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बालू में लगेगी जीएसटी, परसेंट पर नहीं बन सकी अभी बात

Fri, 11 Aug 2017 12:49 AM IST
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:49 AM IST
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बालू में लगेगी जीएसटी, परसेंट पर नहीं बन सकी अभी बात
बालू में लगेगा जीएसटी
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जीएसटी लगने पर और महंगी होगी बालू, कारोबारी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
बालू कारोबार में जीएसटी लगाने की तैयारी है। इसको लेकर अधिकारियों की बैठक हो चुकी है, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका है। खनन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही प्रतिशत तय कर दिया जाएगा। इसके बाद उसी हिसाब से बालू घाटों के आवंटन की प्रक्रिया कराई जाएगी।
पांच साल के लिए बालू घाटों की ई-टेंडरिंग कराने की तैयारी तेज हो चुकी है। सौ बालू घाटों को चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। एक घाट 60 एकड़ का होगा। रायल्टी के हिसाब से सरकारी रेट एक घाट का 35 करोड़ रुपये तय किया गया है। टेंडर डालने वाले इससे अधिक की ही रकम डालेंगे। इसकी पूरी संभावना है। ई-टेंडरिंग के साथ बालू में जीएसटी लगाने की तैयारी है। इसको लेकर शासन स्तर के अधिकारियों से खनन अधिकारी की बैठक भी हो चुकी है। बैठक में यह साफ नहीं हो सका कि कितने फीसदी जीएसटी बालू के कारोबार में लगाया जाए। इस पर सरकार अभी विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी लगना तय है। कितने प्रतिशत जीटीएसी लगाकर टैक्स वसूला जाएगा, अभी इसकी जानकारी नहीं है। बालू खनन में जीएसटी लगने से कारोबारियों की नींद उड़ गई है। जीएसटी लगने पर बालू घाटों के दामों में इजाफा हो सकता है अथवा रायल्टी की कीमत बढ़ाई जा सकती है। खनन विभाग जिस हिसाब से बालू घाटों को चिह्नित कर आवंटन प्रक्रिया कराने जा रहे हैं, उससे साफ है कि बालू का कारोबार 35 अरब रुपये से बढ़कर सवा गुना हो सकता है। बालू का भाव सोने के भाव की तरह प्रतिदिन चढ़ता जा रहा है। इसको लेकर छोटे कारोबारी चिंतित हैं।
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चुनिंदा घाटों पर कारोबारियों का रहेगा फोकस
बालू घाटों की ई-टेंडरिंग में फिलहाल बालू कारोबारियों का सारा फोकस चुनिंदा घाटों पर ही रहेगा। कारोबारियों को मानना है कि कुछ बालू घाट ही ऐसे हैं, जहां बालू होती हैं, बाकी घाटों पर दोयम दर्जे की बालू होती हैं, कई घाट तो ऐसे हैं, जहां बालू ही नहीं रहती है। ऐसे में ठेकेदारों का सारा जोर चुनिंदा घाटों को हथियाने पर रहेगा। इसको लेकर ठेकेदारों के बीच रॉर मच सकती है।
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रायल्टी के साथ बढ़ता गया बालू का दाम
जिले में बालू खनन को लेकर अधिकारी समय-समय पर रायल्टी बढ़ाते रहे। पहले रायल्टी 33 रुपये प्रति घनमीटर थी, इसके बाद 66 रुपया हुआ और अब प्रति घन मीटर रायल्टी की कीमत 150 रुपया है। इलाहाबाद से भी ज्यादा जिले की रायल्टी है। यही कारण है कि बालू घाट की कीमत घन मीटर के हिसाब से 35 करोड़ पहुंच गई है। इनके दाम सुनकर ही लोग चौंक जाते हैं।


क्या कहते हैं अधिकारी
बालू खनन में जीएसटी लगने की संभावना है। बैठक हुई है लेकिन यह तय नहीं हो सका कि कितने प्रतिशत टैक्स लगेगा। जल्द ही इसका भी फैसला हो जाएगा।
राजरंजन
खनन अधिकारी
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