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ई-रवन्ने पर लगी शासन की मुहर, ओवरलोड पर ब्रेक

Thu, 13 Jul 2017 09:23 PM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 09:23 PM IST
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ई-रवन्ने पर लगी शासन की मुहर, ओवरलोड पर ब्रेक
मंझनपुर।
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जिले के बालू खनन और परिवहन पर शासन ने ई-रवन्ने का शिकंजा आखिरकार कस ही दिया। माह भर पहले शुरू हुई पहल पर शासन ने मुहर लगाते हुए एक अगस्त से ई-रवन्ने को प्रयोग में लाए जाने का फरमान जारी कर दिया। ई-रवन्ना लेने के लिए बालू पट्टाधारकों के आधार पत्र सहित सभी दस्तावेज निदेशालय में रखे जाएंगे। इस आशय का फरमान शासन ने जिले के खनन कार्यालय को भेज दिया है।

जिले के बालू पट्टाधारकों द्वारा एमएम-11 (रवन्ना) के नाम पर जमकर खेल किया जाता था। एक घाट का रवन्ना दूसरे घाट पर प्रयोग करने के साथ ही फर्जी रवन्ने भी ट्रक चालकों को देकर परिवहन कराया जाता था। इससे जिले में अवैध खनन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अवैध परिवहन भी जमकर होता था। सूबे की योगी सरकार ने पट्टाधारकों के इस खेल पर पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है।
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माह भर पहले शुरू हुई शासन की पहल अब मूर्त रूप ले चुकी है। जिले में अब एक अगस्त से बालू परिवहन व एक अक्तूबर से शुरू होने वाले खनन में निदेशालय से जारी होने वाले एमएम-11 की जगह ई-रवन्ने का प्रयोग किया जाएगा। इस आशय का फरमान अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने जिले के खनन निरीक्षक को भेजा है।
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शासन का फरमान मिलने के बाद खनन विभाग पट्टेधारकों पर शिकंजा कसने की कवायद में जुट गया है। माना जा रहा है कि इससे बालू के अवैध खनन व परिवहन में चल रहे रवन्ने के खेल पर पूरी तरह से अंकुश लगने की संभावना है।

ई-रवन्ने पर लगी शासन की मुहर
एक अगस्त से लागू करने का जारी हुआ निर्देश, ओवरलोड पर ब्रेक लगने के आसार
पट्टाधारकों का आधार कार्ड सहित सभी दस्तावेज रखेगा खनन विभाग



विषम परिस्थितियों में रहेगा एमएम-11 का प्राविधान
बालू खनन और परिवहन के दौरान पट्टाधारकों के समक्ष ई-रवन्ना निकाले जाने में घाटों पर कभी-कभी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसी दशा में खनन व परिवहन का काम प्रभावित न होने देने के लिए डीएम के निर्देश पर खनन निदेशालय से मुद्रित एमएम-11 संबंधित पट्टाधारक को जारी किया जाएगा। मगर यह व्यवस्था विषम परिस्थितियों में ही लागू होगी। बहानेबाजी कर कोई भी पट्टाधारक एमएम-11 हासिल नहीं कर सकेगा। अफसर पूरे मामले की जांच करने के बाद ही इसे जारी करेंगे। यह व्यवस्था भी शासन की ओर से की गई है। अपर मुख्य सचिव के पत्र में इसका भी उल्लेख है।


निदेशालय की टीम जुटाएगी दस्तावेज
जिले में बालू घाटों का पट्टा लेने वालों के आधार कार्ड सहित सभी प्रकार के दस्तावेज जुटाने के लिए निदेशालय की टीम जिले में रहेगी। एक-एक पट्टाधारक से संपर्क कर उसके मूल हस्ताक्षर व अन्य दस्तावेज जुटाए जाएंगे। इन दस्तावेज और हस्ताक्षर को खनन विभाग के पोर्टल पर डाला जाएगा। नेट के माध्यम से जारी होने वाला ई-रवन्ना मशीन से तभी निकलेगा जब पोर्टल पर फीड पट्टाधारक का हस्ताक्षर मेल करेगा।



क्या कहते हैं अधिकारी
ई-रवन्ना लागू होने से ओवरलोड परिवहन पूरी तरह से रुक जाएगा। एक बालू घाट का रवन्ना दूसरे बालू घाट से संचालित नहीं हो सकेगा। इससे अवैध खनन रोकने में भी बड़ी मदद मिलेगी। एक अगस्त से इसे पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।
राजरंजन, खनन निरीक्षक
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