लोग जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजार पहुंचे और खरीददारी की। बाजार में रौनक बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे भी खिले नजर आए। उधर रोंगटे खड़े कर कांप रहे जंगली जीव जंतु, पशु पक्षी व पालतू जानवरों को भी सूरज की गर्मी मिली तो उन्होंने राहत की सांस ली है। यूं कहें कि एक दिन की धूप ने अस्त-व्यस्त जनजीवन को पटरी पर ला दिया है।